बढ़ रहा ब्लैक फंगस, जिले में 11 हुई संक्रमितों की संख्या
जिले में ब्लैक फंगस यानी संक्रमितों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। मंगलवार तक कुज 11 मरीज जिले में पाए गए हैं। जबकि एसआरएन अस्पताल में आठ संक्रमितों का इलाज चल रहा है। एक कोविड वार्ड में है, अन्य छह मरीज पोस्ट कोविड वार्डों में भर्ती हैं। तीन अन्य मरीज एक निजी अस्पताल में चिह्नित किए गए थे।
ब्लैक फंगस के दो मरीजों को एसजीपीजीआई लखनऊ रेफर किया गया है। इनमें एक सोमवार की रात जबकि दूसरा मंगलवार को भेजा गया। राहत की बात यह रही कि एक मरीज जांच के बाद दवा लेकर घर चला गया। भर्ती मरीजों में तीन लोगों की सर्जरी की गई है। उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। ब्लैक फंगस के मरीजों में एक कोविड वार्ड में है जबकि सात पोस्ट कोविड वार्ड में भर्ती हैं। इन सभी को कोरोना से मुक्त होने के बाद ब्लैक फंगस हुआ था।
42 एंटी फंगल इंजेक्शन की मांग
कॉलेज प्रशासन ने बुधवार के लिए 42 इंजेक्शन की डिमांड मुख्यालय को भेजी है। ब्लैक फंगस संक्रमित का ऑपरेशन करने के बाद एंटी फंगल इंजेक्शन मरीजों को लगाया जाता है। मरीज के वजन के हिसाब से चिकित्सक डोज निर्धारित करते हैं। यह दिन भर में चार से छह इंजेक्शन के बीच होती है। पांच दिन पहले मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में एक भी एंटी फंगल इंजेक्शन नहीं था। इससे मरीजों को परेशानी हो रही थी। इस महंगे इंजेक्शन की बाजार में भी उपलब्धता न के बराबर है। शासन ने अभी तक चार खेपों में करीब 100 इंजेक्शन कॉलेज प्रशासन को उपलब्ध कराए हैं। एसआरएन अस्पताल के एसआईसी डॉ. अजय सक्सेना के मुताबिक शासन ब्लैक फंगस पीड़ितों के लिए हर दिन इंजेक्शन की आपूर्ति करा रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को एंटी फंगल इंजेक्शन की डोज जरूरत के हिसाब से दी जा रही है। बुधवार के लिए 42 इंजेक्शन की मांग भेजी गई है।
नैनो फंगस को खत्म करता है एंटी फंगल इंजेक्शन
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के नाक, कान, गला रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. सचिन जैन के मुताबिक ब्लैक फंगस संक्रमित मरीजों का ऑपरेशन कर डेड टिशू निकाले जाते हैं। ऑपरेशन के बाद नैनो फंगस को खत्म करने के लिए मरीजों को एंटी फंगल इंजेक्शन एम्फोटेरेसिन-बी की डोज मरीजों के वजन के हिसाब से दी जाती है। जिससे नैनो फंगस खत्म होता है। बिना ऑपरेशन के संक्रमितों को दो से चार और सर्जरी के बाद एक दिन में छह इंजेक्शन तक की डोज निर्धारित होती है।
ब्लैक फंगस मरीजों के उपचार, सर्जरी के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। अभी तक एंटी फंगल इंजेक्शन की कमी सामने नहीं आई है। जरूरत के हिसाब से इंजेक्शन की आपूर्ति मिल रही है। स्टोर में उन मरीजों के लिए इंजेक्शन की डोज सुरक्षित रखी गई है, जिनकी सर्जरी की गई है।
- डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज