बेली गांव में मकान गिराने से लोग नाराज
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बेली गांव में एचएफएल से प्रभावित क्षेत्र शनिवार को मकानों के ध्वस्तीकरण का मामला तूल पकड़ने लगा है। एसडीएम टीके शिबू के नेतृत्व में शनिवार को जिस तरह वहां मकान गिराए गए, उसे लेकर क्षेत्रीय विधायक अनुग्रह नारायण सिंह समेत स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराजगी है। इस मामले में रविवार को विधायक ने मंडलायुक्त राजन शुक्ला से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसके पहले विधायक ने बेली गांव जाकर गिराए गए मकानों को भी देखा।
एसडीएम के नेतृत्व में जिला प्रशासन, एडीए और नगर निगम के संयुक्त दस्ते ने शनिवार को बेली गांव में करीब छह-सात वर्ष पहले बने दो मकानों को जमींदोज कर दिया। इसके पहले शुक्रवार को भी यहां कुछ मकानों की दीवारें, गेट, प्लाट पर बनी चहारदीवारी गिराई गई थी। इसके खिलाफ विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने स्थानीय लोगों के साथ रविवार को मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि स्टेटलैंड पर बने भवनों के विनियमितीकरण के लिए विधानसभा में सवाल उठाया था, जो विधान-सभा आश्वासन समिति में लंबित है। इसके साथ उच्च न्यायालय में जनहित याचिका विचाराधीन है। पुराने भवनों को गिराना विधानसभा आश्वासन समिति की अवमानना है। केवल नए भवनों पर ही आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
वार्ता के बाद मंडलायुक्त ने पुराने भवनों के विनियमितीकरण के विषय पर अवमानना न होने देने और वैद्यानिक आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में पार्षद शिव सेवक सिंह, कमलेश सिंह, चंद्रशेखर बच्चा आदि शामिल थे।