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शुआट्स के नाम के साथ ‘विश्वविद्यालय’ लिखने पर यूजीसी ने लगाई रोक
Sat, 30 May 2020 01:58 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 30 May 2020 01:58 AM IST
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यूजीसी
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नैनी स्थित सैम हिग्गन बॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड साइंसेज (शुआट्स) अपने नाम के साथ ‘विश्वविद्यालय’ शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकता है। इस बाबत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से नोटिस जारी किया गया है, जिसमें जमुनीपुर कोटवा स्थित नेहरू ग्राम भारती मानिद विवि (एनजीबीयू) का नाम भी शामिल है। हालांकि, यूजीसी के दिशा-निर्देशों का एनजीबीयू पहले से पालन कर रहा है, जबकि शुआट्स प्रशासन का दावा है कि यूजीसी का नोटिस उस पर प्रभावी नहीं होता है, क्योंकि शुआट्स को प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय का दर्जा दिया है।
यूजीसी ने देश भर के 127 डीम्ड-2 बी यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर कहा है कि वह अपने नाम के साथ ‘विश्वविद्यालय’ शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। इन्हें पहले ही डीम्ड-2 बी यूनिवर्सिटी घोषित किया जा चुका है। यूजीसी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि संबंधित संस्थान अपने पते, लेटर हेड, होर्डिंग, बैनर, विज्ञापन, ई-मेल आदि में यूनिवर्सिटी शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे और अगर निर्देशों का अनुपालन नहीं किया तो संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, संस्थान चाहें तो ‘डीम्ड-2 बी यूनिर्सिटी’ यानी ‘मानिद विश्वविद्यालय’ शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं।
एनजीबीयू तो अपने नाम के साथ मानिद विश्वविद्यालय शब्द का इस्तेमाल करता है, लेकिन शुआट्स ऐसा नहीं कर रहा है और न ही वह यूजीसी का नोटिस मानने को तैयार है। शुुआट्स के जनसंपर्क अधिकारी रमाकांत दूबे का कहना है कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल द्वारा पारित राज्य अधिनियम के क्रम में शासन की ओर से जारी अधिसूचना के तहत शुुआट्स एक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय है।
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शासन के अभिलेखों में भी पूर्ण विश्वविद्यालय के रूप में दर्ज है। साथ ही उत्तर प्रदेश शासन द्वारा विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता संबंधित अधिसूचना यूजीसी को भेजी जा चुकी है। यूजीसी के अभिलेखों में शुुआट्स को विश्वविद्यालय के रूप में दर्ज किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। कोविड-19 महामारी के कारण इसमें विलंब हो रहा है। उम्मीद है कि यूजीसी के अभिलेखों में भी शुुआट्स विश्वविद्यालय के रूप में दर्ज हो जाएगा। ऐसे में यूजीसी की ओर से जारी नोटिस शुुआट्स पर प्रभावी नहीं है।
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यूजीसी ने देश भर के 127 डीम्ड-2 बी यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर कहा है कि वह अपने नाम के साथ ‘विश्वविद्यालय’ शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। इन्हें पहले ही डीम्ड-2 बी यूनिवर्सिटी घोषित किया जा चुका है। यूजीसी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि संबंधित संस्थान अपने पते, लेटर हेड, होर्डिंग, बैनर, विज्ञापन, ई-मेल आदि में यूनिवर्सिटी शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे और अगर निर्देशों का अनुपालन नहीं किया तो संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, संस्थान चाहें तो ‘डीम्ड-2 बी यूनिर्सिटी’ यानी ‘मानिद विश्वविद्यालय’ शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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एनजीबीयू तो अपने नाम के साथ मानिद विश्वविद्यालय शब्द का इस्तेमाल करता है, लेकिन शुआट्स ऐसा नहीं कर रहा है और न ही वह यूजीसी का नोटिस मानने को तैयार है। शुुआट्स के जनसंपर्क अधिकारी रमाकांत दूबे का कहना है कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल द्वारा पारित राज्य अधिनियम के क्रम में शासन की ओर से जारी अधिसूचना के तहत शुुआट्स एक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय है।
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शासन के अभिलेखों में भी पूर्ण विश्वविद्यालय के रूप में दर्ज है। साथ ही उत्तर प्रदेश शासन द्वारा विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता संबंधित अधिसूचना यूजीसी को भेजी जा चुकी है। यूजीसी के अभिलेखों में शुुआट्स को विश्वविद्यालय के रूप में दर्ज किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। कोविड-19 महामारी के कारण इसमें विलंब हो रहा है। उम्मीद है कि यूजीसी के अभिलेखों में भी शुुआट्स विश्वविद्यालय के रूप में दर्ज हो जाएगा। ऐसे में यूजीसी की ओर से जारी नोटिस शुुआट्स पर प्रभावी नहीं है।