असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती : सिर्फ प्रयागराज में न बनाए जाएं परीक्षा केंद्र, दूसरे जिले भी बनाए जाएं सेंटर
इस परीक्षा के लिए यूपी समेत अन्य राज्यों से भी अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। अभ्यर्थियों चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की तर्ज पर उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग भी ऐसे जिलों में भी परीक्षा केंद्र बनाए जो यूपी की सीमा पर स्थित हैं और पड़ोसी राज्यों के करीब हैं।
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प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए जल्द ही परीक्षा तिथि घोषित की जा सकती है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि सिर्फ प्रयागराज में ही परीक्षा केंद्र न बनाए जाएं। दूसरे जिलों में भी केंद्र बनें, ताकि दूर-दराज रहने वाले अभ्यर्थियों को दिक्कत न हो। विज्ञापन संख्या-51 के तहत अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 981 पदों पर भर्ती के लिए 90 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। इस बार भी उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग पूरी परीक्षा प्रयागराज में ही कराने की तैयारी कर रहा है। इससे पूर्व आयोग ने विज्ञापन संख्या-50 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 2002 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा सिर्फ प्रयागराज में ही कराई थी।
इस परीक्षा के लिए यूपी समेत अन्य राज्यों से भी अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। अभ्यर्थियों चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की तर्ज पर उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग भी ऐसे जिलों में भी परीक्षा केंद्र बनाए जो यूपी की सीमा पर स्थित हैं और पड़ोसी राज्यों के करीब हैं। ऐसे में दूर-दराज रहने वाले अभ्यर्थियों को दिक्कत नहीं होगी और उन्हें गृह जनपद के पास ही परीक्षा में शामिल होने का मौका मिल जाएगा।
अभ्यर्थियों का यह तर्क भी है कि एक ही जिले में परीक्षा केंद्रों की संख्या सीमित होती और इसकी वजह से परीक्षा संपन्न कराने में भी अतिरिक्त समय लगता है। दूसरे जिलों में सेंटर बनाने से परीक्षा समय से पूरी होगी। अभ्यर्थियों ने दूसरे जिलों में सेंटर बनाए जाने के लिए उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में ज्ञापन भी दिया है।
आयोग के सचिव दयानंद प्रसाद का कहना है कि आयोग में स्टाफ की संख्या और अन्य संसाधन बहुत ही सीमित हैं। ऐसे में दूसरे जिलों में परीक्षा के आयोजन में बाधा आ सकती है। इसी वजह से केवल प्रयागराज में ही परीक्षा कराई जाती है। इसके बावजूद आयोग की बैठक में इस पर चर्चा के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा।