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बंगाली डॉक्टर ने बाग्लादेश से आये युवक का बनवाया फर्जी आधार, पैन व पासपोर्ट
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Bengali doctor got fake Aadhaar, PAN and passport made for young man from Bangladesh
प्रयागराज। खीरी के पौशला गांव में रहने वाले डॉक्टर रवि राय और उनके कथित बेटे बिजन राय (बांग्लादेशी) को पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोपों में गिरफ्तार कर दिया। बांग्लादेश के बिजन राय को डॉक्टर ने बेटा मान लिया था। उसके सभी दस्तावेजों में पिता की जगह रवि राय का ही नाम लिखा था। कुछ महीने पहले बिजन अपने असली मां-बाप से मिलने बांग्लादेश गया तो वहां एयरपोर्ट पर उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया। इसके बाद वहां से उसके बारे में जांच आई। एलआईयू की जांच के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
खीरी पुलिस को सूचना मिली थी कि पौशला गांव में डॉक्टर रवि राय जिस बिजन राय को अपना बेटा बताते हैं, वह मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। सूचना पर पुलिस रवि राय के घर पहुंच गई और दोनों से पूछताछ की। बिजन वहीं पर था। उसने साफ बता दिया कि वह बांग्लादेश का है। 1999 में वह जब आठ साल का था तो घर छोड़कर भाग निकला था। वह भटकते हुए पश्चिम बंगाल आ गया और वहीं पर रवि राय ने उसे अपने साथ रख लिया। तब से वह उनके साथ है। इसके कुछ सालों पर रवि राय प्रयागराज के पौशला गांव आ गए तो बिजन भी साथ आ गया। यहीं उसका स्कूल में नाम लिखवाकर आधार, पैन और पासपोर्ट समेत सारे दस्तावेज रवि राय ने बनवा दिए। वह बेटे की तरह ही उनके साथ रहने लगा।
इस बीच बिजन दो बार दुबई काम के लिए गया। वहां से लौटते समय वह दोनों बार बांग्लादेश अपने असली मां-बाप से मिलने पहुंच गया। ढाका एयरपोर्ट पर उसका पासपोर्ट पकड़ लिया गया। उसे संदिग्ध मानते हुए बांग्लादेश की पुलिस ने भारत को जांच के लिए आग्रह किया। वहां से जांच प्रयागराज पहुंची। एलआईयू की जांच के बाद साफ हो गया कि बिजन मूल रूप से बांग्लादेश का ही रहने वाला है। रवि राय ने यह बात छिपाते हुए उसके सारे दस्तावेज बनवा दिए थे। इंस्पेक्टर संतोष शर्मा ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के साथ विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14 के तहत भी मामला लिखा गया। एसओ खीरी संतोष शुक्ला ने बताया किसी भी विदेशी को गोद लेने का एक नियम होता है, जिसे पूरा नहीं किया गया।
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खीरी पुलिस को सूचना मिली थी कि पौशला गांव में डॉक्टर रवि राय जिस बिजन राय को अपना बेटा बताते हैं, वह मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। सूचना पर पुलिस रवि राय के घर पहुंच गई और दोनों से पूछताछ की। बिजन वहीं पर था। उसने साफ बता दिया कि वह बांग्लादेश का है। 1999 में वह जब आठ साल का था तो घर छोड़कर भाग निकला था। वह भटकते हुए पश्चिम बंगाल आ गया और वहीं पर रवि राय ने उसे अपने साथ रख लिया। तब से वह उनके साथ है। इसके कुछ सालों पर रवि राय प्रयागराज के पौशला गांव आ गए तो बिजन भी साथ आ गया। यहीं उसका स्कूल में नाम लिखवाकर आधार, पैन और पासपोर्ट समेत सारे दस्तावेज रवि राय ने बनवा दिए। वह बेटे की तरह ही उनके साथ रहने लगा।
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इस बीच बिजन दो बार दुबई काम के लिए गया। वहां से लौटते समय वह दोनों बार बांग्लादेश अपने असली मां-बाप से मिलने पहुंच गया। ढाका एयरपोर्ट पर उसका पासपोर्ट पकड़ लिया गया। उसे संदिग्ध मानते हुए बांग्लादेश की पुलिस ने भारत को जांच के लिए आग्रह किया। वहां से जांच प्रयागराज पहुंची। एलआईयू की जांच के बाद साफ हो गया कि बिजन मूल रूप से बांग्लादेश का ही रहने वाला है। रवि राय ने यह बात छिपाते हुए उसके सारे दस्तावेज बनवा दिए थे। इंस्पेक्टर संतोष शर्मा ने बताया कि दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के साथ विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14 के तहत भी मामला लिखा गया। एसओ खीरी संतोष शुक्ला ने बताया किसी भी विदेशी को गोद लेने का एक नियम होता है, जिसे पूरा नहीं किया गया।
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