Atiq Murder : असलहों से लैस 21 पुलिसकर्मी थे सुरक्षा में, शूटर थे महज तीन, फिर भी नहीं बचा पाए अतीक-अशरफ को
कॉल्विन अस्पताल में हुए शूटआउट के दौरान जिला पुलिस के 20 जवानों पर तीन शूटर भारी पड़े। वारदात के दौरान घटनास्थल पर अतीक व अशरफ के साथ एक इंस्पेक्टर, सात दरोगा व 13 सिपाही-दीवान मौजूद थे। इसके बावजूद वह दोनों अभियुक्ताें को शूटरों से बचा पाने में नाकाम रहे।
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कॉल्विन अस्पताल में हुए शूटआउट के दौरान जिला पुलिस के 20 जवानों पर तीन शूटर भारी पड़े। वारदात के दौरान घटनास्थल पर अतीक व अशरफ के साथ एक इंस्पेक्टर, सात दरोगा व 13 सिपाही-दीवान मौजूद थे। इसके बावजूद वह दोनों अभियुक्ताें को शूटरों से बचा पाने में नाकाम रहे।
अतीक व अशरफ को लेकर धूमनगंज थाने से लेकर पुलिस टीम रात 10.19 मिनट पर बाहर निकली। लगभग 15 मिनट बाद टीम कॉल्विन अस्पताल के बाहर पहुंच चुकी थी। इस टीम का नेतृत्व धूमनगंज थाने के इंस्पेक्टर और उमेशपाल हत्याकांड के विवेचक राजेश कुमार मौर्य कर रहे थे। उनके साथ एसआई रणविजय सिंह, एसआई सौरभ पांडेय, एसआई सुभाष सिंह, एसआई विवेक कुमार सिंह, एसआई प्रीत पांडेय, एसआई विपिन यादव, एसआई शिव प्रसाद वर्मा भी पीछे-पीछे चल रहे थे।
इसके साथ ही हेडकांस्टेबल विजयशंकर, कांस्टेबल सुजीत यादव, गोविंद कुशवाहा, दिनेश कुमार, धनंजय शर्मा, राजेंद्र कुमार, रविंद्र सिंह, संजय कुमार प्रजापति, जयमेश कुमार, हरिमोहन मान सिंह व दो ड्राइवर महावीर सिंह और सत्येंद्र कुमार भी मौजूद थे। चौंकाने वाली बात यह है कि 20 पुलिसकर्मियों की टीम होने के बावजूद वाहन से उतारकर अस्पताल के भीतर ले जाते वक्त कोई सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया। इसके उलट दोनों भाइयों के अगल-बगल ही पुलिसकर्मी चलते रहे। पुलिस ने कस्टडी रिमांड में होने के बावजूद अभियुक्तों की सुरक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती।
सवाल और भी...
- कॉल्विन अस्पताल से 50 कदम की दूरी पर ही थाना होने के बावजूद शाहगंज पुलिस मौके पर क्यों नहीं मौजूद थी?
- अगर अभियुक्तों ने शाम को तबीयत खराब होने की बात बताई तो उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए रात होने का इंतजार क्यों किया गया?
- अतीक-अशरफ ने पहले ही जान को खतरा बताया था, फिर उनकी सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध क्यों नहीं किए गए?
- थाने से रवानगी सात दरोगाओं की थी लेकिन जिस वक्त हमला हुआ, अतीक-अशरफ के साथ इंस्पेक्टर व चार-पांच सिपाहियों के साथ केवल एक दरोगा कैमरे में नजर आया। बाकी दरोगा उस वक्त आखिर कहां थे।
- शूटरों को पकड़े जानेे के दौरान भी एक को छोड़कर अन्य दरोगा नजर नहीं आए, तो आखिर वह थे कहां?