High Court : माफिया अतीक के गुर्गे असद कालिया की जमानत अर्जी खारिज, पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का है आरोप
मामला प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र का है। मोहम्मद मुस्लिम ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि 2021-22 में चकिया तिराहे से असद कालिया, उमर, अतीक के गनर ऐहतेशाम करीम आदि उसे जबरन गाड़ी में बैठकर अतीक के ऑफिस ले गए।
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जिला अदालत ने पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगने के आरोपी माफिया अतीक अहमद के गुर्गे मोहम्मद असद उर्फ असद कालिया की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश जिला जज संतोष राय की अदालत ने डीजीसी क्रिमिनल गुलाब चंद्र और आरोपियों के अधिवक्ता की दलीलों को सुनकर दिया।
मामला प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र का है। मोहम्मद मुस्लिम ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि 2021-22 में चकिया तिराहे से असद कालिया, उमर, अतीक के गनर ऐहतेशाम करीम आदि उसे जबरन गाड़ी में बैठकर अतीक के ऑफिस ले गए। वहां उन्होंने देवघाट वाली जमीन अतीक के बेटों उमर, अली के नाम बैनामा करने व पांच करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग करते हुए जान से मारने का प्रयास किया था।
अतीक-अशरफ हत्याकांड में नहीं हो सकी इंस्पेक्टर से जिरह
अतीक-अशरफ के हत्यारोपियों के खिलाफ चल रहे ट्रायल में मंगलवार को धूमनगंज के इंस्पेक्टर राजेश मौर्य से जिरह नहीं हो सकी। अब मामला 11 नवंबर को जिरह के लिए सूचीबद्ध होगा। मामले का ट्रायल अपर सत्र न्यायाधीश बीके मिश्रा की अदालत में चल रहा है।
इससे पहले गवाह और तत्कालीन इंस्पेक्टर राजेश मौर्य से जिरह होनी है, लेकिन वह अदालत में हाजिर नहीं हुए थे। इससे ट्रायल कोर्ट ने इंस्पेक्टर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। अतीक-अशरफ के तीनों हत्यारोपी सनी उर्फ पूरन सिंह उर्फ मोहित सिंह, लवलेश व अरुण मौर्य चित्रकूट के जिला कारागार में बंद हैं। इनके खिलाफ एसआईटी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 13 जुलाई 2023 को आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद मामला ट्रायल के लिए सत्र न्यायलय की सौंप दिया गया है।