Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या में राम मंदिर भूमिपूजन मामले में ओवैसी के बयान पर भड़के साधु संत
अयोध्या राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में पांच अगस्त को पीएम मोदी के शिरकत करने को लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कड़ा एतराज जताया है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यश्र महंत नरेन्द्र गिरी ने ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुसलिमीन यानी एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के बयान को देश तोड़ने वाला करार दिया है।
उन्होंने कहा है कि ओवैसी हमेशा देश के खिलाफ बोलते हैं,आतंकवाद का समर्थन करते हैं और संविधान विरोधी काम करते हैं। महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि पीएम नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री होने के साथ ही एक हिन्दू हैं और सनातन परम्परा को मानने वाले हैं। उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी एक कर्म योगी हैं और राम के काम में संविधान कभी आड़े नहीं आ सकता है।
उन्होंने कहा है कि यूपी के सीएम योगी संत परम्परा से आते हैं, जबकि देश के प्रधानमंत्री मोदी कर्म से संत हैं और सद्गृहस्थ संत हैं। इसलिए पीएम मोदी के राम मंदिर भूमि पूजन का सभी साधु संतों के साथ ही पूरा देश स्वागत और समर्थन कर रहा है। महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि देश के पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी जब भव्य राम मंदिर की आधार शिला रखेंगे तो उसके निर्माण में कोई विघ्न बाधा नहीं आयेगी।
उन्होंने एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को नसीहत देते हुए कहा है कि उन्हें इस विवाद में नहीं पड़ना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें भी पांच अगस्त को अपने घर में बैठकर भगवान राम के नाम का जाप करना चाहिए। जिससे उनके पिछले सभी पाप खत्म हो जायेंगे। क्योंकि भगवान राम ही सभी का कल्याण करते हैं और उनका भी वही कल्याण करेंगे।
भूमिपूजन की सफलता के लिए चल रहा श्रीरामचरित मानस पाठ
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व पीठाधीश्वर मठ बाघम्बरी गद्दी श्री बड़े हनुमान मंदिर प्रयागराज श्री महंत नरेन्द्र गिरी जी महाराज(पूज्य गुरुदेव भगवान)के द्वारा भगवान शिव के पवित्र श्रावण माह में श्री राम का मंदिर निर्विघ्न बने इसके लिए पूरे श्रावण माह में श्री रामचरितमानस का पाठ किया जा रहा है
ओवैसी पर भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या का पलटवार
राम मंदिर भूमि पूजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की आपत्ति पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि जब राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री इफ्तार पार्टी आयोजित करते हैं तो क्या वह धर्म-निरपेक्षता होती है। भारतीय जनता युवा मोर्चा की कर्नाटक इकाई के महासचिव सूर्या ने यह भी कहा कि उन्हें ‘रजाकारों से संविधान’ की सीख की जरूरत नहीं है।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘जब भारत के राष्ट्रपति और राज्यों के मुख्यमंत्री आधिकारिक पदों पर रहते हुए सरकारी आवासों में इफ्तार पार्टी आयोजित कर रहे थे, तब आपकी धर्मनिरपेक्षता कहां थी? मंदिर गिराकर मस्जिद बनाई गयी थी। उस गलती को अब सुधारा जा रहा है। हमें संविधान के सबक रजाकारों से सीखने की जरूरत नहीं है।’