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बीटीसी अंडर एज अभ्यर्थियों के मामले में सुनवाई 24 को
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 22 Oct 2016 02:31 AM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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बीटीसी सत्र 2015-16 में 18 वर्ष से कम आयु के अभ्यर्थियों के दाखिले पर हाईकोर्ट 24 अक्तूबर को सुनवाई करेगा। इस बीच अदालत ने राज्य सरकार को हलफनामा दाखिल कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। इससे पूर्व एकल पीठ ने इन अभ्यर्थियों की याचिकाएं खारिज कर दीं जिसे विशेष अपील में चुनौती दी गई है। याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है।
बीटीसी पाठ्यक्रम में दाखिले के ऐसे तमाम अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था जिनकी आयु आवेदन के समय 18 वर्ष से कम थी। आयु कम होने के आधार पर उनका आवेदन रद्द कर दिया गया। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। एकल न्यायपीठ ने अंतरिम आदेश के तहत अंडर एज अभ्यर्थियों को दाखिला देने का निर्देश दिया था, मगर यह शर्त रखी थी कि उनका दाखिला याचिका पर अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। बाद में एकलपीठ ने याचिकाएं खारिज कर दी। इसके बाद ऐसे 196 अंडर ऐज अभ्यर्थियों का दाखिला भी निरस्त कर दिया गया।
एकल पीठ को विशेष अपील में चुनौती दी गई है। कहा गया कि अभ्यर्थीगण आवेदन के समय 18 वर्ष से कम थे मगर दाखिले के समय 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं इसलिए दाखिले की अर्हता रखते हैं। प्रदेश सरकार का कहना है कि सुप्रीमकोर्ट ने 21 सितंबर दाखिले की अंतिम तिथि तय की है। यह तिथि बीत चुकी है। इसलिए अब दाखिले नहीं हो सकते हैं। यह भी कहा गया कि राजकीय कालेजों में सीटें कम होने के कारण इनके दाखिले से अधिकतम आयु सीमा (35 वर्ष) वालों के दाखिले के लिए सीट कम हो जाएगी। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को 24 अक्तूबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी।
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बीटीसी पाठ्यक्रम में दाखिले के ऐसे तमाम अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था जिनकी आयु आवेदन के समय 18 वर्ष से कम थी। आयु कम होने के आधार पर उनका आवेदन रद्द कर दिया गया। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। एकल न्यायपीठ ने अंतरिम आदेश के तहत अंडर एज अभ्यर्थियों को दाखिला देने का निर्देश दिया था, मगर यह शर्त रखी थी कि उनका दाखिला याचिका पर अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। बाद में एकलपीठ ने याचिकाएं खारिज कर दी। इसके बाद ऐसे 196 अंडर ऐज अभ्यर्थियों का दाखिला भी निरस्त कर दिया गया।
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एकल पीठ को विशेष अपील में चुनौती दी गई है। कहा गया कि अभ्यर्थीगण आवेदन के समय 18 वर्ष से कम थे मगर दाखिले के समय 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं इसलिए दाखिले की अर्हता रखते हैं। प्रदेश सरकार का कहना है कि सुप्रीमकोर्ट ने 21 सितंबर दाखिले की अंतिम तिथि तय की है। यह तिथि बीत चुकी है। इसलिए अब दाखिले नहीं हो सकते हैं। यह भी कहा गया कि राजकीय कालेजों में सीटें कम होने के कारण इनके दाखिले से अधिकतम आयु सीमा (35 वर्ष) वालों के दाखिले के लिए सीट कम हो जाएगी। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को 24 अक्तूबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी।
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