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रविवार होने से बन रहे शुभ संयोग

Sat, 07 Oct 2017 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 07 Oct 2017 12:57 AM IST
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Auspicious coincidence with Sunday
Karva chauth
कार्तिक चतुर्थी रविवार को करवाचौथ का व्रत होगा। इस बार यह व्रत पति-पत्नी के जीवन के लिए विशेष शुभता लाएगा। ज्योतिषियों का दावा है पति-पत्नी के बीच प्रेम संबंध प्रगाढ़ होंगे, आपसी कलह समाप्त होगी और परिवार में सुख-समृद्धि की वृद्धि होगी। अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री अविनाश राय के मुताबिक रविवार का दिन सूर्य का है। इसलिए जिन दंपतियों में आपसी कलह है और दांपत्य जीवन बिखरने की कगार तक पहुंच गया है, शिवकृपा से उनके जीवन में सुख शांति आएगी। कहा, रविवार रात 7.28 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि का संचरण होगा, जो सोमवार को शाम 5.17 तक रहेगी। चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि होना आवश्यक है। इसलिए करवाचौथ का व्रत रविवार को होगा। बताया, भरणी नक्षत्र 7.11 बजे रात तक रहेगा। उसके बाद कृतिका नक्षत्र आरंभ होगा। चंद्रमा मेष राशि, सूर्य कन्या राशि, मंगल और शुक्र सिंह राशि, कन्या राशि में बुध, तुला राशि में बृहस्पति, वृश्चिक राशि में शनि, कर्क में राहू और मकर में केतु संचरण करेगा। वहीं इस बार का करवाचौथ नव विवाहिताओं के लिए हर तरह से शुभ है।
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आचार्य अविनाश राय के मुताबिक करवाचौथ की पूजा उत्तर, पूर्व दिशा की ओर चेहरा करके करनी चाहिए। व्रती महिलाओं को लाल, पीला, हरा, गुलाबी, सिंदूरी मांगलिक रंगों के परिधान धारण करने चाहिए। मांगलिक रंग श्रद्धा, विश्वास, ऊर्जा के प्रतीक हैं। कहा, चंद्रमा को अर्घ्य देते समय अपनी मनोकामना की अभिव्यक्ति करें। क्योंकि चंद्रमा मन, औषधि का स्वामी एवं सौंदर्य, समृद्धि का प्रदाता है। चंद्रमा उदित होने का समय रात 7:55 बजे
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मनकामेश्वर मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी के मुताबिक इस व्रत का आरंभ देवताओं और दैत्यों के महासंग्राम के समय हुआ था। कहा, महासंग्राम में देवता लगातार परास्त हो रहे थे, तब वे जीत का उपाय पूछने ब्रह्मा के पास गए। उन्होंने सलाह दी की देव पत्नियां कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी को निर्जला व्रत रखें और सच्चे मन से जीत के लिए प्रार्थना करें। देव पत्नियों ने ऐसा ही किया। चंद्रोदय से पहले ही देवताओं को विजयश्री प्राप्त हुई। तभी से करवा चौथ व्रत करने का क्रम आरंभ हुआ। ज्योतिर्विद आशुतोष वार्ष्णेय का कहना है कि चंद्रमा आयु का स्वामी और सुख सौभाग्य प्रदाता है। करवाचौथ व्रत के करने से पति पत्नी के बीच प्रेम प्रगाढ़ होता है। इस दिन शिव परिवार का भी पूजन किया जाता है। करवाचौथ के दिन व्रत और गौरी पूजन करने से शीघ्र विवाह का सुयोग बनेगा।
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करवाचौथ मेला शनिवार को बाबा चौराहा अशोक नगर स्थित मदन शांति विला में दिन में दो बजे से रात 11 बजे तक आयोजित होगा। संयोजक आकृत अनि के मुताबिक मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, मेंहदी, हेयर स्टाइल प्रतियोगिता एवं ताश के पत्तों द्वारा इमारत का प्रदर्शन विशेष आकर्षण हैं।
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