Allahabad High Court : जौहर यूनिवर्सिटी से पुलिस बल हटाने को लेकर आजम खां और अब्दुल्ला ने दाखिल की याचिका
पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां और उनके बेटे विधायक अब्दुल्लाह आजम की ओर से दाखिल याचिका में स्थानीय प्रशासन पर कई आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि मांग करने के बावजूद प्रशासन पुलिस बल को विश्वविद्यालय परिसर से हटा नहीं रहा है।
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मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में कई दिनों से पुलिस की तैनाती होने से बने दहशत के माहौल को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, जिसमें मांग की गई है कि विश्वविद्यालय परिसर से पुलिस बल को हटाया जाए। जिससे कि विश्वविद्यालय में पठन.पाठन का माहौल बहाल हो सके। पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे विधायक अब्दुल्लाह आजम की ओर से दाखिल याचिका में स्थानीय प्रशासन पर कई आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि मांग करने के बावजूद भी स्थानीय प्रशासन पुलिस बल को वहां से हटा नहीं रहा है। जिससे विश्वविद्यालय में भय का माहौल है। प्रवेश प्रक्रिया रुकी हुई है। पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
याची के अधिवक्ता नसीरा आदिल ने बताया कि अभी याचिका पर सुनवाई के लिए कोई तिथि कोर्ट ने नहीं तय की है। संभावना है की अगले हफ्ते में सुनवाई हो सकती है। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से नगर पालिका की सफाई करने वाली मशीन जमीन के भीतर दबी मिली थी। साथ ही मदरसा आलिया से चोरी की गई किताबें भी बरामद हुई थीं। जिसके बाद से ही यूनिवर्सिटी में पुलिस की तैनाती है।
इसको लेकर 22 अक्तूबर को विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने डीएम को पत्र भेजकर पुलिस को हटाने की मांग की थी। जिसके बाद पुलिस हटा ली गई थी, लेकिन फिर से 31 अक्तूबर की मध्य रात्रि में यूनिवर्सिटी में पुलिस तैनात कर दी गई। जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा था कि शिक्षा के मंदिर में पुलिस की तैनाती होने से विद्यार्थियों में दहशत का माहौल है। इस वजह से यूनिवर्सिटी में नए दाखिले भी नहीं हो रहे हैं और पुलिस के डर से कई कर्मचारी नौकरी छोड़ कर जा चुके हैं।
यूनिवर्सिटी के दो सहायक वित्त अधिकारियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जिनकी रिहाई 15 अक्तूबर को जेल से हुई थी। दोनों की गिरफ्तारी की वजह से विद्यार्थियों को नो ड्यूज नहीं मिल पाया। इससे अगली कक्षाओं की परीक्षा प्रभावित हुई। जौहर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने कहा था कि यूनिवर्सिटी आपके राज्य की धरोहर है। आप कभी भी यहां आकर निरीक्षण कर सकते हैं। मामले में डिप्टी रजिस्ट्रार ने डीएम को पत्र भेज कर वहां तैनात पुलिस को हटाने की मांग की है। इसको लेकर रजिस्ट्रार ने यूनिवर्सिटी के 74 कर्मचारियों के हस्ताक्षर वाला पत्र भेजा था, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद पूर्व मंत्री ने हाई कोर्ट के समक्ष गुहार लगाई है।