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अवैध वेंडरों से सावधान, जंक्शन पर सुरक्षित नहीं खानपान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 25 Apr 2016 01:20 AM IST
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fsad
- फोटो : getty images
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इलाहाबाद जंक्शन पर इन दिनों प्लेटफार्म पर मिलने वाला खुला खाना सुरक्षित नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि रेलवे स्टेशन पर इन दिनों अवैध वेंडरों की भरमार हो गई है। मध्य प्रदेश, दक्षिण भारत और मुंबई जाने वाली ट्रेनों की रवानगी केवक्त जंक्शन पर अवैध वेंडर देखे जा सकते हैं। इनके द्वारा बेचे जा रहे खाने पीने के खुले सामान जंक्शन पर धड़ल्ले से बेचे जा रहे है। बावजूद इसके रेल प्रशासन इनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका है।
जंक्शन पर अवैध वेंडरों के कामकाज का सिस्टम काफी अलग है। जंक्शन के प्लेटफार्म पर ट्रेन के आते ही उसके स्लीपर एवं जनरल कोच के सामने ये अचानक प्रकट हो जाते हैं और ट्रेन रवानगी के साथ ये अपना सामान आदि समेट चले जाते हैं। ज्यादातर अवैध वेंडर जंक्शन के प्लेटफार्म सात, आठ, नौ और दस पर सक्रिय हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मुंबई, पुणे, दक्षिण भारत की तरफ जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें इन्हीं प्लेटफार्म से संचालित होती हैं।
अधिकांश में इंजन भी बदले जाते हैं। इस वजह से इन प्लेटफार्मों पर ट्रेनों का ठहराव न्यूनतम 20 मिनट तो रहता ही है। इस अवधि में संबंधित ट्रेनों के स्लीपर एवं जनरल कोच के आगे अवैध वेंडर खाने पीने के सामान धड़ल्ले से बेचते हुए देखे जा सकते हैं। ज्यादातर वेंडर सब्जी-पूड़ी, छोला-चावल, समोसा, पकौड़ा आदि खाद्य पदार्थ ही बेचते हैं। इनके द्वारा बेचे जाने वाले सामान की क्वालिटी को लेकर आए दिन यात्रियों की इन वेंडरों से बहस भी होती है।
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इसकी जानकारी संबधित प्लेटफार्म पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को भी रहती है, लेकिन संबंधित वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात यदा कदा ही सामने आती है। जबकि सुरक्षा कर्मियों को रेलवे की हिदायत है कि जंक्शन पर अवैध वेंडरों को कहीं भी खाने पीने का सामान बेचने न दें। चर्चा इस बात की है अवैध वेंडर जंक्शन के बाहर से ही खानपान की वस्तुएं बनवाकर लाते हैं। इनकी टाइमिंग इतनी सटीक रहती है कि ट्रेन आने के पहले ही वह प्लेटफार्म पर तैनात हो जाते हैं और उसकी रवानगी के बाद अपने सामान समेट कर चले जाते हैं।
जंक्शन पर अवैध वेंडरों को रेलवे के चेकिंग स्टाफ की जानकारी पहले ही मिल जाती है। दरअसल अवैध वेंडरों के कई अन्य साथी भी हैं जो प्लेटफार्म के इंट्री प्वाइंट पर रहते हैं। इस दौरान रेलवे को कोई वरिष्ठ अफसर या चेकिंग स्टाफ संबंधित प्लेटफार्म पर आता है तो मोबाइल के माध्यम से वे इसकी खबर सामान बेचने वाले अवैध वेंडरों को दे देते हैं और वे अपने सामान आदि प्लेटफार्म पर ही छिपा देते हैं।
‘इलाहाबाद जंक्शन समेत जोन के सभी प्रमुख स्टेशनों पर अवैध वेंडरों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलता है। काफी वेंडर पकड़े भी गए हैं। अगर जंक्शन पर अवैध वेंडर है तो अभियान चलाकर उन्हें पकड़ा जाएगा। यात्रियों को भी चाहिए कि जंक्शन के स्टॉलों से ही खाने पीने की चीजें खरीदें। ’
00 बिजय कुमार, सीपीआरओ, एनसीआर।
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जंक्शन पर अवैध वेंडरों के कामकाज का सिस्टम काफी अलग है। जंक्शन के प्लेटफार्म पर ट्रेन के आते ही उसके स्लीपर एवं जनरल कोच के सामने ये अचानक प्रकट हो जाते हैं और ट्रेन रवानगी के साथ ये अपना सामान आदि समेट चले जाते हैं। ज्यादातर अवैध वेंडर जंक्शन के प्लेटफार्म सात, आठ, नौ और दस पर सक्रिय हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मुंबई, पुणे, दक्षिण भारत की तरफ जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें इन्हीं प्लेटफार्म से संचालित होती हैं।
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अधिकांश में इंजन भी बदले जाते हैं। इस वजह से इन प्लेटफार्मों पर ट्रेनों का ठहराव न्यूनतम 20 मिनट तो रहता ही है। इस अवधि में संबंधित ट्रेनों के स्लीपर एवं जनरल कोच के आगे अवैध वेंडर खाने पीने के सामान धड़ल्ले से बेचते हुए देखे जा सकते हैं। ज्यादातर वेंडर सब्जी-पूड़ी, छोला-चावल, समोसा, पकौड़ा आदि खाद्य पदार्थ ही बेचते हैं। इनके द्वारा बेचे जाने वाले सामान की क्वालिटी को लेकर आए दिन यात्रियों की इन वेंडरों से बहस भी होती है।
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इसकी जानकारी संबधित प्लेटफार्म पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को भी रहती है, लेकिन संबंधित वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात यदा कदा ही सामने आती है। जबकि सुरक्षा कर्मियों को रेलवे की हिदायत है कि जंक्शन पर अवैध वेंडरों को कहीं भी खाने पीने का सामान बेचने न दें। चर्चा इस बात की है अवैध वेंडर जंक्शन के बाहर से ही खानपान की वस्तुएं बनवाकर लाते हैं। इनकी टाइमिंग इतनी सटीक रहती है कि ट्रेन आने के पहले ही वह प्लेटफार्म पर तैनात हो जाते हैं और उसकी रवानगी के बाद अपने सामान समेट कर चले जाते हैं।
जंक्शन पर अवैध वेंडरों को रेलवे के चेकिंग स्टाफ की जानकारी पहले ही मिल जाती है। दरअसल अवैध वेंडरों के कई अन्य साथी भी हैं जो प्लेटफार्म के इंट्री प्वाइंट पर रहते हैं। इस दौरान रेलवे को कोई वरिष्ठ अफसर या चेकिंग स्टाफ संबंधित प्लेटफार्म पर आता है तो मोबाइल के माध्यम से वे इसकी खबर सामान बेचने वाले अवैध वेंडरों को दे देते हैं और वे अपने सामान आदि प्लेटफार्म पर ही छिपा देते हैं।
‘इलाहाबाद जंक्शन समेत जोन के सभी प्रमुख स्टेशनों पर अवैध वेंडरों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलता है। काफी वेंडर पकड़े भी गए हैं। अगर जंक्शन पर अवैध वेंडर है तो अभियान चलाकर उन्हें पकड़ा जाएगा। यात्रियों को भी चाहिए कि जंक्शन के स्टॉलों से ही खाने पीने की चीजें खरीदें। ’
00 बिजय कुमार, सीपीआरओ, एनसीआर।