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Army Officer Murder Case : चोरी करने साथ गए दोस्त की भूमिका का नहीं खुला राज, पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया

Thu, 03 Apr 2025 05:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 03 Apr 2025 05:44 PM IST
सार

अफसर की हत्या का खुलासा हो गया। लेकिन, मामले में दो लोगों की भूमिका को लेकर अब भी राज बना है। इनमें से एक वह युवक है, जो हत्यारोपी सौरभ संग वारदात के 15 दिन पहले अफसर के घर चोरी की नीयत से पहुंचा था।

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Army Officer Murder Case: The secret of the role of the friend who accompanied him for theft is not revealed
सत्येंद्र नाथ मिश्रा की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अफसर की हत्या का खुलासा हो गया। लेकिन, मामले में दो लोगों की भूमिका को लेकर अब भी राज बना है। इनमें से एक वह युवक है, जो हत्यारोपी सौरभ संग वारदात के 15 दिन पहले अफसर के घर चोरी की नीयत से पहुंचा था। साथ ही दूसरा वह तस्कर है, जिसने असलहे मुहैया कराए। पुलिस ने हत्यारोपी के साथ ही उस युवक को भी हिरासत में लिया था, जो 15 दिन पहले घटना में आरोपी संग था। पूरामुफ्ती के ही रहने वाले युवक से पुलिस ने लंबी पूछताछ की। हालांकि, बाद में उसे छोड़ दिया गया। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में वह यही कहता रहा कि उसे रुपयों का लालच देकर सौरभ साथ ले गया था।

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कत्ल की प्लानिंग के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी। फिलहाल, उसके कत्ल में शामिल होने के संबंध में कोई साक्ष्य पुलिस को नहीं मिला। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। हालांकि, अब तक उसके नाम का पुलिस ने खुलासा नहीं किया है। न ही उसके खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है।
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प्रतिबंधित क्षेत्र में अनाधिकृत प्रवेश पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई

एक सवाल यह भी है कि कत्ल की वारदात में शामिल होने संबंधी साक्ष्य न मिलने के बाद भी प्रतिबंधित क्षेत्र में अनाधिकृत तरीके से प्रवेश पर उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। दरअसल, वायुसेना परिसर में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के प्रवेश करना प्रतिबंधित है। यह निषिद्ध क्षेत्र है, जहां अनाधिकृत तरीके से प्रवेश करना दंडनीय अपराध है। इसमें शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मुकदमा दर्ज कर संंबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
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माफिया के गढ़ में कौन कर रहा असलहों की तस्करी

इस मामले में एक और शख्स जिसे लेकर अब तक कोई जानकारी पुलिस ने नहीं दी है, वह तस्कर जिसने हत्यारोपी को तमंचा व पिस्टल सप्लाई की। घटना में देसी पिस्टल और कारतूस के अलावा एक तमंचा भी प्रयुक्त हुआ। हालांकि, गोली पिस्टल से ही चलाई गई। खुलासे के दौरान अफसरों ने बताया था कि पूछताछ के दौरान हत्यारोपी सौरभ ने कबूला था कि उसने 40 हजार में पिस्टल खरीदी थी। अफसराें ने तस्कर को चिह्नित कर लेने का भी दावा किया था। हालांकि, अब तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

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