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बदायूं की भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्या पर चलेगा मुकदमा
Sat, 11 Apr 2020 01:14 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 11 Apr 2020 01:14 AM IST
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संघमित्रा मौर्य-धर्मेंद्र यादव
बदायूं की भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य के चुनाव की वैधता के खिलाफ दाखिल चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। याचिका की पोषणीयता पर कोर्ट ने संघमित्रा की आपत्ति निरस्त कर दी है तथा सुनवाई का निर्णय लिया है। सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने निर्वाचन की वैधता को चुनौती दी है। कोर्ट ने मामले में वाद बिंदु तय करने के लिए छह मई को सुनवाई हेतु पेश करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने दिया है।
सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव का कहना है कि लोकसभा चुनाव में 24 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। जिसमें से केवल नौ ही स्वीकृत किए गए । 16 नामांकन पत्र मनमाने तौर पर अस्वीकृत कर दिए गए। 25 मार्च 2019 को चुनाव परिणाम घोषित हुआ। याची का यह भी कहना है 8000 वोटों की अधिक गिनती की गई है, जो चुनाव को प्रभावित कर सकती है। सांसद संघमित्रा मौर्य की शादी नवल किशोर मौर्या के साथ हुई है। उनके एक पुत्र भी हैं।
चुनाव घोषणा पत्र में इस तथ्य की जानकारी छिपाई गई है, जो सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों एवं चुनाव नियमों का उल्लंघन है। इस आधार पर इनका चुनाव निरस्त किया जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि एक प्रत्याशी दिनेश कुमार का नामांकन गलत तरीके से अस्वीकृत किया गया है। दिनेश कुमार ने भी चुनाव याचिका दाखिल की है। जिस पर कोर्ट ने सांसद की आपत्ति को निरस्त करते हुए सुनवाई किए जाने का आदेश दिया है। दोनों याचिकाओं की सुनवाई छह मई को होगी। कोर्ट ने कहा याचिका पोषणीय है। याची वाद कारण पर अपना पक्ष व साक्ष्य पेश करें। छह मई को वादविन्दु तय किया जाएगा।
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सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव का कहना है कि लोकसभा चुनाव में 24 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। जिसमें से केवल नौ ही स्वीकृत किए गए । 16 नामांकन पत्र मनमाने तौर पर अस्वीकृत कर दिए गए। 25 मार्च 2019 को चुनाव परिणाम घोषित हुआ। याची का यह भी कहना है 8000 वोटों की अधिक गिनती की गई है, जो चुनाव को प्रभावित कर सकती है। सांसद संघमित्रा मौर्य की शादी नवल किशोर मौर्या के साथ हुई है। उनके एक पुत्र भी हैं।
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चुनाव घोषणा पत्र में इस तथ्य की जानकारी छिपाई गई है, जो सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों एवं चुनाव नियमों का उल्लंघन है। इस आधार पर इनका चुनाव निरस्त किया जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि एक प्रत्याशी दिनेश कुमार का नामांकन गलत तरीके से अस्वीकृत किया गया है। दिनेश कुमार ने भी चुनाव याचिका दाखिल की है। जिस पर कोर्ट ने सांसद की आपत्ति को निरस्त करते हुए सुनवाई किए जाने का आदेश दिया है। दोनों याचिकाओं की सुनवाई छह मई को होगी। कोर्ट ने कहा याचिका पोषणीय है। याची वाद कारण पर अपना पक्ष व साक्ष्य पेश करें। छह मई को वादविन्दु तय किया जाएगा।
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