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Prayagraj News: देश की आकाशीय सुरक्षा के लिए संगमनगरी से मिलती है जांबाजों को उड़ान
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प्रयागराज स्थित मध्य वायु कमान मुख्यालय का जहां एक ओर गौरवशाली इतिहास रहा है तो वहीं बमरौली स्थित एयरफोर्स स्टेशन का बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल (बीएफटीएस) 38 वर्षों से देश के जांबाज सैन्य पायलटों की नींव तैयार करने का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। शुक्रवार को ट्रेनिंग स्कूल अपनी स्थापना के 39 वर्ष पूरा करेगा।
बीएफटीएस की स्थापना नौ अक्तूबर 1987 को की गई थी। शुरुआती दौर में एयरफोर्स अकादमी की क्षमता पूरी होने के कारण प्रयागराज के बमरौली में ‘एब-इनिशियो’ (प्रारंभिक) फ्लाइंग ट्रेनिंग प्रतिष्ठान स्थापित करने का निर्णय लिया गया था।
तब यहां स्वदेश में विकसित एचपीटी-32 विमान के जरिये युवा कैडेटों को उड़ान का पहला अनुभव कराया जाता था। दिसंबर 2005 में आखिरी एचपीटी-32 विमान ने बमरौली से उड़ान भरी और इसके साथ ही यहां चेतक हेलीकॉप्टरों के नए युग की शुरुआत हुई। एक फरवरी 2006 से चेतक हेलीकॉप्टरों पर सैन्य पायलटों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक शुरू कर दिया गया।
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यहां थल सेना और तटरक्षक बल समेत विभिन्न सुरक्षा बलों के पायलटों को हेलीकॉप्टर उड़ान का स्टेज वन प्रशिक्षण दिया जाता है। अब तक यहां से 40 पायलट कोर्स सफलतापूर्वक पास आउट हो चुके हैं, जिनके माध्यम से 1150 से अधिक कुशल सैन्य पायलट देश की सेवा के लिए तैयार किए जा चुके हैं।
एयर शो में बीएफटीएस हेलीकॉप्टर ने फहराया था वायुसेना ध्वज
संगमनगरी में अक्तूबर 2023 में वायु सेना दिवस के अवसर पर त्रिवेणी संगम के ऊपर हुए एयर शो के दौरान बीएफटीएस के एक हेलीकॉप्टर ने नए वायु सेना ध्वज को गर्व के साथ फहराया। रक्षा विभाग के प्रवक्ता देवार्थों धर ने बताया कि बीएफटीएस की बड़ी भूमिका है। इसके माध्यम से लगातार सैन्य पायलट तैयार किए जा रहे हैं।
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बीएफटीएस की स्थापना नौ अक्तूबर 1987 को की गई थी। शुरुआती दौर में एयरफोर्स अकादमी की क्षमता पूरी होने के कारण प्रयागराज के बमरौली में ‘एब-इनिशियो’ (प्रारंभिक) फ्लाइंग ट्रेनिंग प्रतिष्ठान स्थापित करने का निर्णय लिया गया था।
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तब यहां स्वदेश में विकसित एचपीटी-32 विमान के जरिये युवा कैडेटों को उड़ान का पहला अनुभव कराया जाता था। दिसंबर 2005 में आखिरी एचपीटी-32 विमान ने बमरौली से उड़ान भरी और इसके साथ ही यहां चेतक हेलीकॉप्टरों के नए युग की शुरुआत हुई। एक फरवरी 2006 से चेतक हेलीकॉप्टरों पर सैन्य पायलटों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक शुरू कर दिया गया।
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यहां थल सेना और तटरक्षक बल समेत विभिन्न सुरक्षा बलों के पायलटों को हेलीकॉप्टर उड़ान का स्टेज वन प्रशिक्षण दिया जाता है। अब तक यहां से 40 पायलट कोर्स सफलतापूर्वक पास आउट हो चुके हैं, जिनके माध्यम से 1150 से अधिक कुशल सैन्य पायलट देश की सेवा के लिए तैयार किए जा चुके हैं।
एयर शो में बीएफटीएस हेलीकॉप्टर ने फहराया था वायुसेना ध्वज
संगमनगरी में अक्तूबर 2023 में वायु सेना दिवस के अवसर पर त्रिवेणी संगम के ऊपर हुए एयर शो के दौरान बीएफटीएस के एक हेलीकॉप्टर ने नए वायु सेना ध्वज को गर्व के साथ फहराया। रक्षा विभाग के प्रवक्ता देवार्थों धर ने बताया कि बीएफटीएस की बड़ी भूमिका है। इसके माध्यम से लगातार सैन्य पायलट तैयार किए जा रहे हैं।