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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Biography of Taslima Nasreen, Swami Vivekananda is becoming the center of attraction among the youth.

पुस्तक मेला : युवाओं में तस्लीमा नसरीन, स्वामी विवेकानंद की जीवनी बन रहा आकर्षण का केंद्र

Wed, 27 Dec 2023 01:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 27 Dec 2023 01:43 PM IST
सार

धार्मिक, साहित्य, इतिहास, कहानी, रहस्य, जीवनी, बाल साहित्य समेत अन्य तमाम विषयों पर आधारित हजारों की संख्या में पुस्तकें मेले में प्रदर्शित हैं। पुस्तक मेले के सह-संयोजक मनीष गर्ग बताते हैं कि युवा अपनी पसंदीदा पुस्तक खरीदने आ रहे हैं। सबसे ज्यादा जीवनी, इतिहास, कहानी और उपन्यास में रुचि दिखा रहे हैं। भारतीय इतिहास को बताने वाली पुस्तकों को भी युवा वर्ग खरीद रहे हैं।

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विस्तार

पुस्तक मेला में जहां एक ओर धर्म-संस्कृति, साहित्य से जुड़ी पुस्तकों को खरीदने के लिए पाठकों का जमावड़ा देखा गया। वहीं, दूसरी ओर साहित्यकारों और कलाकारों का भी तांता लगा रहा। एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में आयोजित पुस्तक मेले के पांचवें दिन भी लोगों की काफी भीड़ उमड़ी। मेले में सभी उम्र के लोग पहुंच रहे हैं और इनमें युवाओं की संख्या अच्छी खासी है। पसंदीदा लेखकों के उपन्यास, कहानी संग्रह और जीवनी खरीदने में युवा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। पुस्तक मेले में विभिन्न प्रकाशन की 80 स्टॉल हैं। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, गुजरात समेत देशभर से पुस्तक विक्रेता आए हैं।

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धार्मिक, साहित्य, इतिहास, कहानी, रहस्य, जीवनी, बाल साहित्य समेत अन्य तमाम विषयों पर आधारित हजारों की संख्या में पुस्तकें मेले में प्रदर्शित हैं। पुस्तक मेले के सह-संयोजक मनीष गर्ग बताते हैं कि युवा अपनी पसंदीदा पुस्तक खरीदने आ रहे हैं। सबसे ज्यादा जीवनी, इतिहास, कहानी और उपन्यास में रुचि दिखा रहे हैं। भारतीय इतिहास को बताने वाली पुस्तकों को भी युवा वर्ग खरीद रहे हैं।
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पुस्तक मेले में मुंशी प्रेमचंद का साहित्य भी लोगों की पहली पसंद है। इसके बाद स्वामी विवेकानंद की जीवनी, रामधारी सिंह दिनकर और बांग्लादेश की चर्चित लेखिका तस्लीमा नसरीन की पुस्तक बेशर्म भी बड़ा आकर्षण का केंद्र है। इसकी काफी प्रतियां बिक रही हैं। पुस्तक मेले में बच्चों के लिए 20 रुपये की भी किताबें मौजूद हैं। साहित्य की हर विधा गीत, कविता, कहानी, जीवनी, उपन्यास आदि पुस्तकें हैं।

कई चर्चित लेखकों की पुस्तकों का पूरा सेट भी मौजूद है। पुस्तक मेले में बाल साहित्य भी खूब बिक रहा है। बच्चों को अधिक चित्रों वाली पुस्तकें पसंद आ रही हैं। इनमें कहानी, कविताएं, गीत की सर्वाधिक बिक्री हुई है। मेले में परिवार के साथ बड़ी संख्या में बच्चे पहुंच रहे हैं।

एक ही स्टाल पर बिक रही पिता-पुत्र की पुस्तकें

प्रयागराज के साहित्य समाज में पहचान रखने वाले फौजदार माली से शहर के लोग अनजान नहीं हैं। पुस्तक मेले में आए बुकवाला प्रकाशक के स्टॉल पर जहां एक ओर फौजदार माली का काव्य संग्रह बुद्ध नहीं हूं मैं बिक रही है तो, वहीं उसके साथ उनके पुत्र डाॅ. प्रभांशु कुमार का काव्य संग्रह डाॅ. प्रभांशु की कलम से की भी मांग है। उल्लेखनीय है कि काव्य संग्रह बुद्ध नहीं हूं मैं को 2013 में हिंदी संस्थान लखनऊ की ओर से वीडीएन शाही पुरस्कार दिया गया है। जबकि उनके पुत्र प्रभांशु की काव्य संग्रह डॉ. प्रभांशु की कलम से पुस्तक को गोपाल दास नीरज राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित हुए थे।

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