प्रयागराज में लॉकडाउन का पालन कराने निकली पुलिस टीम पर हमला, एंबुलेंस पर भी पत्थराव
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लालापुर में लॉकडाउन का पालन कराने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। एक जगह पर दर्जनों लोग इकट्ठा होकर बैठे थे। उन्हें मना किया गया तो वे सब अभद्रता करने करने लगे। जब उनसे सख्ती से पेश आया गया तो उन लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मामले में हत्या का प्रयास सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 3 महिलाएं हैं। घटना में कई पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए।
एंबुलेंस में की तोड़फोड़ कर्मचारियों से अभद्रता
धूमनगंज के कालिंदीपुरम में कोरोना संदिग्धों को क्वारंटीन कराने पहुंची 108 एंबुलेंस की टीम से गालीगलौज की गई। साथ ही पत्थर मारकर एंबुलेंस का शीशा भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सूचना पर धूमनगंज पुलिस भी पहुंच गई। भुक्तभोगियों ने लिखित शिकायत भी की, लेकिन बाद में समझौता हो गया। घटना शुक्रवार रात 12:30 बजे की की है। कोरोना संदिग्धों को रखने के लिए धूमनगंज में कालिंदीपुरम स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी गोकुल सेक्टर को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। यहां शुक्रवार रात पांच एंबुलेंस जिले के अलग-अलग इलाकों से दर्जनभर से ज्यादा कोरोना संदिग्धों को लेकर पहुंचीं। एंबुलेंस कर्मचारी लवकुश, विनीत राजीव सिंह, दुर्गेश, संतोष, तेजप्रताप, अशोक पटेल व सुरेश कुमार इस दौरान वहां मौजूद थे।
आरोपी को बुलाकर पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि वह भी पुलिसकर्मी है और गंगापार के एक थाने में तैनात है। एंबुलेंसकर्मियों ने लिखित शिकायत दी, जिसके बाद वह माफी मांगने लगा। इसके बाद पुलिस के समझाने पर दोनों पक्ष शांत हो गए। मामले में धूमनगंज इंस्पेक्टर शमशेर बहादुर का कहना है की गालीगलौज व एंबुलेंस पर पत्थर फेंकने की बात गलत है। एंबुलेंस आरोपी के घर के सामने खड़ी थी और इसी बात को लेकर उसकी कर्मचारियों से कुछ नोकझोंक हुई थी। बाद में उसने माफी मांग ली। इसके बाद मामला शांत हो गया।