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Prayagraj News: घास के लिए काले हिरणों को नहीं जाना होगा दूर, 40 हेक्टेयर में घास लगाए जाने की तैयारी
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चांद खमरिया के कृष्ण मृग क्षेत्र में काले हिरणों के लिए कई प्रजातियों की घास का रोपण किया जा रहा है। घास 40 हेक्टेयर जमीन में लगाई जाएगी। घास की नर्सरी पौधशाला में डाल दी गई है। इससे काले हिरणों को घास के लिए कहीं दूर न जाना पड़ेगा। वन विभाग की टीम घास रोपाई के लिए जमीन की साफ-सफाई भी शुरू कर दी है।
मेजा के चांद खमरिया में 146 हेक्टेयर जमीन में कृष्ण मृग क्षेत्र फैला हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी डीएन पांडेय ने बताया कि काले हिरणों के लिए घास की कई प्रजातियों को लगाए जाने की व्यवस्था तय की गई है। इसमें दूरबा, सेवई, पथरचट, मोथा, तिनपतिया, लरमा घास शामिल है। यही घास को काले हिरण खाने में खूब पसंद करते हैं। इसके अलावा कोई घास काले हिरण छूते तक नहीं। ऐसे में इन घासों की रोपाई का चयन किया गया है।
चांद खमरिया के कृष्ण मृग क्षेत्र में उगे वनतुलसी के पौधे बने हैं मुसीबत
चांद खमरिया के कृष्ण मृग क्षेत्र में उगे वनतुलसी के पौधे मुसीबत बन गए हैं। इन पौधों की दुर्गंध से काले हिरण दूर भाग रहे हैं। ऐसे में वन विभाग की टीम वनतुलसी के पौधों को काटने में जुटी है। वन क्षेत्राधिकारी डीएन पांडेय ने बताया कि कुछ जगहों पर दूरबा और सेवई घास को लगवाया गया है लेकिन अगल-बगल वन तुलसी का पौधा होने से हिरण दूर भाग रहे हैं। ऐसे में परेशानी हो रही है। अभियान चलाकर वन तुलसी के पौधे को हटवाया जा रहा है।
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वन विभाग ने एक दर्जन कुत्ते पकड़े
कृष्ण मृग क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है। ऐसे में वन विभाग ने आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चला रखा है। वन क्षेत्राधिकारी डीएन पांडेय ने बताया कि एक दर्जन कुत्तों को पकड़ लिया गया है।
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मेजा के चांद खमरिया में 146 हेक्टेयर जमीन में कृष्ण मृग क्षेत्र फैला हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी डीएन पांडेय ने बताया कि काले हिरणों के लिए घास की कई प्रजातियों को लगाए जाने की व्यवस्था तय की गई है। इसमें दूरबा, सेवई, पथरचट, मोथा, तिनपतिया, लरमा घास शामिल है। यही घास को काले हिरण खाने में खूब पसंद करते हैं। इसके अलावा कोई घास काले हिरण छूते तक नहीं। ऐसे में इन घासों की रोपाई का चयन किया गया है।
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चांद खमरिया के कृष्ण मृग क्षेत्र में उगे वनतुलसी के पौधे बने हैं मुसीबत
चांद खमरिया के कृष्ण मृग क्षेत्र में उगे वनतुलसी के पौधे मुसीबत बन गए हैं। इन पौधों की दुर्गंध से काले हिरण दूर भाग रहे हैं। ऐसे में वन विभाग की टीम वनतुलसी के पौधों को काटने में जुटी है। वन क्षेत्राधिकारी डीएन पांडेय ने बताया कि कुछ जगहों पर दूरबा और सेवई घास को लगवाया गया है लेकिन अगल-बगल वन तुलसी का पौधा होने से हिरण दूर भाग रहे हैं। ऐसे में परेशानी हो रही है। अभियान चलाकर वन तुलसी के पौधे को हटवाया जा रहा है।
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वन विभाग ने एक दर्जन कुत्ते पकड़े
कृष्ण मृग क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है। ऐसे में वन विभाग ने आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चला रखा है। वन क्षेत्राधिकारी डीएन पांडेय ने बताया कि एक दर्जन कुत्तों को पकड़ लिया गया है।