प्रयागराज : सरस्वती हाईटेक सिटी का हिस्सा होगी बीपीसीएल की जमीन, यूपीसीडा को दी जाएगी भूमि
बीपीसीएल को बंद करने के साथ उसकी मशीनरी की भी नीलामी हो चुकी है। इससे खाली हुई 231 एकड़ जमीन को सरस्वती हाईटेक सिटी का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को दी जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नैनी में भारत पंप्स एंड कंप्रेशर्स लिमिटेड (बीपीसीएल) के बंद होने से खाली हुई जमीन अब सरस्वती हाईटेक सिटी का हिस्सा होगी। इसके लिए शासन स्तर पर सहमति बन गई है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसी के साथ इस जमीन पर नए उद्योग लगाने की योजना भी शुरू हो गई है।
बीपीसीएल को बंद करने के साथ उसकी मशीनरी की भी नीलामी हो चुकी है। इससे खाली हुई 231 एकड़ जमीन को सरस्वती हाईटेक सिटी का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को दी जाएगी। शासन स्तर पर सहमति के बाद यूपीसीडा को जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कैबिनेट की बैठक में जल्द इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
डीएम संजय कुमार खत्री का कहना है कि जमीन हस्तांतरित करने को लेकर प्रस्ताव आया है। इस पर सहमति भी बन गई है। हालांकि, अभी तक शासन से कोई आदेश नहीं आया है। आदेश मिलने के बाद जमीन यूपीसीडा को हस्तांतरित कर दी जाएगी।
लगेगा सोलर प्लांट एवं वेयर हाउसिंग का कारखाना
बीपीसीएल से खाली हुई जमीन यूपीसीडा को हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ उस पर नए उद्योग लगाने की कवायद भी शुरू हो गई है। सोलर प्लांट एवं वेयर हाउसिंग कारखाना के लिए प्रस्ताव भी आ चुके हैं। जल्द ही इन उद्योगों को लगाने के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यमुनापार का इलाका सोलर प्लांट के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। इसकी वजह से यह क्षेत्र सोलर प्लांट का हब बनता दिख रहा है। इसी क्रम में बीपीसीएल से खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाने का प्रस्ताव आया है।
रेलवे का समर्पित मालभाड़ा गलियारा भी करछना स्टेशन पर प्रस्तावित है। ऐसे में उद्योगों के लिए जरूरी कच्चे माल एवं उत्पादों की ढुलाई की समस्या भी दूर हो जाएगी। इसे देखते हुए नैनी एवं आसपास के क्षेत्रों में अन्य उद्योगों के भी आने की उम्मीद है।
इसी क्रम में कोलकाता के उद्यमी ने लॉजिस्टिक वेयर हाउसिंग का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए प्रक्रिया भी आगे बढ़ गई है। यूपीसीडा के अफसरों के अनुसार बीपीसीएल की जमीन यूपीसीडा को हस्तांतरित किए जाने के बाद वेयर हाउसिंग के लिए भी आगेे की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
रिफाइनरी की जमीन पर भी सोलर प्लांट लगाने की तैयारी
शंकरगढ़ में रिफाइनरी की जमीन पर भी सोलर प्लांट लगाने की योजना है। सोलर प्लांट भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से लगाया जाएगा। इसके लिए भी जरूरी कार्रवाई शुरू होने की बात कही जा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार को प्रस्ताव से जुड़े अफसरों के बीच चर्चा भी हुई। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत का कहना है कि इसका प्रस्ताव आया है। जिला प्रशासन की मदद से जल्द ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।