{"_id":"6ab43ae894b30cb1d407aaef","slug":"ashwani-returns-home-after-release-from-jail-350-page-charge-sheet-filed-footage-cited-as-key-evidence-allahabad-news-c-3-ald1020-981654-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: जेल से छूटकर घर लौटा अश्वनी, 350 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, फुटेज को बनाया अहम साक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: जेल से छूटकर घर लौटा अश्वनी, 350 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, फुटेज को बनाया अहम साक्ष्य
विज्ञापन
साउथ मलाका के चर्चित वैश्य परिवार हत्याकांड के करीब चार महीने बाद पुलिस ने जिला न्यायालय में करीब 350 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। घटना के करीब चार महीने बाद परिवार का छोटा बेटा अश्वनी कौशाम्बी जेल से छूटकर अपनी पत्नी के साथ वापस घर आ गया है। परिवार की बंद पड़ी दुकानें फिर से खुलने लगी हैं।
दो जून की शाम कारोबारी वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरा इलाका सकते में आ गया था। परिवार के कारोबार और आसपास की कई दुकानें भी बंद हो गई थीं। मामले की जांच में पुलिस ने वीरेंद्र के परिचित और समोसे-कचौड़ी की दुकान चलाने वाले शनि गुप्ता को आरोपी बनाया।
पुलिस की जांच के मुताबिक शनि और अभिषेक की कई वर्षों से दोस्ती थी। दोनों अक्सर साथ बैठते थे। घटना के बाद आरोपी काफी देर तक मकान में मौजूद रहा और साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज को भी जांच में अहम आधार बनाया। बुधवार को परिवार के घर में धार्मिक अनुष्ठान था, इसके चलते कई दुकानें बंद रहीं। आसपास के लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से परिवार की कुछ दुकानें नियमित रूप से खुल रही हैं।
विज्ञापन
चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज को बनाया अहम साक्ष्य
कोतवाली पुलिस ने विवेचना में जुटाए गए साक्ष्यों में सीसीटीवी फुटेज को अहम माना है। फुटेज में आरोपी शनि गुप्ता घर के अंदर जाते हुए दिखाई दे रहा है। इसके अलावा घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
दो जून की शाम कारोबारी वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरा इलाका सकते में आ गया था। परिवार के कारोबार और आसपास की कई दुकानें भी बंद हो गई थीं। मामले की जांच में पुलिस ने वीरेंद्र के परिचित और समोसे-कचौड़ी की दुकान चलाने वाले शनि गुप्ता को आरोपी बनाया।
विज्ञापन
पुलिस की जांच के मुताबिक शनि और अभिषेक की कई वर्षों से दोस्ती थी। दोनों अक्सर साथ बैठते थे। घटना के बाद आरोपी काफी देर तक मकान में मौजूद रहा और साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज को भी जांच में अहम आधार बनाया। बुधवार को परिवार के घर में धार्मिक अनुष्ठान था, इसके चलते कई दुकानें बंद रहीं। आसपास के लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से परिवार की कुछ दुकानें नियमित रूप से खुल रही हैं।
विज्ञापन
चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज को बनाया अहम साक्ष्य
कोतवाली पुलिस ने विवेचना में जुटाए गए साक्ष्यों में सीसीटीवी फुटेज को अहम माना है। फुटेज में आरोपी शनि गुप्ता घर के अंदर जाते हुए दिखाई दे रहा है। इसके अलावा घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।