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प्रयागराज में बीएलओ की मनमानी, मतदान से वंचित होंगे हजारों
Sun, 12 May 2019 12:49 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 12 May 2019 12:49 AM IST
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लोकसभा चुनाव में बीएलओ की मनमानी मतदाताओं पर भारी पड़ने जा रही है। लापरवाही इस कदर है कि कई मोहल्लों में वोटर पर्ची ही नहीं बांटी गई है। ऐसे मामले सामने हैं, जिन मतदाताओं के पास वोटर आई कार्ड तो है, लेकिन मतदाता सूची से उनके नाम ही गायब हैं। लोग पर्ची के लिए भटक रहे हैं। साफ है कि इस कोताही के कारण हजारों लोग मतदान से वंचित होंगे। साथ ही मतदान प्रतिशत भी प्रभावित होगा।
प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं ने करीब डेढ़ महीने मतदाता जागरूकता अभियान चलाया। लगभग हर बैठकों में निर्वाचन अधिकारी बीएलओ को चेतावनी दी कि वोटर पर्ची बांटने में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। इसके बावजूद बीएलओ की मनमानी दो-चार या सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करेगी। जहां वोटर पर्ची बांटी गईं, उनमें त्रुटियां इतनी अधिक हैं, वोटर की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी इसी तरह की दिक्कत है।
मुस्लिम बहुल इलाकों में वोटर पर्ची न बंटने की शिकायतें आम हैं। रसूलपुर में वोटर पर्ची न बांटने की शिकायत जिलाधिकारी से भी की गई है। परेशान लोगों को समाजसेवी रामधन वोटर लिस्ट से उनका बूथ, क्रमांक आदि की जानकारी दे रहे हैं। करेली, दरियाबाद, बेली समेत कई मोहल्लों में वोटर पर्ची न बांटे जाने की शिकायतें मिली हैं। लोगों के मुताबिक जहां पर्चियां बांटी गई हैं, वहां खानापूरी की गई है। कहीं-कहीं तो एक ही वोटर की दो पर्चियां पहुंची हैं, जिनमें वोटर की फोटो और पिता या पति का नाम भी बदला है।
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कीडगंज के नई बस्ती इलाके में पांच दशक से रहने वाली बुजुर्ग महिला चंदा देवी को वोटर पर्ची नहीं मिली। उनके बेटे विनायक ने उनका मतदाता परिचय पत्र लेकर खोजबीन की तो पता चला कि वोटर लिस्ट से उनका नाम ही गायब है। उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों की पर्ची नहीं दी गई है। इसी तरह सिविल लाइंस क्लाइव रोड की अनुपमा पांडेय और उनके परिवार के सदस्यों की वोटर पर्ची नहीं मिली। पता किया गया तो लोगों ने बताया कि यहां करीब 600 मतदाताओं को न पर्ची मिली और न ही किसी ने इसके लिए उनसे संपर्क किया। दुविधा लोगों में इस बात की है कि वे वोट कहां और कैसे दें, यह भी मालूम नहीं है कि वोटर लिस्ट में उनका नाम है या गायब हो गया है। जबकि यहां अधिकांश लोगों के पास वोटर आईकार्ड है।
जार्जटाउन निवासी पूर्व सीेएमओ डॉ.निसार अहमद भी वोटर पर्ची की त्रुटियों से परेशान हैं। उनकी पत्नी की दो फोटोयुक्त पर्चियां आई हैं। एक में नसरीन बानो तो दूसरे में गलत नाम आसिया अहमद दर्ज है। वहीं डॉ. निसार के बेटे समी अहमद की पर्ची पर तस्वीर तो सही है, लेकिन उस पर उनका नाम मो. असलम लिखा है। पिता का नाम भी बदल दिया गया है। बेटी की वोटर पर्ची में सरवीन अहमद की जगह वाफिया अहमद दर्ज है। मम्फोर्डगंज इलाके में एचआईजी और अन्य इलाकों में रहने वाले सैकड़ों लोगों तक पर्चियां नहीं पहुंची हैं।
भाजपा नेता और वरिष्ठ पार्षद रतन दीक्षित का कहना है कि बीएलओ की मनमानी और लापरवाही से मम्मफोर्डगंज ही नहीं कटरा, कर्नलगंज समेत कई इलाकों में वोटर पर्ची नहीं बांटी गई है। उन्होंने इस बारे में उप जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की है। वहीं सपा के मीडिया प्रभारी सै. मो. अस्करी ने कहा कि वोटर पर्चियों का वितरण न होना तथा त्रुटियों के कारण मतदान पर असर पड़ेगा। बसपा के नगर अध्यक्ष चौधरी सईद अहमद ने भी वोटर पर्ची वितरण में जानबूझ कर लापरवाही किए जाने का आरोप लगाया।
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प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं ने करीब डेढ़ महीने मतदाता जागरूकता अभियान चलाया। लगभग हर बैठकों में निर्वाचन अधिकारी बीएलओ को चेतावनी दी कि वोटर पर्ची बांटने में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। इसके बावजूद बीएलओ की मनमानी दो-चार या सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करेगी। जहां वोटर पर्ची बांटी गईं, उनमें त्रुटियां इतनी अधिक हैं, वोटर की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी इसी तरह की दिक्कत है।
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मुस्लिम बहुल इलाकों में वोटर पर्ची न बंटने की शिकायतें आम हैं। रसूलपुर में वोटर पर्ची न बांटने की शिकायत जिलाधिकारी से भी की गई है। परेशान लोगों को समाजसेवी रामधन वोटर लिस्ट से उनका बूथ, क्रमांक आदि की जानकारी दे रहे हैं। करेली, दरियाबाद, बेली समेत कई मोहल्लों में वोटर पर्ची न बांटे जाने की शिकायतें मिली हैं। लोगों के मुताबिक जहां पर्चियां बांटी गई हैं, वहां खानापूरी की गई है। कहीं-कहीं तो एक ही वोटर की दो पर्चियां पहुंची हैं, जिनमें वोटर की फोटो और पिता या पति का नाम भी बदला है।
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कीडगंज के नई बस्ती इलाके में पांच दशक से रहने वाली बुजुर्ग महिला चंदा देवी को वोटर पर्ची नहीं मिली। उनके बेटे विनायक ने उनका मतदाता परिचय पत्र लेकर खोजबीन की तो पता चला कि वोटर लिस्ट से उनका नाम ही गायब है। उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों की पर्ची नहीं दी गई है। इसी तरह सिविल लाइंस क्लाइव रोड की अनुपमा पांडेय और उनके परिवार के सदस्यों की वोटर पर्ची नहीं मिली। पता किया गया तो लोगों ने बताया कि यहां करीब 600 मतदाताओं को न पर्ची मिली और न ही किसी ने इसके लिए उनसे संपर्क किया। दुविधा लोगों में इस बात की है कि वे वोट कहां और कैसे दें, यह भी मालूम नहीं है कि वोटर लिस्ट में उनका नाम है या गायब हो गया है। जबकि यहां अधिकांश लोगों के पास वोटर आईकार्ड है।
जार्जटाउन निवासी पूर्व सीेएमओ डॉ.निसार अहमद भी वोटर पर्ची की त्रुटियों से परेशान हैं। उनकी पत्नी की दो फोटोयुक्त पर्चियां आई हैं। एक में नसरीन बानो तो दूसरे में गलत नाम आसिया अहमद दर्ज है। वहीं डॉ. निसार के बेटे समी अहमद की पर्ची पर तस्वीर तो सही है, लेकिन उस पर उनका नाम मो. असलम लिखा है। पिता का नाम भी बदल दिया गया है। बेटी की वोटर पर्ची में सरवीन अहमद की जगह वाफिया अहमद दर्ज है। मम्फोर्डगंज इलाके में एचआईजी और अन्य इलाकों में रहने वाले सैकड़ों लोगों तक पर्चियां नहीं पहुंची हैं।
भाजपा नेता और वरिष्ठ पार्षद रतन दीक्षित का कहना है कि बीएलओ की मनमानी और लापरवाही से मम्मफोर्डगंज ही नहीं कटरा, कर्नलगंज समेत कई इलाकों में वोटर पर्ची नहीं बांटी गई है। उन्होंने इस बारे में उप जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की है। वहीं सपा के मीडिया प्रभारी सै. मो. अस्करी ने कहा कि वोटर पर्चियों का वितरण न होना तथा त्रुटियों के कारण मतदान पर असर पड़ेगा। बसपा के नगर अध्यक्ष चौधरी सईद अहमद ने भी वोटर पर्ची वितरण में जानबूझ कर लापरवाही किए जाने का आरोप लगाया।