विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति लखनऊ के पदाधिकारियों को जमानती वारंट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति लोहिया मजदूर भवन, नरही, लखनऊ के सचिव सहित सभी पदाधिकारियों को जमानती वारंट जारी कर 20 मार्च को सुबह 10 बजे हाजिर होने का निर्देश दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति लोहिया मजदूर भवन, नरही, लखनऊ के सचिव सहित सभी पदाधिकारियों को जमानती वारंट जारी कर 20 मार्च को सुबह 10 बजे हाजिर होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सीजेएम लखनऊ के मार्फत वारंट तामील करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने दिसंबर 22 में प्रदेश में विद्युत आपूर्ति बाधित न करने का निर्देश दिया था और संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
कोर्ट ने कहा था कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन संघर्ष समिति ने हड़ताल पर जाने की घोषणा कर कई शहरों, कस्बों की विद्युत आपूर्ति बाधित कर दी। अधिवक्ता विभु राय ने हाईकोर्ट में अर्जी दी और कार्रवाई की मांग की। कोर्ट ने पेश अर्जी पर जनहित याचिका को 17 मार्च को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई की।
अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने सरकार का पक्ष रखा और कहा सरकार ने विद्युत बहाल रखने के सख्त कदम उठाए हैं। क्योंकि पहले से ही जनहित याचिका विचाराधीन है। जिस पर पारित आदेश का उल्लंघन किए जाने को कोर्ट ने गंभीरता से लिया और जमानती वारंट जारी कर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को 20 मार्च को 10 बजे सुबह तलब किया है।
अधिवक्ता विभु राय की सूचना पर कोर्ट में राज्य विद्युत निगम के अधिवक्ता बालेश्वर चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। अर्जी में अखबारों में छपी खबर व संघर्ष समिति के एलान का हवाला दिया गया है। कहा गया है कि संघर्ष समिति ने कोर्ट के निर्देश की अवहेलना की है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए और विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए। याचिका की सुनवाई 20 मार्च को होगी।