अतीक-अशरफ हत्याकांड : 17 पुलिसकर्मी सस्पेंड, प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी प्रयागराज के लिए रवाना
अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या करने के मामले में शासन के आदेश पर 17 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। आरएएफ, पीएसी समेत अन्य फोर्स को आसपास के जिलों से भी बुला लिया गया है।
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अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या करने के मामले में शासन के आदेश पर 17 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। आरएएफ, पीएसी समेत अन्य फोर्स को आसपास के जिलों से भी बुला लिया गया है। प्रतापगढ़, फतेहपुर और कौशांबी से भी फोर्स को बुलाया गया है। शासन ने डीजीपी को रात में ही प्रयागराज के लिए रवाना कर दिया गया।
अतीक और अशरफ की हत्या में शासन ने प्रथमदृष्टया में 17 पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया। इन्हीं 17 पुलिस वालों को अतीक और अशरफ की सुरक्षा में लगाया गया गया था। फिलहाल सभी को सस्पेंड कर दिया गया। शहर में आरएएफ और पीएसी की कंपनियों को भी तैनात कर दिया। इसके अलावा आसपास के जिलों जैसे कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, जौनपुर आदि इलाकों से फोर्स को बुला लिया गया।
शूट आउट के बाद काल्विन अस्पताल से शिफ्ट किए जाने लगे मरीज
शूट आउट के बाद काल्विन अस्पताल से रात को ही मरीजों को शिफ्ट किया जाने लगा। अस्पताल परिसर में कोहराम मचने और अपराधियों को उसी अस्पताल परिसर में ही घंटों रखे जाने को लेकर लोग सकते में आ गए थे। इसके बाद वहां से मरीजों को शिफ्ट कराया जाने लगा। कई मरीजों को निजी अस्पतालों में लेकर तीमारदार चले गए। गंभीर मरीजों को भी अस्पताल से हटाकर दूसरी जगहों पर ले जाया जाता रहा।
हाॅस्पिटल में पहुंचीं दो महिलाएं, एक ने कहा मैं अतीक की भाभी, तुम लोगों ने मारा डाला
अतीक और अशरफ की हत्या के बाद पुलिस ने दोनों के शवों को मोतीलाल नेहरू अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रख दिया था। घटना के करीब पौन घंटे बाद मीडियाकर्मी लगातार प्रयास कर रहे थे कि उन्हें शव दिखा दिया जाय लेकिन पुलिस किसी को जाने नहीं दे रही थी।इस बीच नकाब में दो महिलाएं पहुंचीं और इमरजेंसी में जाने का प्रयास करने लगीं। वहां पर एसीपी श्वेताभ पांडेय को लगाया गया था।
उन्होंने पूछा कि वे कौन हैं। कुछ देर तो दोनों ने कहा कि वे रिश्तेदार हैं। वे देखना चाहती हैं। जब पुलिस ने नहीं जाने दिया तो एक महिला ने बोला कि वह अतीक की भाभी है। तुम लोगों ने ही उसे मार डाला है। इतना सुनते ही मीडियाकर्मियों ने दोनों महिलाओं को घेर लिया। उनसे हत्याकांड को लेकर सवाल पूछे जाने लगे। दोनों महिलाएं किसी तरह वहां से पुलिस की सुरक्षा में बाहर निकलीं। वे कौन थीं, यह नहीं पता चल पाया।