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जन्मे कृष्ण कन्हाई, घर-घर बाजी बधाई
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 26 Aug 2016 01:58 AM IST
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allahabad
इलाहाबाद। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बृहस्पतिवार को श्रद्धा एवं उल्लास के साध मनाया गया। भोर से लेकर आधी रात के बाद तक तकरीबन पूरा शहर कान्हा जनम के उल्लास और जन्मोत्सव की तैयारियों में जुटा रहा। इस्कॉन सहित शहर के विभिन्न राधाकृष्ण मंदिरों में कान्हा जनम की धूम रही। सलोरी से लेकर मीरापुर ललिता पीठ और दारागंज से लेकर धूमनगंज तक घर-मंदिर में कान्हा जनम की खुशियां बांटी. सहेजी गईं। पुलिस लाइंस, फायर बिग्रेड सहित शहर के थानों में भी कान्हा जन्मोत्सव पर अनेक धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। देर रात तक पटाखों की गूंज रही।
इस्कॉन सहित शहर के प्रमुख मंदिरों को ्िबजली की झालरों से सजाया गया। आकर्षक झांकियों के बीच भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की विविध छवियां जीवंत हुई। भजन, बिरहा, नाटक, नौटंकी सहित विविधतापूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में श्रीकृष्ण के लीला प्रसंगों का बखान रहा। शहर के कान्हा मंदिरों की ओर जाने वाले रास्तों पर भीड़ रही। आधी रात के बाद तक लोगों के आने-जाने का सिलसिला बना रहा।
श्रद्धालुओं ने व्रत रखा और झांकी सजाकर कान्हा का जन्मोत्सव मनाया। विभिन्न संस्थाओं की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। शाम से ही घरों, मंदिरों में शुरू हुए भजन कीर्तन का सिलसिला जन्म के बाद भी जारी रहा। आधी रात को कान्हा जन्म की लीला हुई तो शंखनाद सहित घंटा, घड़ियाल से पूरा क्षेत्र गूंजा। ‘नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की’का जयघोष गूंजा। कई जगहों पर आतिशबाजी भी हुई। जगह-जगह सजी आकर्षक झांकियों को देखने के लिए देर रात तक लोगों का जुटना जारी रहा। पुलिस लाइंस और फायर ब्रिगेड में सजी झांकियों ने शहरियों को खासा आकर्षित किया।
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कान्हा जनम पर उमड़ा उल्लास
मगन होकर नाचीं महिलाएं, पुरुषों ने लगाए जयकारे
इलाहाबाद। अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के काशीराजनगर, बलुआघाट स्थित मंदिर में भोर से ही जारी पूजन-अर्चन, भजन-कीर्तन का क्रम आधी रात के बाद तक चला। कान्हा जन्म की लीला की घड़ी करीब आने के साथ ही श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ता गया। आधी रात के बाद मंदिर के अध्यक्ष आचार्य दास की अगुवाई में कान्हा जन्म की लीला, चांदी के 108 कलशों से महाभिषेक और 108 व्यंजनों के महाभोग के दौरान पूरा मंदिर परिसर श्रीकृष्ण और हरिनाम संकीर्तन से गूंजता रहा। मगन होकर श्रद्धालु महिला-पुरुषों ने नृत्य भी किया। मंदिर परिसर में कहीं तिल रखने की जगह नहीं बची। महाआरती, हरिनाम संकीर्तन के बाद महाप्रसाद बांटा गया। शृंगार दर्शन देख श्रद्धालु भावविभोर हुए। अनुष्ठान में उपाध्यक्ष वेणुविजय दास, आशुतोष दास, सौम्यदास आदि मौजूद थे।
मंदिर-मंदिर जन्मोत्सव की धूम
दारागंज स्थित भगवान वेणी माधव मंदिर में महंत ओंकार देव गिरि की देखरेख में जन्माष्टमी मनाई गई। शाहगंज स्थित श्री आनंद बिहारी मंदिर में प्रधान पुजारी दिगंबर त्रिपाठी की देखरेख में जन्मोत्सव की धूम रही। सुबह से ही भजन कीर्तन का सिलसिला शुरू हुआ। जन्म की लीला के बाद प्रसाद बांटा गया। मीरापुर स्थित हरि मंदिर और ललिता शक्तिपीठ में कान्हा जन्मोत्सव पर विविधतापूर्ण कार्यक्रम हुए। गाड़ीवान टोला खुल्दाबाद स्थित राधा कुंज बिहारी मंदिर, रूपगौड़ीय आश्रम तुलारामबाग, निम्बार्क आश्रम, महाजनी टोला चौक स्थित निम्बार्काचार्य पीठ, चौक गंगादास स्थित श्रीराधारमण मंदिर, कल्याणी देवी मंदिर, जगराम चौराहा स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर, लूकरगंज स्थित कृष्णा भवन, शंकराचार्य आश्रम अलोपीबाग, सूबेदारगंज स्थित भुवनेश्वर नाथ मंदिर आदि में भी धूमधाम से जन्माष्टमी मनाई गई।
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इस्कॉन सहित शहर के प्रमुख मंदिरों को ्िबजली की झालरों से सजाया गया। आकर्षक झांकियों के बीच भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की विविध छवियां जीवंत हुई। भजन, बिरहा, नाटक, नौटंकी सहित विविधतापूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में श्रीकृष्ण के लीला प्रसंगों का बखान रहा। शहर के कान्हा मंदिरों की ओर जाने वाले रास्तों पर भीड़ रही। आधी रात के बाद तक लोगों के आने-जाने का सिलसिला बना रहा।
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श्रद्धालुओं ने व्रत रखा और झांकी सजाकर कान्हा का जन्मोत्सव मनाया। विभिन्न संस्थाओं की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। शाम से ही घरों, मंदिरों में शुरू हुए भजन कीर्तन का सिलसिला जन्म के बाद भी जारी रहा। आधी रात को कान्हा जन्म की लीला हुई तो शंखनाद सहित घंटा, घड़ियाल से पूरा क्षेत्र गूंजा। ‘नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की’का जयघोष गूंजा। कई जगहों पर आतिशबाजी भी हुई। जगह-जगह सजी आकर्षक झांकियों को देखने के लिए देर रात तक लोगों का जुटना जारी रहा। पुलिस लाइंस और फायर ब्रिगेड में सजी झांकियों ने शहरियों को खासा आकर्षित किया।
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कान्हा जनम पर उमड़ा उल्लास
मगन होकर नाचीं महिलाएं, पुरुषों ने लगाए जयकारे
इलाहाबाद। अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के काशीराजनगर, बलुआघाट स्थित मंदिर में भोर से ही जारी पूजन-अर्चन, भजन-कीर्तन का क्रम आधी रात के बाद तक चला। कान्हा जन्म की लीला की घड़ी करीब आने के साथ ही श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ता गया। आधी रात के बाद मंदिर के अध्यक्ष आचार्य दास की अगुवाई में कान्हा जन्म की लीला, चांदी के 108 कलशों से महाभिषेक और 108 व्यंजनों के महाभोग के दौरान पूरा मंदिर परिसर श्रीकृष्ण और हरिनाम संकीर्तन से गूंजता रहा। मगन होकर श्रद्धालु महिला-पुरुषों ने नृत्य भी किया। मंदिर परिसर में कहीं तिल रखने की जगह नहीं बची। महाआरती, हरिनाम संकीर्तन के बाद महाप्रसाद बांटा गया। शृंगार दर्शन देख श्रद्धालु भावविभोर हुए। अनुष्ठान में उपाध्यक्ष वेणुविजय दास, आशुतोष दास, सौम्यदास आदि मौजूद थे।
मंदिर-मंदिर जन्मोत्सव की धूम
दारागंज स्थित भगवान वेणी माधव मंदिर में महंत ओंकार देव गिरि की देखरेख में जन्माष्टमी मनाई गई। शाहगंज स्थित श्री आनंद बिहारी मंदिर में प्रधान पुजारी दिगंबर त्रिपाठी की देखरेख में जन्मोत्सव की धूम रही। सुबह से ही भजन कीर्तन का सिलसिला शुरू हुआ। जन्म की लीला के बाद प्रसाद बांटा गया। मीरापुर स्थित हरि मंदिर और ललिता शक्तिपीठ में कान्हा जन्मोत्सव पर विविधतापूर्ण कार्यक्रम हुए। गाड़ीवान टोला खुल्दाबाद स्थित राधा कुंज बिहारी मंदिर, रूपगौड़ीय आश्रम तुलारामबाग, निम्बार्क आश्रम, महाजनी टोला चौक स्थित निम्बार्काचार्य पीठ, चौक गंगादास स्थित श्रीराधारमण मंदिर, कल्याणी देवी मंदिर, जगराम चौराहा स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर, लूकरगंज स्थित कृष्णा भवन, शंकराचार्य आश्रम अलोपीबाग, सूबेदारगंज स्थित भुवनेश्वर नाथ मंदिर आदि में भी धूमधाम से जन्माष्टमी मनाई गई।