High Court : फर्जी दस्तावेजों पर अग्निवीर योजना में फौजी बने युवक की जमानत मंजूर, ट्रेनिंग को पहुंचा था बरेली
मामला बरेली के कैंट थाना क्षेत्र का है। पंजाब के फजिल्का जिले के निओला गांव निवासी मंगल सिंह, सुखदेव सिंह नाम से अग्निवीर योजना के तहत जाट रेजिमेंट में चयनित होकर तैनाती के लिए बरेली कैंट के केंद्र पर पहुंचा था।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी दस्तावेजों पर अग्निवीर योजना के तहत जाट रेजिमेंट में फौजी बने युवक की जमानत मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी की अदालत ने आरोपी मंगल सिंह की जमानत अर्जी पर अधिवक्ता विपिन गंगवार को सुनकर दिया।
मामला बरेली के कैंट थाना क्षेत्र का है। पंजाब के फजिल्का जिले के निओला गांव निवासी मंगल सिंह, सुखदेव सिंह नाम से अग्निवीर योजना के तहत जाट रेजिमेंट में चयनित होकर तैनाती के लिए बरेली कैंट के केंद्र पर पहुंचा था। दस्तावेजाें के सत्यापन के वक्त उसके आधार कार्ड के विवरण में भिन्नता मिलने पर मामला प्रकाश में आया कि सुखदेव सिंह के नाम पर सेना में शामिल हुआ जवान मंगल सिंह है। बरेली जाट रेजिमेंट ट्रेनिंग बटालियन के लेफ्टिनेंट कर्नल युवराज सिंह ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा था।
आरोपी के अधिवक्ता विपिन गंगवार ने दलील दी कि आरोपी जनवरी 2024 से जेल में बंद है। इसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसे मामले में झूठा फंसाया गया है, वह निर्दोष है। आरोपित धाराएं सात साल से कम की सजा वाली हैं। ट्रायल पूरा होने में काफी वक्त लगने की संभावना है। कोर्ट ने आरोपी की जमानत मंजूर करते हुए रिहा करने का आदेश दे दिया।