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जीएसटीआर-3बी में हुए बदलाव से बढ़ी परेशानी
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Businessmen given memorandam of thier demands in commercial tax department
- फोटो : CITY DESK
कैट के बैनर तले व्यापारियों ने सौंपा एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन को ज्ञापन
प्रयागराज। जीएसटीआर-3 बी ने व्यापारियों को खासा परेशान कर दिया है। खासतौर से ऐसे व्यापारी जिन्हें कंप्यूटर का ज्ञान नहीं है। ऐसे व्यापारी अब 2ए को डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं। इसका सीधा नुकसान उनके इनपुट क्रेडिट पर पड़ा है। व्यापारियों को डर है कि कहीं उन्हें विभागीय नोटिसों को शिकार न होना पड़ जाए। इस समस्या को लेकर व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन एके राय से मुलाकात की। उनसे कहा गया कि जीएसटीआर-3बी बदलाव को वापस लिया जाए।
दरअसल नौ अक्तूबर 2019 को ही केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं कस्टम विभाग की ओर से नोटिफिकेशन संख्या 49 के माध्यम से जीएसटीआर-3बी में बदलाव किया गया। इस बदलाव से छोेटे व्यापारियों के इनपुट टैक्स क्रेडिट पर प्रभाव पड़ने लगा। इसे देखते हुए कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के बैनर तले व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को एडिशन कमिश्नर ग्रेड वन एके राय से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान कहा कि अभी तक स्वत: जीएसटीआर-3बी भर लेने वाले व्यापारी को भी टैक्स प्रैक्टिशनर का सहारा लेना होगा। इसका भुगतान करने के कारण उसके लाभ पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि 1.5 करोड़ तक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को जीएसटीआर-1 त्रैमासिक आधार पर दाखिल करना होता है। उसके द्वारा जारी इनवायस तीन माह उपरांत 2ए में दिखाई देगी। इस वजह से तीन माह तक इनपुट टैक्स क्रेडिट रुक जाने के कारण छोटे व्यापारी से माल खरीदना कम हो जाएगा। ऐसे में छोटे व्यापारी का व्यापार खत्म हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि इस बदलाव को वापस लिया जाए। इस दौरान विभु अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अजय अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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प्रयागराज। जीएसटीआर-3 बी ने व्यापारियों को खासा परेशान कर दिया है। खासतौर से ऐसे व्यापारी जिन्हें कंप्यूटर का ज्ञान नहीं है। ऐसे व्यापारी अब 2ए को डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं। इसका सीधा नुकसान उनके इनपुट क्रेडिट पर पड़ा है। व्यापारियों को डर है कि कहीं उन्हें विभागीय नोटिसों को शिकार न होना पड़ जाए। इस समस्या को लेकर व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन एके राय से मुलाकात की। उनसे कहा गया कि जीएसटीआर-3बी बदलाव को वापस लिया जाए।
दरअसल नौ अक्तूबर 2019 को ही केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं कस्टम विभाग की ओर से नोटिफिकेशन संख्या 49 के माध्यम से जीएसटीआर-3बी में बदलाव किया गया। इस बदलाव से छोेटे व्यापारियों के इनपुट टैक्स क्रेडिट पर प्रभाव पड़ने लगा। इसे देखते हुए कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के बैनर तले व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को एडिशन कमिश्नर ग्रेड वन एके राय से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान कहा कि अभी तक स्वत: जीएसटीआर-3बी भर लेने वाले व्यापारी को भी टैक्स प्रैक्टिशनर का सहारा लेना होगा। इसका भुगतान करने के कारण उसके लाभ पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
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कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि 1.5 करोड़ तक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को जीएसटीआर-1 त्रैमासिक आधार पर दाखिल करना होता है। उसके द्वारा जारी इनवायस तीन माह उपरांत 2ए में दिखाई देगी। इस वजह से तीन माह तक इनपुट टैक्स क्रेडिट रुक जाने के कारण छोटे व्यापारी से माल खरीदना कम हो जाएगा। ऐसे में छोटे व्यापारी का व्यापार खत्म हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि इस बदलाव को वापस लिया जाए। इस दौरान विभु अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अजय अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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