अतीक - अशरफ हत्याकांड : लगातार दूसरे दिन भी जिले में ठप रहीं इंटरनेट सेवाएं, पुराना शहर छावनी में तब्दील
अतीक और अशरफ हत्याकांड के चलते शहर में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं। पुराने शहर के अधिकांश मुहल्लों में पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी और पुलिस की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। अधिकारी लगातार चक्रमण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अतीक और अशरफ हत्याकांड के चलते शहर में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं। पुराने शहर के अधिकांश मुहल्लों में पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी और पुलिस की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। अधिकारी लगातार चक्रमण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
तनाव की स्थिति को देखते हुए लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी इंटरनेट सेवाएं बाधित रहीं। प्रयागराज और कौशांबी में इंटरनेट सेवा ठप होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यूपीआई ट्रांजेक्शन से लेकर आनलाइन शापिंग, खाने का आर्डर, रेलवे टिकट रिजर्वेशन, ट्रांजेक्शन प्रभावित हो रहा है।
अतीक के पैतृक मुहल्ले चकिया, कसारी मसारी के अलावा खुल्दाबाद, अटाला, चौक, रोशनबाग, नखासकोहना, बेनीगंज, धूमनगंज, राजरूपपुर, कालिंदीपुर, जानसेनगंज, काटजू रोड, शाहगंज आदि इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। आरएएफ की टुकड़ियां जगह-जगह तैनात की गई हैं। अधिकारी स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए हैं।
इंटरनेट सेवाएं ठप होने का असर लोगों के जनजीवन पर पड़ रहा है। नेट सेवा बंद होने के कारण एटीएम सर्विस भी ठप हो गई है। इससे लोगों को पैसे निकालने के लिए चक्कर काटना पड़ रहा है। कसारी मसारी में अतीक के खंडहर हो चुके घर के पास भारी फोर्स तैनात की गई है।
इंटरनेट पर लगी रोक तो दुनिया से कटे लोग
शहर में हुए दोहरे हत्याकांड की वारदात के बाद अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से इंटरनेट की सेवा पर रोक लगा दी गई। इसके बाद लोगों का व्हाट्सएप, फेसबुक, मैसेंजर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म से संपर्क टूट गया। इंटरनेट की सेवा पर रोक का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर हुआ, जिनके घर के सदस्य विदेश में रहते हैं। इंटरनेट की आसान सुविधा के बाद अमूमन हर वर्ग का आदमी व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया से जुड़ गया,
इन सोशल साइटों की मदद से ही लोग विदेश में रहने वाले अपने परिजनों से संपर्क साधने लगे। इससे मोबाइल में अंतरराष्ट्रीय टैरिफ प्लान भी लोगों ने इस्तेमाल करना बंद कर दिया। इंटरनेट की सेवा पर रोक लगने के बाद लोगों का इन सोशल नेटवर्कों से संपर्क तो टूटा ही, साथ ही लोग विदेश में रहने वाले अपने परिजनों से सलाम-नमस्ते तक नहीं कर सके। वहीं विदेश में रहने वाले लोग भी अपने शहर प्रयागराज का हाल लेने और अपने परिचितों से शहर में हुई वारदात के बारे में जानने के लिए परेशान रहे।
इंटरनेट सेवा बंद होने से व्हाट्सएप कालिंग कर दूसरे शहरों में रहने वाले परिजनों से बातचीत करने वाले परेशान है। शहर के तमाम लोग विदेशों में रहते है जो इंटरनेट कॉल के माध्यम से ही परिवार से बातचीत करते हैं। नेटवर्क न होने से ऐसे लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं।