atiq ahmad news : आईएसआई, लश्कर-ए-तैयबा से भी अतीक के संबंध, पाकिस्तान से मंगवाता था असलहे
इंटरस्टेट गैंग 227 का सरगना और कुख्यात माफिया अतीक अहमद के संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से भी हैं। यह दावा उमेश पाल हत्याकांड की विवेचना में जुटी धूमनगंज पुलिस ने किया है।
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इंटरस्टेट गैंग 227 का सरगना और कुख्यात माफिया अतीक अहमद के संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से भी हैं। यह दावा उमेश पाल हत्याकांड की विवेचना में जुटी धूमनगंज पुलिस ने किया है। दावा है कि यह खुलासा खुद अतीक ने पुलिस को दिए गए अपने बयान में किया है। धूमनगंज पुलिस की ओर से दावा किया गया है कि यह बयान 12 अप्रैल को अतीक ने दिया। उसने बताया कि उमेश पाल हत्याकांड की साजिश उसने साबरमती जेल में रची।
पत्नी शाइस्ता जब जेल में मिलने आई तो उसे पूरी प्लानिंग समझाई। बताया कि हत्या के बाद हथियारों को हिफाजत से रखवा देना। यह भी कहा कि मेरे पास हथियारों की कोई कमी नहीं है। मेरे संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से हैं।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब की सीमा में हथियार गिराए जाते हैं। इन हथियारों को उसके कनेक्शन वाला स्थानीय इकट्ठा कर लेता है। इन्हीं हथियारों की खेप को जम्मू-कश्मीर के दहशतगर्दों को भी सप्लाई की जाती है। अतीक ने बयान किया है कि पंजाब में ड्रोन से गिराए गए असलहों की सप्लाई जो व्यक्ति करते हैं, उनके बारे में वह वहां चलकर बता सकता है। पुलिस का यह भी दावा है कि इनमें से कुछ स्थानों की जानकारी अतीक व अन्य की अशरफ को है।
पिछली बार छोड़ दिया था, इस बार पहले मारेंगे पुलिसवालों को
प्रयागराज। ''''अतीक अहमद ने न सिर्फ उमेश पाल बल्कि उसकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को मारने का प्लान भी पहले ही बना लिया था। उसने अपनी पत्नी शाइस्ता से इस बात का जिक्र भी किया था।'''' यह दावा धूमनगंज पुलिस ने किया है जिसका कहना है कि अतीक ने अपने बयान में यह बात बताई है।अतीक ने अपने बयान में कई खुलासे किए। यह भी बताया कि उमेशपाल हत्याकांड की साजिश के बारे में बताने पर शाइस्ता ने उससे कहा था कि उमेश के साथ दो हथियारबंद पुलिसवाले भी चलते हैं। इस पर अतीक ने कहा कि हथियारबंद तो राजू पाल के साथ भी चलते थे। इसके बाद उसने कहा कि राजू पाल मामले में पुलिसवालों को छोड़ दिए थे लेकिन अबकी बार उन्हें पहले मारेंगे।
फेसटाइम, इंटरनेट और व्हाट्सएप कॉलिंग से होती थी बात
पुलिस ने यह भी दावा किया है कि अतीक ने अपने बयान में वॉइस कॉल का उपयोग न करने की भी बात शाइस्ता से कही थी। उसने कहा था कि जेल में रहकर वह और अशरफ फेसटाइम, इंटरनेट और व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए बात करेंगे और उमेश के कत्ल की प्लानिंग करेंगे। इसलिए क्योंकि उक्त तीनों कॉल सर्विलांस के पकड़ में नहीं आते। बयान में यह भी बताया कि उसने शाइस्ता से नए मोबाइल व सिम लेने को भी कहा था। साथ ही कहा था कि वह सिम व मोबाइल उसे व अशरफ को भेज दे। जेल में अपने आदमियों के जरिए वह और अशरफ मोबाइल पा लेंगे।
करेली के कल्लू ने छिपाई हत्या में प्रयुक्त एक पिस्टल
उमेश पाल हत्याकांड में प्रयुक्त अन्य असलहे तो छिपा दिए गए, लेकिन हत्या में प्रयुक्त एक पिस्टल रह गई। पुलिस का दावा है कि अशरफ ने अपने बयान में बताया कि वारदात के बाद लड़के शहर छोड़ने की जल्दबाजी में थे। ऐसे में उस पिस्टल को करेली में मलिन बस्ती में रहने वाले कल्लू के घर छिपा दिया। अशरफ के बयान में यह बात भी सामने आई है कि असलहे व कारतूस खेतों में फॉर्महाउस जैसी जगह पर है। जिसके बारे में वह और अतीक भाई ही जानते हैं।