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बदरी, बारिश से पारा धड़ाम, ठंड होगी कड़क
Thu, 24 Jan 2019 01:12 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 24 Jan 2019 01:12 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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भटककर आए बादलों ने बुधवार को ऐसा डेरा जमाया कि दुबके सूरज को धूप दिखाने का मौका नहीं मिला। पछुआ विक्षोभ की सक्रियता से कई बार बारिश हुई। इससे अधिकतम पारा सात डिग्री सेल्सियस धड़ाम हो गया। नमी के उच्च स्तर पर रहने और बर्फीली हवाओं के कारण गलन फिर बढ़ गई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बृहस्पतिवार को भी बारिश के आसार हैं। ठंड अभी और बढे़ेगी।
पौष पूर्णिमा के दिन तपे सूरज की तपिश ने आवारा बादलों को डेरा जमाने का मौका दे दिया। अचानक गर्म हुआ मौसम बदरी छाते ही सामान्य हुआ। मंगलवार देर रात तेज हवाओं संग हुई बारिश ने मौसमी उठापटक को गति दे दी। हाल यह रहा कि 24 घंटे में ही अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री से लुढ़ककर 19.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस ऊपर चढ़कर 13 से बढ़कर 16 डिग्री सेल्सियस पर आ टिका।
बदरी, बारिश के साथ बर्फीली हवाओं का शीतोष्ण चक्रवात का मेल आश्चर्यजनक घटना करा गया। आर्द्रता(नमी) का स्तर नीचे और ऊपर का 100 के आंकड़े पर टिका। यही बारिश का कारण बना। कभी बारिश तो कभी तेज ठंडी हवाएं शरीर भेदती रहीं। ठंड और गलन से लोग परेशान रहे।
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मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक वायुमंडल में शीतोष्ण चक्रवात प्रभावी होने से नमी बढ़ी है। उत्तर पश्चिम से आए बादलों के डेरा जमाने से बारिश के आसार बने हैं। यह बारिश किसानों के लिए सोना है। वहीं अभी ठंड और बढ़ेगी। गलन भी प्रभावी रहेगी।
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पौष पूर्णिमा के दिन तपे सूरज की तपिश ने आवारा बादलों को डेरा जमाने का मौका दे दिया। अचानक गर्म हुआ मौसम बदरी छाते ही सामान्य हुआ। मंगलवार देर रात तेज हवाओं संग हुई बारिश ने मौसमी उठापटक को गति दे दी। हाल यह रहा कि 24 घंटे में ही अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री से लुढ़ककर 19.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस ऊपर चढ़कर 13 से बढ़कर 16 डिग्री सेल्सियस पर आ टिका।
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बदरी, बारिश के साथ बर्फीली हवाओं का शीतोष्ण चक्रवात का मेल आश्चर्यजनक घटना करा गया। आर्द्रता(नमी) का स्तर नीचे और ऊपर का 100 के आंकड़े पर टिका। यही बारिश का कारण बना। कभी बारिश तो कभी तेज ठंडी हवाएं शरीर भेदती रहीं। ठंड और गलन से लोग परेशान रहे।
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मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक वायुमंडल में शीतोष्ण चक्रवात प्रभावी होने से नमी बढ़ी है। उत्तर पश्चिम से आए बादलों के डेरा जमाने से बारिश के आसार बने हैं। यह बारिश किसानों के लिए सोना है। वहीं अभी ठंड और बढ़ेगी। गलन भी प्रभावी रहेगी।