Health : खानपान खराब, अब बच्चों के नहीं गिर रहे दूध के दांत, कारण जानकर हैरान रह जाएंगे आप
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय के दंत रोग विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में इस तरह के मामले बढ़े हैं। प्रतिदिन पांच से छह मामले ओपीडी में आ रहे हैं।
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बचपन से ही बच्चों को ठोस आहार की जगह पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन, मोमोज व अन्य जंक फूड खिलाना उनकी सेहत पर भारी पड़ रहा है। बच्चों के दूध के दांत समय पर नहीं गिर रहे हैं। दंत चिकित्सकों को निकालने पड़ रहे हैं।
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय के दंत रोग विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में इस तरह के मामले बढ़े हैं। प्रतिदिन पांच से छह मामले ओपीडी में आ रहे हैं।
बच्चों के दूध के दांत गिरने का समय 6 से 13 वर्ष तक का होता है। इस दौरान बच्चों के सभी दूध के दांत बारी-बारी से गिरकर उनकी जगह पक्के दांत आ जाते हैं। जंक फूड के अधिक सेवन के कारण उम्र दस वर्ष से अधिक हो जाने के बाद भी दांत नहीं गिर रहे हैं। ऐसे में माता-पिता इन दांतों को निकलवाने के लिए दंत चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं।
दंत विशेषज्ञों का कहना है कि ढाई साल की उम्र के बाद बच्चों को चना, मूंगफली, गन्ना, भुट्ठा व अन्य ठोस आहार देने चाहिए, जिससे उनके दांतों की कसरत हो सके और मसूड़े मजबूत हो जाएं। बर्गर, पिज्जा, चाऊमीन खिला में केमिकल मिला होता है, जो मसूड़ों के लिए हानिकारक होता है।
प्राइवेट क्लीनिक में भी आ रहे मामले
हिम्मतगंज स्थित एक प्राइवेट दंत रोग चिकित्सालय के डॉ. प्रशस्त मिश्रा की मानें तो उनके यहां प्रतिदिन 10 से 15 मामले दूध के दांत समय पर न गिरने के आ रहे हैं।
क्या करना चाहिए
1-गन्ना, चना, मूंगफली व भुट्टा जैसे ठोस आहार का सेवन कराएं
2- रात में सोते समय ब्रश करना जरूरी
3- जरूरी न हो तो बोतल से दूध न दें
4-खाने में हरी सब्जी जरूर दें
बच्चों के दूध के दांत समय पर न गिरने के मामले पिछले पांच वर्षों में बढ़े हैं। प्रतिदिन पांच से छह मामले आ रहे हैं। अगर समय पर बच्चों को ठोस आहार दिया जाए तो इस समस्या से निजात मिल सकती है। - डॉ. भावना सिंह, अध्यक्ष दंत रोग विभाग, एसआरएन
बच्चों को रात में दूध पिलाने के बाद उन्हें ब्रश जरूर कराएं। अगर ऐसा नहीं हैै, तो उन्हें अच्छे से कुल्ला करा दें। इससे दांत में कीड़े नहीं लगेंगे और मसूड़े स्वस्थ्य रहेंगे। - डॉ. प्रशस्त मिश्रा, दंत रोग विशेषज्ञ।