Prayagraj : संगम में डूबे दो और छात्रों के शव बरामद, परिवार में मचा हाहाकार
कानपुर देहार के भोगनीपुर का रहने वाला हिमांशु सचान उर्फ हनी अपने एक रिश्तेदार दीपाकंर सचान के सचान क्लासेस में आईआईटी की कोचिंग करता था। वह दीपांकर के ही घर में किराये पर रहता भी था। उसके साथ ही रेहठू उतरांव का प्रणव दुबे और अमन निवासी पकरी उतरांव भी रहते थे।
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संगम पर मंगलवार की शाम डूबने वाले दो छात्रों हिमांशु सचान (18) और प्रणव दुबे (16) के शव बृहस्पतिवार की दोपहर मिल गए। दोनों के शव बहते हुए अरैल की ओर चले गए थे। जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने अरैल के पास से दोनों के शवों को खोजा। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोनों के साथ ही संगम में डूबे अमन कुशवाहा (17) का शव बुधवार को ही बरामद हो गया था।
कानपुर देहार के भोगनीपुर का रहने वाला हिमांशु सचान उर्फ हनी अपने एक रिश्तेदार दीपाकंर सचान के सचान क्लासेस में आईआईटी की कोचिंग करता था। वह दीपांकर के ही घर में किराये पर रहता भी था। उसके साथ ही रेहठू उतरांव का प्रणव दुबे और अमन निवासी पकरी उतरांव भी रहते थे। पास में कानपुर मोहित सिंह भी रहता था। चारों साथ में कोचिंग करते थे।
दोस्त को कपड़े दिखाकर गए थे नहाने
मंगलवार की शाम चारों संगम गए थे। रात करीब 11 बजे मनीष ने पुलिस को सूचना दी कि उसके तीनों दोस्त नहाते वक्त नदी में डूब गए। जानकारी पर दारागंज थाना व जल पुलिस भी आ गई। पूछताछ में मनीष ने बताया कि उसने नहाने से मना कर दिया तो तीनों दोस्त उसे कपड़े देकर नदी में उतर गए। नहाते-नहाते वह गहराई में पहुंच गए और फिर डूब गए। पुलिस ने काफी प्रयास किया लेकिन रात में शव नहीं खोजे जा सके।
बुधवार को करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद यमुना से अमन का शव निकाला गया। बृहस्पतिवार को एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम ने दोपहर में करीब दो बजे अरैल के पास से हिमांशु और प्रणव के शव ढूंढ निकाले। शव देखते ही हिमांशु के पिता विवेक और प्रणव के पिता योगेश दुबे लिपटकर रोने लगे। तमाम रिश्तेदारों की आंखें नम हो गई। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रोते रहे पिता, ढांढस बंधाने वालों की भी आंखें हुई नम
हिमांशु और प्रणव के शवों की बृहस्पतिवार की सुबह से ही खोजबीन हो रही थी। हिमांशु के पिता विवेक सचान और प्रणव के पिता योगेश दुबे ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे कि दोनों के डूबने की खबर झूठ निकले। दोपहर में दो बजे के करीब जब दोनों के शव मिले तो उनकी आस टूट गई। वे शवों से लिपटकर रोने लगे। उन्हें ढांढस बंधाने वाले भी रो रहे थे। दोनों ने शव मिलने के बाद मोबाइल पर घर वालों को बताया तो माहौल भारी हो गया था। पुलिस वालों ने भी यही समझाया कि होनी को कोई नहीं टाल सकता।
इंजीनियर बनना चाहते थे तीनों छात्र
हादसे में जान गंवाने वाले तीनों छात्र इंजीनियर बनना चाहते थे। इसी कारण वे पढ़ाई के साथ कोचिंग भी कर रहे थे। उतरांव के पकरी गांव निवासी अमन कुशवाहा पढ़ने में काफी तेज था। उसने इस साल इंटर की परीक्षा दी है। उसकी पढ़ाई देखकर ही घर वालों ने रिजल्ट से पहले ही उसे आईआईटी की कोचिंग के लिए शहर भेज दिया था।
कानपुर देहात के भोगनीपुर निवासी हिमांशु सचान बचपन से इंजीनियर बनने का सपना देखता था। वह दो भाइयों में छोटा था। उसकी मां रश्मि शिक्षिका हैं। प्रणव दुबे ने तो इस बार हाईस्कूल की परीक्षा दी थी लेकिन उसने भी हाल में कोचिंग में एडमीशन लिया था।