फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Boycott of district judge's court continues

जिला जज की अदालत का बहिष्कार जारी

Thu, 12 Dec 2019 02:21 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 02:21 AM IST
विज्ञापन
Boycott of district judge's court continues
प्रयागराज। जिला न्यायालय के वकीलों का जिला जज की अदालत में न्यायिक कार्य का बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने जिला जज की अदालत को छोड़ कर अन्य अदालतों में काम काज किया। बुधवार को अधिवक्ता संघ की आम सभा में जिला जज की कोर्ट के अलावा अन्य अदालतों में न्यायिक कार्य किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। संघ के प्रस्ताव को न मानने से नाराज अधिवक्ता संघ ने यह निर्णय मंगलवार को आमसभा में लिया था।
विज्ञापन

संघ के मंत्री राकेश कुमार दुबे ने बताया कि नौ दिसंबर को जिला जज ने संघ के प्रस्ताव को नहीं माना था। 10 दिसंबर को संघ की आमसभा ने जिला जज की अदालत में काम न करने का निर्णय निर्णय लिया था। मंत्री का कहना है कि बुधवार को हुई आमसभा में प्रशासनिक जज से हुई वार्ता से संघ के सदस्यों को अवगत कराया गया है। वार्ता से कोई हल न निकलने से आमसभा में निर्णय लिया गया है कि अधिवक्ता जिला जज की अदालत में न्यायिक कार्य नहीं करेंगे और अन्य अदालतों में न्यायिक कार्य करेंगे। बुधवार को वकीलों ने अन्य अदालतों में शांतिपूर्वक न्यायिक कार्य किया है। संघ ने बार और बेंच में उत्पन्न संपूर्ण प्रकरण की जानकारी उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, बार कौंसिल ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश के चेयरमैन और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, मंत्री को पंजीकृत डाक से भेज दी है।
विज्ञापन

संघ के अध्यक्ष हरिसागर मिश्र ने आमसभा की अध्यक्षता की । सभा में पूर्व अध्यक्षगण कृष्ण बिहारी तिवारी, उमाशंकर तिवारी, भगवत प्रसाद पांडेय, पूर्व मंत्री दिनेश श्रीवास्तव, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र रज्जू, कृष्ण चन्द मिश्र बऊ सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जमानतों की नहीं हो पा रही सुनवाई वादकारी परेशान
प्रयागराज। वकीलों के जिला जज की कोर्ट का बहिष्कार किए जाने के संघ के निर्णय से जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। जिससे जेल में बंद और अग्रिम जमानत अर्जी प्रस्तुत करने वाले वादकारियों को खासी परेशानी हो रही है। डीजीसी गुलाब अग्रहरि ने बताया कि जिला जज की कोर्ट में मंगलवार और बुधवार दो दिन में लगभग 85 जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई के लिए तारीख नियत थी। सुनवाई न होने के कारण जमानत अर्जियों में तारीखें ही लग रही हैं। जमानत पर सुनवाई न होने से वादकारी परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed