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ज्यादा बकरों की आमद से कम हुईं कीमतें
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Bakrid
- फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी के लिए बकरों की खरीद-फरोख्त रात भर जारी रहा। बस, चौबीस घंटे ही बाकी रहने के कारण शाम तक तो बकरों का बाजार परवान चढ़ा लेकिन जैसे-जैसे शाम होती गई, बाजार में बकरों की आमद के साथ ही बकरों की कीमतों में कुछ कमी आई। हालांकि तब भी बकरों की कीमतें बीते वर्ष से सवा से डेढ़ गुना तक ज्यादा ही रहीं। इस बीच हर जगह अपनी पसंद और जरूरत के मुताबिक बकरों को लेकर मोलभाव का सिलसिला आधी रात के बाद भी जारी रहा।
हटिया, रसूलपुर कब्रिस्तान की बकरा मंड़ियों के अतिरिक्त चौक, नखासकोहना, करेली में अस्करी मार्केट, नूरुल्लाह रोड, अटाला, दरियाबाद, करामत की चौकी, शाहगंज आदि जगहों पर बकरों का बाजार गुलजार रहा। बकरा मंडियों से इतर मोहल्लों के सड़क, चौराहों पर गांव से आए छोटे कारोबारी भी अपने-अपने बकरों को साथ लेकर घूमते रहे। रविवार को मनौरी का बाजार था। दोपहर बाद बाजार खत्म होने के बाद वहां के तकरीबन सभी छोटे-बड़े कारोबारियों ने अपने बकरों के साथ प्रयागराज का रुख किया। ऐसे में बाजार में बकरों की आमद बढ़ी जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा और कीमतें बीते दिनों की अपेक्षा कुछ कम हुईं।
हिस्से के लिए मदरसों में हुई बुकिंग
बकरों के अतिरिक्त बड़े़ जानवरों की कुर्बानी भी कराई जाएगी। इसके लिए खासतौर पर मदरसों की ओर हिस्सा की बुकिंग की गई है। वैसे भी सभी जानवरों की खाल पर मदरसों का हक होता है, सो खालें मदरसों को ही तकसीम की जाएंगी। एडीएम सिटी अशोक कनौजिया ने कहा है कि कुर्बानी के लिए बीते वर्ष जैसी व्यवस्था इस बार भी लागू रहेगी।
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चाकू, छुरियों पर धार चढ़वाने को रही बेताबी
बकरीद के पहले हर कोई चाकू, छुरियों पर धार चढ़वाने को बेताब दिखा। पूरे दिन नूरुल्लाह रोड, गुलाबबाड़ी, खुल्दाबाद आदि जगहों पर चाकू, छुरियों पर धार चढ़वाने के लिए दुकानें सजीं। यहां लोग चाकू, छुरियों पर धार चढ़वाने के लिए बेताब रहे ही, तमाम लोगों ने कुर्बानी के लिए चाकू, छुरियां खरीदीं। बकरा मंड़ियों के बाहर भी चाकू, छुरियां बिकीं।
खरीदी गईं सेवंइयां, मेवे, मसाले
बकरीद पर गोश्त तो अहम होगा ही, इसके साथ सेवंइयां भी पकाई जाएंगी। ऐसे में बकरों के अतिरिक्त तरह-तरह की सेवंइयां, मेवे, मसाले भी खरीदे गए। इसके अतिरिक्त मेहमानों की खातिर प्लेट, प्यालियां, डिनर सेट भी खरीदे गए। ज्यादातर घरों के पर्दे और सोफे के कुशन भी बदले गए।
इधर-उधर हरगिज न फेंके ‘फाजिल’ गोश्त
प्रयागराज। शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी ने सभी से अमन और भाईचारगी के साथ बकरीद मनाने की अपील की है। कहा है कि नमाज के लिए जाने से पहले गुस्ल करें, नए कपड़े पहनें, इत्र लगाएं और रास्ते भर ‘तकवीरे तश्रीक’ पढ़ते हुए जाएं। नमाज के बाद लोगों को मुबारकबाद दें।
वापसी में कुर्बानी कराने के बाद गोश्त को तीन हिस्सों में बांटे, जिसमें से एक हिस्सा जरूरतमंदों, दूसरा दोस्तों-रिश्तेदारों और तीसरा हिस्सा अपने लिए रखें। ख्याल रखें कि कुर्बानी के गोश्त का जो हिस्सा इस्तेमाल में न हो, उसे इधर-उधर हरगिज न फेंके।
वहीं करेलाबाग स्थित दारुल उलूम अफजलुल मदारिस के प्रिंसिपल फरीद अहमद खान ने भी तमाम अकीदतमंदों से कहा कि कुर्बानी किसी दिखावे नहीं बल्कि अल्लाह के लिए है, ऐसे में न तो इसकी नुमाइश करें। इसलिए इसका वीडियो बनाकर व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर सहित सोशल मीडिया पर हरगिज न डालें।
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हटिया, रसूलपुर कब्रिस्तान की बकरा मंड़ियों के अतिरिक्त चौक, नखासकोहना, करेली में अस्करी मार्केट, नूरुल्लाह रोड, अटाला, दरियाबाद, करामत की चौकी, शाहगंज आदि जगहों पर बकरों का बाजार गुलजार रहा। बकरा मंडियों से इतर मोहल्लों के सड़क, चौराहों पर गांव से आए छोटे कारोबारी भी अपने-अपने बकरों को साथ लेकर घूमते रहे। रविवार को मनौरी का बाजार था। दोपहर बाद बाजार खत्म होने के बाद वहां के तकरीबन सभी छोटे-बड़े कारोबारियों ने अपने बकरों के साथ प्रयागराज का रुख किया। ऐसे में बाजार में बकरों की आमद बढ़ी जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा और कीमतें बीते दिनों की अपेक्षा कुछ कम हुईं।
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हिस्से के लिए मदरसों में हुई बुकिंग
बकरों के अतिरिक्त बड़े़ जानवरों की कुर्बानी भी कराई जाएगी। इसके लिए खासतौर पर मदरसों की ओर हिस्सा की बुकिंग की गई है। वैसे भी सभी जानवरों की खाल पर मदरसों का हक होता है, सो खालें मदरसों को ही तकसीम की जाएंगी। एडीएम सिटी अशोक कनौजिया ने कहा है कि कुर्बानी के लिए बीते वर्ष जैसी व्यवस्था इस बार भी लागू रहेगी।
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चाकू, छुरियों पर धार चढ़वाने को रही बेताबी
बकरीद के पहले हर कोई चाकू, छुरियों पर धार चढ़वाने को बेताब दिखा। पूरे दिन नूरुल्लाह रोड, गुलाबबाड़ी, खुल्दाबाद आदि जगहों पर चाकू, छुरियों पर धार चढ़वाने के लिए दुकानें सजीं। यहां लोग चाकू, छुरियों पर धार चढ़वाने के लिए बेताब रहे ही, तमाम लोगों ने कुर्बानी के लिए चाकू, छुरियां खरीदीं। बकरा मंड़ियों के बाहर भी चाकू, छुरियां बिकीं।
खरीदी गईं सेवंइयां, मेवे, मसाले
बकरीद पर गोश्त तो अहम होगा ही, इसके साथ सेवंइयां भी पकाई जाएंगी। ऐसे में बकरों के अतिरिक्त तरह-तरह की सेवंइयां, मेवे, मसाले भी खरीदे गए। इसके अतिरिक्त मेहमानों की खातिर प्लेट, प्यालियां, डिनर सेट भी खरीदे गए। ज्यादातर घरों के पर्दे और सोफे के कुशन भी बदले गए।
इधर-उधर हरगिज न फेंके ‘फाजिल’ गोश्त
प्रयागराज। शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी ने सभी से अमन और भाईचारगी के साथ बकरीद मनाने की अपील की है। कहा है कि नमाज के लिए जाने से पहले गुस्ल करें, नए कपड़े पहनें, इत्र लगाएं और रास्ते भर ‘तकवीरे तश्रीक’ पढ़ते हुए जाएं। नमाज के बाद लोगों को मुबारकबाद दें।
वापसी में कुर्बानी कराने के बाद गोश्त को तीन हिस्सों में बांटे, जिसमें से एक हिस्सा जरूरतमंदों, दूसरा दोस्तों-रिश्तेदारों और तीसरा हिस्सा अपने लिए रखें। ख्याल रखें कि कुर्बानी के गोश्त का जो हिस्सा इस्तेमाल में न हो, उसे इधर-उधर हरगिज न फेंके।
वहीं करेलाबाग स्थित दारुल उलूम अफजलुल मदारिस के प्रिंसिपल फरीद अहमद खान ने भी तमाम अकीदतमंदों से कहा कि कुर्बानी किसी दिखावे नहीं बल्कि अल्लाह के लिए है, ऐसे में न तो इसकी नुमाइश करें। इसलिए इसका वीडियो बनाकर व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर सहित सोशल मीडिया पर हरगिज न डालें।