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अतीक अशरफ हत्याकांड : न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में 26 स्वतंत्र साक्षियों के भी बयान, ज्यादातर माफिया से पीड़ित
Sat, 03 Aug 2024 05:10 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 03 Aug 2024 05:10 PM IST
सार
न्यायिक आयोग की ओर से जांच के दौरान पहले घटना से संबंधित पुलिसकर्मियों, मेडिकल स्टाफ व मीडियाकर्मियों के अलावा चार उन लोगों के बयान दर्ज किए गए, जो घटनास्थल पर मौजूद थे। इसके बाद 17 व 18 मई को सार्वजनिक अधिसूचना के जरिये जांच के विषय से परिचित किसी भी व्यक्ति(स्वतंत्र साक्षी) को शपथ पत्र पर बयान प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया।
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अतीक अहमद-अशरफ। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अतीक-अशरफ हत्याकांड की जांच करने वाले न्यायिक आयोग ने पुलिस, मेडिकल स्टाफ व मीडियाकर्मी समेत 87 लोगों के बयान दर्ज किए। इनमें से 26 स्वतंत्र साक्षी भी शामिल रहे। यह वह लोग हैं जो घटनास्थल पर तो मौजूद नहीं थे। लेकिन, इनके बयान घटना के कारणों के संभावित पहलुओं पर प्रकाश डालने के लिए दर्ज किए गए।
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न्यायिक आयोग की ओर से जांच के दौरान पहले घटना से संबंधित पुलिसकर्मियों, मेडिकल स्टाफ व मीडियाकर्मियों के अलावा चार उन लोगों के बयान दर्ज किए गए, जो घटनास्थल पर मौजूद थे। इसके बाद 17 व 18 मई को सार्वजनिक अधिसूचना के जरिये जांच के विषय से परिचित किसी भी व्यक्ति(स्वतंत्र साक्षी) को शपथ पत्र पर बयान प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया।
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सूत्रों का कहना है कि आयोग को कई बयान प्राप्त हुए। इसके बाद 36 में से 28 बयानों को छांटा गया। इनके संबंध में यह माना गया कि इन बयानों को अतीक-अशरफ की हत्या की घटना के कारणों के संभावित पहलुओं पर प्रकाश डालने के लिए विचारण को रखा जा सकता है। साक्ष्य के लिए इन सभी को बुलाया गया, जिनमें से 26 ही उपस्थित हुए। यह सभी अतीक व अशरफ से पीड़ित थे।
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ज्यादातर ऐसे थे, जिनकी बेशकीमती जमीनों पर अतीक-अशरफ ने खुद या उनके इशारे पर उनके गुर्गों ने कब्जा कर लिया। कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके परिवारीजनों की हत्या तक का आरोप माफिया भाइयों पर लगा। एक बिल्डर व प्रॉपर्टी डीलर भी इनमें शामिल रहे, जिन्होंने अतीक के बेटों व शूटरों पर मुकदमे भी दर्ज कराए। दोस्त से दुश्मन बना अतीक का एक करीबी रिश्तेदार और एक शिक्षण संस्थान से जुड़े प्रशासनिक अफसर ने भी आयेाग के समक्ष बतौर स्वतंत्र साक्षी अपना बयान दर्ज कराया।