अतीक - अशरफ हत्याकांड : अतीक, अशरफ की हत्या के आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा फिर बढ़ी
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार गौतम से विवेचक की ओर से तीनों आरोपी लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य की 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की गई थी। तीनों को इसके पहले 29 अप्रैल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के समक्ष पेश किया गया था, तब अदालत ने 14 दिनों के लिए न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाते हुए तीनों को प्रतापगढ़ जेल भेजने का आदेश दिया था।
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जिला न्यायालय के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने माफिया अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की हत्या के आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा 14 दिन के लिए बढ़ा दी है। उन्हें अब 25 मई को फिर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। शुक्रवार को तीनों आरोपियों को सुरक्षा के मद्देनजर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार गौतम से विवेचक की ओर से तीनों आरोपी लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य की 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की गई थी। तीनों को इसके पहले 29 अप्रैल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के समक्ष पेश किया गया था, तब अदालत ने 14 दिनों के लिए न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाते हुए तीनों को प्रतापगढ़ जेल भेजने का आदेश दिया था। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि उपरोक्त आरोपियों की पैरवी/बचाव के लिए कोई अधिवक्ता अभी तक नियुक्त नहीं हुआ है।
15 अप्रैल की रात तीनों ने कॉल्विन अस्पताल में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने तीनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में पता चला था कि लवलेश बांदा, सनी सिंह हमीरपुर और अरुण मौर्य कासगंज का रहने वाला है। इनके पास से तुर्किए निर्मित जिगाना, गिरसान और एक कंट्री मेड पिस्टल बरामद हुई थी।
इंस्पेक्टर धूमनगंज राजेश मौर्य की तहरीर पर शाहगंज थाने में तीनों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। इसके बाद हत्याकांड की विवेचना एसआईटी को दी गई। एसआईटी ने शूटरों को पांच दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया और पूछताछ की। इस दौरान पता चला की दिल्ली के गोगी गैंग ने सनी सिंह को विदेशी पिस्टल रखने के लिए दिया था। लेकिन गोगी की हत्या के बाद सनी पिस्टल लेकर अपने घर भाग निकला। एसआईटी की विवेचना अभी जारी है।