अतीक - अशरफ हत्याकांड : दो घंटे पहले ही अस्पताल पहुंच गए थे शूटर, सीसीटीवी फुटेज से खुलासा
कॉल्विन अस्पताल में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले तीन शूटर घटना वाली रात दो घंटे पहले ही मौके पर पहुंच गए थे। दरअसल उन्हें जानकारी मिल गई थी कि धूमनगंज पुलिस अतीक व अशरफ को लेकर थाने से निकली है।
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कॉल्विन अस्पताल में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले तीन शूटर घटना वाली रात दो घंटे पहले ही मौके पर पहुंच गए थे। दरअसल उन्हें जानकारी मिल गई थी कि धूमनगंज पुलिस अतीक व अशरफ को लेकर थाने से निकली है। इसके बाद ही वह कॉल्विन अस्पताल पहुंचकर आसपास मंडराने लगे थे।
15 अप्रैल की शाम सात बजे के करीब धूमनगंज पुलिस माफिया भाइयों को लेकर थाने से निकली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों की निशानदेही पर कसारी मसारी में आर्मी कॉलोनी स्थित जंगल के खंडहर से असलहे व कारतूस बरामद किए। सूत्रों का कहना है शूटरों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि दोनों भाइयों को थाने से निकाले जाने के बाद ही इसकी खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगी थीं। यह जानकारी मिलते ही तीनों होटल से निकल गए थे। उस वक्त तक किसी को यह नहीं पता था कि दोनों भाइयों को बरामदगी के लिए ले जाया जा रहा है।
ऐसे में संभावना यही थी कि उन्हें एक दिन पहले की तरह दोबारा मेडिकल के लिए ले जाया जा रहा हो। यही वजह है कि शूटर तभी से अस्पताल पहुंचकर दोनों भाइयों के आने का इंतजार करने लगे थे। इसके बाद वह करीब दो घंटे तक अस्पताल के आसपास मंडराते रहे। इसके बाद जैसे ही पुलिस जीप आते दिखी, वह मीडियाकर्मियों की भीड़ में शामिल हो गए। फिर अतीक-अशरफ के पहुंचते ही गोलियां बरसाकर उन्हें ढेर कर दिया।
बाइक का नहीं किया था इस्तेमाल
पुलिस की जांच पड़ताल में यह भी स्पष्ट हो गया है कि शूटरों ने अस्पताल तक पहुंचने के लिए बाइकों का इस्तेमाल नहीं किया था। दरअसल वारदात के बाद मौके से तीन बाइकें घटनास्थल के पास मिलीं थीं। इनमें एक लाल रंग की पल्सर, एक काले रंग की पैशन प्रो और तीसरी काले-लाल रंग की सीडी 100 बाइक थी। वारदात के काफी देर बाद तक कोई सामने नहीं आया। ऐसे में आशंका जताई गई कि तीनों बाइक शूटरों की हो सकती है। हालांकि शूटरों से पूछताछ में साफ हो गया कि घटनास्थल पर मिली बाइकों का उनसे कोई संबंध नहीं है। पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि यह बाइकें अस्पताल के ही कर्मचारियों की थीं।