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प्रयागराज में सेना के जवान को मारी गोली, हालत नाजुक
Wed, 03 Jul 2019 01:24 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2019 01:24 AM IST
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एग्रीकल्चर पुलिस चौकी अंतर्गत गोविंदपुर कालोनी में घर के अंदर मारी गई गोली में घायल सेना के जवान
- फोटो : NAINI
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प्रयागराज जिले के एग्रीकल्चरा पुलिस चौकी अंतर्गत गोविंदपुर कालोनी (चकराना तिवारी) मोहल्ले में मंगलवार की सुबह करीब 10.30 बजे सेना के जवान कन्हैया लाल द्विवेदी (40) को घर के अंदर गोली मार दी गई। गोली उसकी पीठ और सिर में लगी है। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए मिलिट्री हास्पिटल के चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर कर दिया है।
हमले के पीछे इलाके के एक शातिर अपराधी के नाम की चर्चा है, जो हाल ही के दिनों में जमानत पर जेल से बाहर आया है। हालांकि अभी उनकी पत्नी गीता द्विवेदी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया है।
मूलत: बारा थाना क्षेत्र के सीध टिकट गांव निवासी कन्हैयालाल द्विवेदी (40) पुत्र स्वर्गीय केदारनाथ द्विवेदी 508 आर्मी बेस, किला में तैनात नायक के पद पर तैनात हैं।। इस समय वह केंद्रीय आयुध भंडार छिवकी, नैनी (सीओडी) के डीएससी से संबद्ध चल रहे थे। उन्होंने सीओडी छिवकी से करीब डेढ़ किमी दूर जमीन लेकर तीन साल पहले मकान बनवाया था।
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पत्नी मधु द्विवेदी व चार बच्चों बड़ी बेटी आस्था उर्फ वैष्णवी (20), छोटी बेटी प्रिया उर्फ रक्षा द्विवेदी (13), बेटे राज द्विवेदी और रिषभ द्विवेदी के साथ रहते हैं। उनके भतीजे सुमित द्विवेदी ने बताया कि रोज की तरह मंगलवार को सुबह करीब 10.30 बजे वह साइकिल से ड्यूटी से घर लौटे। छोटा वाला गेट खुद खोलकर अंदर चले गए। पोर्च में साइकिल खड़ी करके वह अंदर जाने लगे, तभी बाहर से आए दो लोगों ने पीछे से उन्हें गोली मार दी।
उनके एक गोली पीठ पर और दूसरी गोली सिर में लगी, जिससे वह वहीं गिर गए। घर के अंदर उनकी दोनों बेटियां आस्था और प्रीती थी। पिता की आवाज सुनकर बाहर आईं तो देखा कि पिता खून से लथपथ थे। फायरिंग की आवाज सुनकर आस-पास के भी लोग चौंके। पुलिस को सूचना दी गई।
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हमले के पीछे इलाके के एक शातिर अपराधी के नाम की चर्चा है, जो हाल ही के दिनों में जमानत पर जेल से बाहर आया है। हालांकि अभी उनकी पत्नी गीता द्विवेदी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया है।
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मूलत: बारा थाना क्षेत्र के सीध टिकट गांव निवासी कन्हैयालाल द्विवेदी (40) पुत्र स्वर्गीय केदारनाथ द्विवेदी 508 आर्मी बेस, किला में तैनात नायक के पद पर तैनात हैं।। इस समय वह केंद्रीय आयुध भंडार छिवकी, नैनी (सीओडी) के डीएससी से संबद्ध चल रहे थे। उन्होंने सीओडी छिवकी से करीब डेढ़ किमी दूर जमीन लेकर तीन साल पहले मकान बनवाया था।
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पत्नी मधु द्विवेदी व चार बच्चों बड़ी बेटी आस्था उर्फ वैष्णवी (20), छोटी बेटी प्रिया उर्फ रक्षा द्विवेदी (13), बेटे राज द्विवेदी और रिषभ द्विवेदी के साथ रहते हैं। उनके भतीजे सुमित द्विवेदी ने बताया कि रोज की तरह मंगलवार को सुबह करीब 10.30 बजे वह साइकिल से ड्यूटी से घर लौटे। छोटा वाला गेट खुद खोलकर अंदर चले गए। पोर्च में साइकिल खड़ी करके वह अंदर जाने लगे, तभी बाहर से आए दो लोगों ने पीछे से उन्हें गोली मार दी।
उनके एक गोली पीठ पर और दूसरी गोली सिर में लगी, जिससे वह वहीं गिर गए। घर के अंदर उनकी दोनों बेटियां आस्था और प्रीती थी। पिता की आवाज सुनकर बाहर आईं तो देखा कि पिता खून से लथपथ थे। फायरिंग की आवाज सुनकर आस-पास के भी लोग चौंके। पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस पहुंची और घायल सेना के जवान को सीएचसी चाका ले गई। जहां से उन्हें एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। पता चलने पर सीओ करछना और एसपी यमुनापार भी दल बल के साथ पहुंचे। एसआरएन अस्पताल से परिजन मिलट्री हास्पिटल ले गए। जहां हालत बेहद नाजुक हालत में एयर एंबूलेंस से लखनऊ भेज दिया गया।
हमले के लगभग दो घंटे बाद ही पुलिस ने आधा दर्जन संदिग्धों को उठा लिया। चकराना तिवारी के पास से स्कार्पियों सवार चार लोगों को उठाया गया। धनुहां गांव में भी दबिश देकर तीन को उठाया गया है। इंस्पेक्टर नैनी बीके सिंह ने बताया कि पुलिस को सुराग मिल चुका है, हमलावरों की तलाश की जा रही है। जल्द ही खुलासा हो जाएगा।
पत्नी दोनों बेटों को लेकर गई थी मायके
कन्हैयालाल की पत्नी गीता द्विवेदी ने बताया कि वह बेटों राज और रिषभ को लेकर अपने मायके चाकघाट गई थी। घर पर दोनों बेटियां व कन्हैयालाल ही थे। बड़ी बेटी आस्था ने घटना की सूचना मां गीता द्विवेदी को सूचना दी। गीता द्विवेदी का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। गोली किसने मारी, इसकी जानकारी नहीं है।
दो दिन बाद लखनऊ जाने वाले थे कन्हैयालाल
कन्हैयालाल दो दिन बाद लखनऊ अपना चेकअप कराने जाने वाले थे। उन्होंने बैग में अपना सारा सामान पैक कर रखा था। क्योकि 508 आर्मी बेस, किला में उनसे कहा गया था कि उनकी कैटेगरी लगातार गिर रही है। इसलिए वह रिटायरमेंट ले लें, जबकि वह नौकरी करना चाहते थे। इसके लिए लखनऊ से उन्हें चेकअप कराकर प्रमाण पत्र लाने को कहा गया था। उसी के लिए वह जाने वाले थे लेकिन, उससे पहले यह हादसा हो गया।
हमले के लगभग दो घंटे बाद ही पुलिस ने आधा दर्जन संदिग्धों को उठा लिया। चकराना तिवारी के पास से स्कार्पियों सवार चार लोगों को उठाया गया। धनुहां गांव में भी दबिश देकर तीन को उठाया गया है। इंस्पेक्टर नैनी बीके सिंह ने बताया कि पुलिस को सुराग मिल चुका है, हमलावरों की तलाश की जा रही है। जल्द ही खुलासा हो जाएगा।
पत्नी दोनों बेटों को लेकर गई थी मायके
कन्हैयालाल की पत्नी गीता द्विवेदी ने बताया कि वह बेटों राज और रिषभ को लेकर अपने मायके चाकघाट गई थी। घर पर दोनों बेटियां व कन्हैयालाल ही थे। बड़ी बेटी आस्था ने घटना की सूचना मां गीता द्विवेदी को सूचना दी। गीता द्विवेदी का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। गोली किसने मारी, इसकी जानकारी नहीं है।
दो दिन बाद लखनऊ जाने वाले थे कन्हैयालाल
कन्हैयालाल दो दिन बाद लखनऊ अपना चेकअप कराने जाने वाले थे। उन्होंने बैग में अपना सारा सामान पैक कर रखा था। क्योकि 508 आर्मी बेस, किला में उनसे कहा गया था कि उनकी कैटेगरी लगातार गिर रही है। इसलिए वह रिटायरमेंट ले लें, जबकि वह नौकरी करना चाहते थे। इसके लिए लखनऊ से उन्हें चेकअप कराकर प्रमाण पत्र लाने को कहा गया था। उसी के लिए वह जाने वाले थे लेकिन, उससे पहले यह हादसा हो गया।
हमलावरों से हुई थी गुत्थम गुत्था?
सेना के जवान को बावर्दी घर के अंदर गोली मारने की घटना से हड़कंप मच गया। सूचना पर इलाकाई पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच भी एक्टिव हो गई। मौके पर पहुंचकर क्राइम ब्रांच ने पहले घटनास्थल और उसके आस-पास गहनता से छानबीन की। फिर वहां सक्रिय मोबाइलों का सीडीआर निकाला।
क्राइम ब्रांच की छानबीन के दौरान ही यह पता चला कि घरवाले कुछ तो छिपा रहे हैं, क्योंकि वहां आस-पास के कुछ लोगों ने दबी जुबान से बताया कि फायरिंग से पहले घर से करीब 10 से 15 तक मारपीट की आवाज आ रही थी। घटनास्थल के भी जो हालात थे, उससे स्पष्ट लग रहा था कि जैसे वहां पर पहले दो-तीन लोगों के बीच गुत्थमगुत्थी हुई हो। उसके गोली मारी गई हो।
दूसरा कन्हैयालाल की पत्नी का मायके चाकघाट से मात्र एक घंटे में नैनी पहुंचना भी पुलिस टीम को समझ नहीं आ रहा है। फायरिंग की आवाज सुनने के बावजूद मकान में मौजूद उनकी बेटियों का हमलावरों को न देख पाना भी अभी अनुत्तरित है। कुछ लोगों का कहना है कि हमलावर घर के अंदर ही मौजूद ही मौजूद थे। पुलिस टीम इसमें पति-पत्नी और बच्चों के रिश्तों की स्थिति भी खंगाल रही है।
दो साल पहले भी इसी घर में हुआ था कन्हैयालाल पर हमला
नैनी। इससे पहले भी कन्हैयालाल पर इसी घर में दो साल पहले इसी तरह जानलेवा हमला किया गया था। जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे। उसमें भी इलाके के एक आपराधिक प्रवृत्ति के युवक का नाम आया था। हालांकि बाद में उन्होंने आपस में सुलह कर ली थी। जिससे उस हमले में कोई लिखापढ़ी नहीं हुई थी। चर्चा है कि इस बार भी उसी आपराधिक प्रवृत्ति के युवक ने हमला कराया है।
सेना के जवान को बावर्दी घर के अंदर गोली मारने की घटना से हड़कंप मच गया। सूचना पर इलाकाई पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच भी एक्टिव हो गई। मौके पर पहुंचकर क्राइम ब्रांच ने पहले घटनास्थल और उसके आस-पास गहनता से छानबीन की। फिर वहां सक्रिय मोबाइलों का सीडीआर निकाला।
क्राइम ब्रांच की छानबीन के दौरान ही यह पता चला कि घरवाले कुछ तो छिपा रहे हैं, क्योंकि वहां आस-पास के कुछ लोगों ने दबी जुबान से बताया कि फायरिंग से पहले घर से करीब 10 से 15 तक मारपीट की आवाज आ रही थी। घटनास्थल के भी जो हालात थे, उससे स्पष्ट लग रहा था कि जैसे वहां पर पहले दो-तीन लोगों के बीच गुत्थमगुत्थी हुई हो। उसके गोली मारी गई हो।
दूसरा कन्हैयालाल की पत्नी का मायके चाकघाट से मात्र एक घंटे में नैनी पहुंचना भी पुलिस टीम को समझ नहीं आ रहा है। फायरिंग की आवाज सुनने के बावजूद मकान में मौजूद उनकी बेटियों का हमलावरों को न देख पाना भी अभी अनुत्तरित है। कुछ लोगों का कहना है कि हमलावर घर के अंदर ही मौजूद ही मौजूद थे। पुलिस टीम इसमें पति-पत्नी और बच्चों के रिश्तों की स्थिति भी खंगाल रही है।
दो साल पहले भी इसी घर में हुआ था कन्हैयालाल पर हमला
नैनी। इससे पहले भी कन्हैयालाल पर इसी घर में दो साल पहले इसी तरह जानलेवा हमला किया गया था। जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे। उसमें भी इलाके के एक आपराधिक प्रवृत्ति के युवक का नाम आया था। हालांकि बाद में उन्होंने आपस में सुलह कर ली थी। जिससे उस हमले में कोई लिखापढ़ी नहीं हुई थी। चर्चा है कि इस बार भी उसी आपराधिक प्रवृत्ति के युवक ने हमला कराया है।