घोषणा पत्र की तैयारी: सलमान खुर्शीद बोले- भाजपा है यूपी की सबसे बड़ी समस्या, लोगों को बांटकर और डराकर करना चाहती है राज
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने शनिवार को प्रयागराज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शहर के कई इलाकों में जाकर झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की समस्याएं सुनीं।
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कांग्रेस 2022 चुनावी घोषणा पत्र के चेयरमैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने शनिवार को दारागंज झुग्गी झोपड़ी के लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सेना की भूमि पर अस्थायी तौर पर रह रहे सागर पेशा के लोगों को उनकी परेशानियों के अंत का सपना दिखाया। कहा कि कांग्रेस की सरकार यूपी में 2022 के चुनाव में जीतकर आती है तो उनकी समस्याओं का हल निकाल लिया जाएगा। इस दौरान खुर्शीद ने कहा कि बीजेपी देश के लिए समस्या बन चुकी है। अपने एक घंटे कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लोगों से संवाद किया और कहा कि जनता बीजेपी की चालों को समझ गई है और आने वाले 2022 के चुनाव में इसका जवाब देगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री यहां कांगेस के चुनावी घोषणापत्र को तैयार करने के लिए सिलसिले में लोगों से बात करने के लिए आए थे। उन्होंने बीजेपी पर खूब तंज कसा। कहा कि उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी समस्या बीजेपी है। भाजपा कहती कुछ है और करती कुछ है। कथनी और करनी में बड़ा अंतर हैं। उनका लक्ष्य लोगों को इस तरह बांटकर रखना है कि कोई कभी उनकी सियासत के आगे न बढ़ सके। वे जैसा चाहें कर सकें। उनका (कांग्रेस) यह कर्तव्य बनता है, जिम्मेदारी बनती है कि वे सब लोगों को जोड़ें। जब लोग जुड़ते हैं, जब एक घर में बैठकर सब साथ खाते हैं तो किसी को एक निवाला, किसी को दो निवाले और किसी को तीन निवाले। ये देखते हुए कि हर को कितनी भूख है और हर को कितनी आवश्यकता है। ऐसे वे कोशिश कर रहे हैं कि समाज में समन्वय बने और समाज में हर एक को उनका अधिकार मिले।
बीजेपी का यह कहना है कि कांग्रेस अपनी सियासी जमीन खो चुकी है तो वे कांग्रेस को ऐसा क्यूं कह रही है, काहे परेशान हैं। बीजेपी, कांग्रेस की बात क्यों कर रही है। कहते हैं कि कांग्रेस का भविष्य नहीं हैं। अरे तो भूल जाएं कांग्रेस को, कांग्रेस जनता के बीच है, कांग्रेस खुश है। कांग्रेस के पास न तो कुर्सी है, न सत्ता है और न कांग्रेस के पास कोई पद है। फिर भी बीजेपी परेशान है। उन्होंने कहा कि पिताश्री, अब्बा जान, राम मंदिर और बाबरी मस्जिद, रामराज और निजामें मुस्ताफा सब एक चीज हैं। नाम अलग-अलग है, लेकिन आत्मा एक है, रूह एक है। उन्होंने कहा कि वे धर्म के नाम पर राजनीतिक ध्रुवीकरण नहीं होने देंगे। वे मानते हैं कि हां, कभी-कभी थोड़ी-बहुत ध्रुवीकरण हो जाता है, लेकिन, जो लोग आपस में भाई-बहन मानते हैं, तो वे ध्रुवीकरण नहीं होने देते। देश में ध्रुवीकरण और गैर ध्रुवीकरण का झगड़ा है, तो ये देश गैर ध्रुवीकरण के साथ जीतेगा।
एक सवाल के जवाब में कहा कि जब राहुल और प्रियंका गांधी ट्विटर पर नहीं थे, तो लोग कहते हैं कि ट्विटर पर नहीं आते। आधुनिक युग को नहीं समझते। जब वे ट्विटर पर आए तो कहते हैं कि ट्विटर के नेता हैं। कौन कहता है कि वे ट्विटर के नेता है, उनकों कहना चाहिए न, वे उनको (राहुल गांधी) नेता मानते हैं, वे उनसे प्रसन्न हैं, संतुष्ट हैं, तो दूसरे के पेट में दर्द क्यों हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा को लेकर तेजी से आगे बढ़ रही है। इस बार ऐसी घोषणा होगी कि जो पिछले चुनावों में नहीं हुई थी। पार्टी के दूसरे पदाधिकारी इस मामले में अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने अभी चुनावी गठबंधन को लेकर कोई इसारा नहीं किया। कहा कि दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन को लेकर अभी कुछ तय नहीं हुआ है। उन्हें कहा गया है कि वे हर जगह जाएं और हर जगह तैयारी करें।
जहां तक सीएम के चेहरे की बात है तो यह कांग्रेस का नेतृत्व तय करेगा। लेकिन, वे यूपी में प्रियंका और देश में राहुल गांधी की अगुवाई में सियासी मैदान में हैं। इन दोनों नेताओं के साथ उन्हें भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का आशीर्वाद प्राप्त हैं। कौन सीएम होगा यह अभी नहीं कहा जा सकता है।
जनता की आवाज होगी चुनावी घोषणापत्र
पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि उनका चुनावी घोषणापत्र जनता की आवाज होगी। वह चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने के लिए ही जनता के बीच आए हैं। संगठन के पदाधिकारी बहुत ही मजबूती के साथ जमीन से जुड़े हुए हैं। प्रियंका गांधी पदाधिकारियों के साथ लगातार बात कर स्थिति का आंकलन कर रही हैं। उन्हें चुनावी घोषणापत्र तैयार करने के लिए जनता के बीच जाने के लिए कहा गया है। इसलिए वह यहां (दारागंज झुग्गी झोपड़ी) आए हैं। और वे उसी के आधार पर लोगों से बात कर रहे हैं। उनकी समस्याएं जान रहे हैं।