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बक्शी बांध : जाम में फंसे सैकड़ों वाहन

Mon, 03 Feb 2020 01:24 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 03 Feb 2020 01:24 AM IST
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Bakshi Dam: Hundreds of vehicles stuck in jams
Bakshi Dam: Hundreds of vehicles stuck in jams
प्रयागराज। रविवार को बक्शी बांध रेलवे क्रासिंग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। किसी भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी के मौजूद न होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। बांध पर दो रेलवे क्रासिंग होने और उससे सटी सब्जी मंडी की वजह से हर रोज जाम लगता है, लेकिन प्रशासन अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं निकाल सका है।
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रविवार को छुट्टी का दिन होने के बाद भी लोगों को रोज की तरह जाम से दो-चार होना पड़ा। क्रासिंग खुलते ही वाहनों की पहले निकलने की जल्दबाजी में सड़क पर भीषण जाम लग गया। लोग घंटों में जाम में फंसकर प्रशासन को कोसते रहे। किसी तरह स्थानीय लोगों की मदद से जाम खुल सका।
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पिछले साल आयोजित कुंभ में जब शहर की सूरत बदल रही थी, तब लाखों खर्च कर बक्शी बांध को भी सजाया गया। चूंकि संगम जाने के लिए यह एक प्रमुख मार्ग है और दारागंज, छोटा बघाड़ा, सलोरी के लाखों लोगों का रोजाना बांध से आना-जाना होता है, इस वजह से बांध का चौड़ीकरण किया गया। यहां हरियाली के लिए पौधे लगाए गए, यहां तक कि मेडिकल कॉलेज के पास की नर्सरियों को भी बांध पर स्थापित किया गया। बेंच, शेल्टर, शौचालय और एलईडी लाइट लगाकर इसका सुंदरीकरण किया गया। लेकिन बांध के मुहाने पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए आज तक कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
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दो रेलवे क्रासिंग से समस्या हुई जटिल
प्रयागराज। आबादी बढ़ने के साथ-साथ बक्शी बांध पर भीड़ का दबाव भी बढ़ने लगा है। पहले सिर्फ प्रयाग स्टेशन की एक क्रासिंग थी, लेकिन अब डबल लाइन होने की वजह से उस पर ट्रेनों की भी आवाजाही बढ़ गई है। लिहाजा वो क्रासिंग दिन में कई बार बंद होती है।
इसके अलावा कुंभ के दौरान प्रयागघाट टर्मिनल के शुरू हो जाने से बांध पर दूसरी रेलवे क्रासिंग भी चालू हो गई है और इस पर भी ट्रेनों की आवाजाही दिनभर होती है। ऐसे में एक क्रासिंग के खुलने पर दूसरी का बंद हो जाना समस्या को रोज जटिल बनाता है। कई बार तो दोनों ही क्रासिंग बंद रहती हैं, उस वक्त जाम अपने चरम पर लगता है और घंटों खुलने का नाम नहीं लेता।
फ्लाईओवर एकमात्र समाधान
प्रयागराज। लाखों की आबादी को जाम से निजात दिलाने में सिर्फ फ्लाईओवर का निर्माण ही कारगर साबित हो सकता है। लेकिन यह विडंबना है कि अभी तक इसकी फ़ाइल शासन में धूल फांक रही है। रेलवे ने फ्लाईओवर के लिए रकम जारी भी कर दी है, लेकिन सेतु निगम अभी संशोधित प्रस्ताव बनाने में जुटा है, जबकि कई बार नापजोख भी हो चुकी है। कुंभ के दौरान जब शहर को कई पुलों की सौगात मिली, तब इस फ्लाईओवर के भी बनने के पूरे आसार थे, लेकिन ऐन मौके पर प्रस्ताव रद्द कर दिया गया।

क्यों लगता है जाम
प्रयागराज। दरअसल बक्शी बांध क्रासिंग पर ही दो अन्य रास्ते भी हैं। एक रास्ता जो अल्लापुर जाता है और दूसरा छोटा बघाड़ा को बांध से जोड़ता है। प्रयाग स्टेशन की क्रासिंग बंद होने पर तो ये दोनों रास्ते खुले रहते हैं और ट्रैफिक धीरे-धीरे निकल जाता है। स्थिति तब बिगड़ जाती है, जब प्रयागघाट की क्रासिंग बंद होती है। तब दोनों लिंक मार्ग पर आवागमन थम जाता है और क्रासिंग खुलने पर चारों तरफ से पहले निकलने की जल्दी में भीषण जाम लग जाता है।
फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू किया जाएगा। - आरके सिंह, महाप्रबंधक सेतु निगम
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