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सहायक भविष्य निधि कमिश्नर सत्येंद्र कुमार अनिल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
Thu, 08 Jul 2021 05:23 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 08 Jul 2021 05:23 PM IST
सार
क्षेत्रीय कार्यालय की बीएफ नोएडा में तैनात सहायक भविष्य निधि कमिश्नर सत्येंद्र कुमार अनिल की अग्रिम जमानत याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
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allahabad high court
- फोटो : social media
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्षेत्रीय कार्यालय ई पी एफ नोएडा में तैनात सहायक भविष्य निधि कमिश्नर सत्येंद्र कुमार अनिल की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत थाना एसीबी गाजियाबाद में दर्ज केस की सीबीआई की चार्जशीट पर कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। कोर्ट में समर्पण न कर अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। यह आदेश न्यायमूर्ति ओम प्रकाश ने दिया है।
अर्जी पर वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग खन्ना वह सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश व संजय यादव ने बहस की। याची व नरेंद्र कुमार व बृजेश रंजन पर कर्मचारियों का फंड न जमा करने वाले शिकायतकर्ता से नौ लाख घूस लेने का आरोप है। याची का कहना था कि रूपये सह अभियुक्त से बरामद हुआ है। वे जमानत पर हैं। याची के खिलाफ कोई केस नहीं बनता। उसे फंसाया गया है। वह सहयोग कर रहा है।
सीबीआई की तरफ से कहा गया कि शिकायतकर्ता ने कर्मचारियों का फंड जमा नहीं किया। आरोपियों ने बदले में घूस लिया। चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सम्मन जारी किया।याची पेश नहीं हुआ तो जमानती वारंट जारी किया। फिर भी हाजिर नहीं हुआ तो गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। कोर्ट में समर्पण के बजाय अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की है, जिसे खारिज किया जाय।
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अर्जी पर वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग खन्ना वह सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश व संजय यादव ने बहस की। याची व नरेंद्र कुमार व बृजेश रंजन पर कर्मचारियों का फंड न जमा करने वाले शिकायतकर्ता से नौ लाख घूस लेने का आरोप है। याची का कहना था कि रूपये सह अभियुक्त से बरामद हुआ है। वे जमानत पर हैं। याची के खिलाफ कोई केस नहीं बनता। उसे फंसाया गया है। वह सहयोग कर रहा है।
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सीबीआई की तरफ से कहा गया कि शिकायतकर्ता ने कर्मचारियों का फंड जमा नहीं किया। आरोपियों ने बदले में घूस लिया। चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सम्मन जारी किया।याची पेश नहीं हुआ तो जमानती वारंट जारी किया। फिर भी हाजिर नहीं हुआ तो गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। कोर्ट में समर्पण के बजाय अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की है, जिसे खारिज किया जाय।
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