फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Atiq Ahmed aide Nusrat's bail application rejected, accused of kidnapping for ransom

प्रयागराज : अतीक अहमद के सहयोगी नुसरत की जमानत अर्जी खारिज, फिरौती के लिए है अपहरण का आरोप

Sat, 26 Aug 2023 02:14 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 26 Aug 2023 02:14 PM IST
सार

कमिश्नर प्रयागराज को दिए गए प्रार्थना पत्र में मो. मुस्लिम ने आराेप लगाया कि वह जमीन की प्लाटिंग व कंस्ट्रक्शन कार्य करता है। जब से प्लाटिंग का कार्य वर्ष 2006 से प्रारंभ किया, तभी से माफिया अतीक अहमद, उसका भाई अशरफ व उनके गुर्गे उसे आए दिन धमकी देने के साथ जबरन जमीन पर कब्जा करके बेचने और रंगदारी मांगते रहते थे।

विज्ञापन
Atiq Ahmed aide Nusrat's bail application rejected, accused of kidnapping for ransom
अतीक अहमद - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

जिला न्यायालय ने फिरौती के लिए अपहरण करने के आरोपी अतीक अहमद के सहयोगी मोहम्मद नुसरत की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। जिला जज संतोष कुमार राय ने आरोपी के अधिवक्ता एवं जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाबचंद अग्रहरि के तर्कों को सुनकर तथा पुलिस द्वारा प्रस्तुत की गई केस डायरी में दौरान विवेचना एकत्र किए गए सबूत का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी खारिज की।  न्यायालय ने कहा कि मामले की परिस्थितियों, अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत का पर्याप्त आधार नहीं है। अभियोजन ने कोर्ट को बताया कि

विज्ञापन


कमिश्नर प्रयागराज को दिए गए प्रार्थना पत्र में मो. मुस्लिम ने आराेप लगाया कि वह जमीन की प्लाटिंग व कंस्ट्रक्शन कार्य करता है। जब से प्लाटिंग का कार्य वर्ष 2006 से प्रारंभ किया, तभी से माफिया अतीक अहमद, उसका भाई अशरफ व उनके गुर्गे उसे आए दिन धमकी देने के साथ जबरन जमीन पर कब्जा करके बेचने और रंगदारी मांगते रहते थे। जिनके डर से वह प्रयागराज छोड़कर लखनऊ चला गया। लेकिन, माफिया व उसके गुर्गे लगातार उसे धमकी देते हुए रंगदारी वसूलते रहे।

विज्ञापन

असाद कालिया फोन पर कराता था अली से बात

अतीक अहमद का एक गुर्गा असाद कालिया उसके लिए जमीन कब्जा करने के साथ रंगदारी वसूलता रहता है। वर्ष 2022 में उसकी ग्राम देवघाट की एक जमीन जिसकी कीमत लगभग 15 करोड़ है, को कब्जा करने के लिए व जबरियन अतीक के लड़के अली अहमद, उमर के नाम लिखने के लिए असाद कालिया कई बार उसे आकर लखनऊ में धमकी देकर व अपने फोन से अली व उमर से बात कराकर जमीन राजिस्ट्री करने के लिए दबाव बनाता था।

चकिया तिराहे पर उसे घेरकर मांगी गई रंगदारी

चकिया तिराहे पर आसाद कालिया, उमर व अली जिनके साथ अतीक का गनर एहतेशाम करीम, अजय, मो. नसरत ने पांच करोड़ रुपये की मांग करते हुए उसे घेर लिया और जबरियन अपने साथ घसीटते हुए गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद अतीक अहमद के आफिस के ऊपर कमरे में बंद करके प्रताड़ित करते हुए मारने लगे। पांच करोड़ रुपये रंगदारी नहीं देने पर देवघाट की संपूर्ण जमीन उमर व अली अहमद के नाम बैनामा करने को कहने लगे।

अली अहमद द्वारा जान से मारने की नियत से उसके गले में बेल्ट बांधकर घसीट कर बारजे पर लटकाकर मारने का प्रयास करते हुए धमकाया कि यदि जीवित रहना है तो तुम्हारे प्रत्येक जमीन व प्लाट में हम लोगों का हिस्सा रंगदारी के रूप में देना पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed