{"_id":"58c457684f1c1b0311dc4326","slug":"bsp-snatching-handiya-assembly-from-sp","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा से बसपा ने छीन ली हंडिया विधानसभा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा से बसपा ने छीन ली हंडिया विधानसभा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 12 Mar 2017 02:14 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हंडिया विधानसभा सीट से सपा और बसपा के जीत का क्रम इस बार भी जारी रहा। इस बार ये सीट सपा से बसपा ने छीन ली। यहां पिछले कुछ चुनाव से ऐसा ही चल रहा है। वर्ष 2002 में यहां सपा ने जीत हासिल की थी। इसके बाद 2007 में बसपा ने यहां अपनी विजय पताका फहराई। 2012 के चुनाव में ये सीट एक बार फिर से सपा के खाते में चली गई। इस बार मोदी लहर होने के बावजूद बसपा ये सीट वापस सपा से छीनकर जिले में अपनी प्रतिष्ठा बचाने में कुछ हद तक कामयाब जरूर हो गई।
यूं तो हंडिया विधानसभा सीट पूर्व विधायक राकेश धर त्रिपाठी का गढ़ मानी जाती रही है। इस बार राकेश धर की पत्नी प्रमिला त्रिपाठी अपना दल-भाजपा गठबंधन के टिकट पर चुनाव लड़ीं। हालांकि प्रमिला के साथ ही उनके पुत्र प्रभात त्रिपाठी ने भी चुनावी मैदान में अपनी ताल ठोंक दी। एक सीट पर मां और बेटे के आमने सामने खड़े हो जाने से यहां मुकाबला दिलचस्प हो गया, लेकिन दोनों को ही हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में बसपा ने हाकिम लाल को अपना प्रत्याशी बनाया, जबकि सपा ने यूपी बोर्ड के पूर्व सचिव एवं एमएलसी बासुदेव यादव की बेटी निधि यादव को चुनाव मैदान में उतारा। हंडिया विधानसभा क्षेत्र में एक लाख यादव, 70 हजार ब्राह्मण, 60 हजार दलित, 10 हजार ठाकुर एवं अन्य जातियों के 40 हजार मतदाता हैं।
लेकिन चुनाव में जीत बसपा के खाते में ही आई। वर्ष 2012 में सपा और उसके बाद विधायक महेश नारायण सिंह की मौत के बाद हुए उप चुनाव में महेश के पुत्र प्रशांत सिंह ने जीत हासिल की। शनिवार को जब मतगणना हुई तो शुरूआत से ही निधि यादव हाकिम और प्रमिला त्रिपाठी से पीछे हो गईं, लेकिन प्रमिला पिछड़ीं तो पिछड़ती ही चली गईं। अंत में हाकिम के खाते में ही जीत आई। हालांकि पिछले चुनाव के विजयी प्रत्याशी के मुकाबले हाकिम को कम मत मिले। वर्ष 2012 में यहां महेश नारायण को 72898 मत मिले थे, लेकिन हाकिम को इस बार 72446 ही मत मिले। राकेश धर के बेटे प्रभात त्रिपाठी को महज 973 ही मत मिल सके।
विज्ञापन
00000000
जीत का अंतर
8526
00000000000
विधायक की प्रोफाइल
हाकिम लाल बिंद
आयु- 39 वर्ष
प्रत्याशी एवं आश्रितों के पास तकरीबन 60 लाख रुपये लागत की चल संपत्ति है। बैंक, वित्तीय संस्थानों और अन्य से तकरीबन 28 लाख 93 हजार का ऋण है। प्रत्याशी के पास फिगो और सफारी जैसे वाहन तो है लेकिन उनके पास अपना घर और जमीन नहीं है।
0000000
किसको कितने मिले वोट
हाकिम लाल (बसपा) 72446
प्रमिला देवी (अपना दल) 63920
निधि यादव (सपा) 55403
अवधेश कुमार (निर्दलीय) 2995
मिठाई लाल (बहुजन आवाम पार्टी) 1448
000000000000
अन्य प्रत्याशी
विजय बहादुर 1349, प्रभात त्रिपाठी 973, स्नेह लता यादव 588, मंगला प्रसाद 587
00
0 चुनाव जीतने के बाद हुई बातचीत में हाकिम लाल ने कहा कि हंडिया विधानसभा क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है। यहां प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने बसपा के वोटरों का आभार भी जताया। कहा कि क्षेत्र के हर एक गांव तक सड़क, बिजली पहुंचाना उनका प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए वे जी जान से अगले साल तक मेहनत करेंगे।
विज्ञापन
यूं तो हंडिया विधानसभा सीट पूर्व विधायक राकेश धर त्रिपाठी का गढ़ मानी जाती रही है। इस बार राकेश धर की पत्नी प्रमिला त्रिपाठी अपना दल-भाजपा गठबंधन के टिकट पर चुनाव लड़ीं। हालांकि प्रमिला के साथ ही उनके पुत्र प्रभात त्रिपाठी ने भी चुनावी मैदान में अपनी ताल ठोंक दी। एक सीट पर मां और बेटे के आमने सामने खड़े हो जाने से यहां मुकाबला दिलचस्प हो गया, लेकिन दोनों को ही हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में बसपा ने हाकिम लाल को अपना प्रत्याशी बनाया, जबकि सपा ने यूपी बोर्ड के पूर्व सचिव एवं एमएलसी बासुदेव यादव की बेटी निधि यादव को चुनाव मैदान में उतारा। हंडिया विधानसभा क्षेत्र में एक लाख यादव, 70 हजार ब्राह्मण, 60 हजार दलित, 10 हजार ठाकुर एवं अन्य जातियों के 40 हजार मतदाता हैं।
विज्ञापन
लेकिन चुनाव में जीत बसपा के खाते में ही आई। वर्ष 2012 में सपा और उसके बाद विधायक महेश नारायण सिंह की मौत के बाद हुए उप चुनाव में महेश के पुत्र प्रशांत सिंह ने जीत हासिल की। शनिवार को जब मतगणना हुई तो शुरूआत से ही निधि यादव हाकिम और प्रमिला त्रिपाठी से पीछे हो गईं, लेकिन प्रमिला पिछड़ीं तो पिछड़ती ही चली गईं। अंत में हाकिम के खाते में ही जीत आई। हालांकि पिछले चुनाव के विजयी प्रत्याशी के मुकाबले हाकिम को कम मत मिले। वर्ष 2012 में यहां महेश नारायण को 72898 मत मिले थे, लेकिन हाकिम को इस बार 72446 ही मत मिले। राकेश धर के बेटे प्रभात त्रिपाठी को महज 973 ही मत मिल सके।
विज्ञापन
00000000
जीत का अंतर
8526
00000000000
विधायक की प्रोफाइल
हाकिम लाल बिंद
आयु- 39 वर्ष
प्रत्याशी एवं आश्रितों के पास तकरीबन 60 लाख रुपये लागत की चल संपत्ति है। बैंक, वित्तीय संस्थानों और अन्य से तकरीबन 28 लाख 93 हजार का ऋण है। प्रत्याशी के पास फिगो और सफारी जैसे वाहन तो है लेकिन उनके पास अपना घर और जमीन नहीं है।
0000000
किसको कितने मिले वोट
हाकिम लाल (बसपा) 72446
प्रमिला देवी (अपना दल) 63920
निधि यादव (सपा) 55403
अवधेश कुमार (निर्दलीय) 2995
मिठाई लाल (बहुजन आवाम पार्टी) 1448
000000000000
अन्य प्रत्याशी
विजय बहादुर 1349, प्रभात त्रिपाठी 973, स्नेह लता यादव 588, मंगला प्रसाद 587
00
0 चुनाव जीतने के बाद हुई बातचीत में हाकिम लाल ने कहा कि हंडिया विधानसभा क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है। यहां प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने बसपा के वोटरों का आभार भी जताया। कहा कि क्षेत्र के हर एक गांव तक सड़क, बिजली पहुंचाना उनका प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए वे जी जान से अगले साल तक मेहनत करेंगे।