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अबकी कुंभ में बिरजू महाराज का कथक सुनाई देगी हरि प्रसाद चौरसिया की बांसुरी

Tue, 11 Dec 2018 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Updated Tue, 11 Dec 2018 01:16 AM IST
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Birju Maharaj's Kathak will be recited in the Kumbh of Abi Hari Prasad Chaurasia flute
birju maharaj - फोटो : अमर उजाला
दिव्य कुंभ में धर्म-कर्म के साथ-साथ इस बार भारतीय शास्त्रीय संगीत और लोक रंग भी विविधताओं के साथ देखने को मिलेगा। कथक नृत्य गुरु पद्मविभूषण पं. बिरजू महाराज, पांडवानी गायिका पद्मश्री तीजन बाई, कुचिपुड़ी नृत्यांगना स्वपन सुंदरी और भरतनाट्यम नृत्यांगना पद्मश्री सरोजा वैद्यनाथन समेत कई हस्तियां अपनी प्रस्तुतियां देंगी। संस्कृति मंत्रालय के निर्देशन में देश के सभी सात सांस्कृतिक केंद्रों ने मिलकर व्यापक कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया है। संगीत जगत के चोटी के कलाकार भी आमंत्रित किए गए हैं।
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प्रत्येक राज्य से आमंत्रित सांस्कृतिक दलों की सात दिवसीय प्रस्तुतियां होंगी। यह प्रस्तुतियां पांच मुख्य मंचों पर चक्रानुसार तो होंगी ही, मेले में भी इन दलों को मौका दिया जाएगा। केंद्र सरकार के क्षेत्रीय सांस्कृतिक दलों को भी सात दिन प्रस्तुति देने का मौका दिया जाएगा। इनके अलावा कुंभ में प्रस्तुति के लिए जिन कलाकारों को आमंत्रित किया गया है, उनमें प्रसिद्ध पांडवानी गायिका तीजनबाई, भरतनाट्यम नृत्यांगना सरोजा वैद्यनाथन, कुचिपुड़ी नृत्यांगना स्वपन सुंदरी, बांसुरी वादक पद्मविभूषण हरि प्रसाद चौरसिया, कथक नर्तक पद्मविभूषण पं. बिरजू महराज, छऊ नर्तक संतोष नायर, उप शास्त्रीय गायिका मालिनी अवस्थी के नाम शामिल हैं। वहीं भारत सरकार के क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों से लोक कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा, जिनके आवास, भोजन, परिवहन की व्यवस्था संस्कृति विभाग करेगा।
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कुंभ में ‘चलो मन गंगा यमुना तीर’ के नाम से तीन मुख्य मंच अरैल, झूंसी और किला क्षेत्र में बनाए जाएंगे। दो अतिरिक्त बड़े मंच तैयार होंगे। इन मंचों पर गायन, वादन, नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में 20 सेक्टरों में से प्रत्येक में एक-एक मंच अलग से बनाए जाएंगे। इन सांस्कृतिक मंचों का नामकरण ऋषि-मुनियों के नाम पर किया जाएगा। महर्षि वेदव्यास, वाल्मीकि, भारद्वाज, अगस्त्य, वत्स, गौतम, याज्ञवल्क्य, विश्वामित्र, वशिष्ठ, पतंजलि और कागभुसुंडि के नाम पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए मंच बनाए जाएंगे।
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