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राज्य विवि में प्रवेश के लिए इस माह के अंत तक शुरू होंगे आवेदन
Fri, 16 Jul 2021 07:54 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 16 Jul 2021 07:54 PM IST
सार
- कोविड के कारण प्रवेश परीक्षा में बाधा, मेरिट के आधार पर प्रवेश लेने की तैयारी
- पहली बार विश्वविद्यालय परिसर में शुरू होगी स्नातक की पढ़ाई, सीबीसीएस लागू
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prayagraj news: Rajju Bhaiya State University Prayagraj
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में सत्र 2021-22 के तहत स्नातक एवं परास्नातक में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया इस माह के अंत में शुरू किए जाने की तैयारी है। विश्वविद्यालय परिसर में पहली बार स्नातक की पढ़ाई भी शुरू होने जा रही हैं। इसके तहत बीए और बीकॉम में प्रवेश के लिए जाएंगे। कोविड के कारण प्रवेश परीक्षा का आयोजन मुश्किल होगा। ऐसे में सीधे मेरिट के आधार पर प्रवेश लिए जाने की तैयारी है। यानी स्नातक में इंटरमीडिएट की परीक्षा में मिले अंकों और परास्नातक में स्नातक में मिले अंकों के आधार पर प्रवेश लिए जाएंगे।
स्नातक में पांच वर्षीय चार इंटीग्रेटेड (एकीकृत) पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। यानी बीए में प्रवेश लेने वाले छात्रों को एमए और बीकॉम में प्रवेश लेने वाले छात्रों को एमकॉम में प्रवेश लेने के लिए अलग से परीक्षा नहीं देनी होगी। बीए में पाठ्यक्रमों के तीन कॉम्बिनेशन उपलब्ध रहेंगे। बीए के तीनों कॉम्बिनेशन और बीकॉम में 60-60 सीटों यानी कुल 240 सीटों पर प्रवेश लिए जाएंगे। पाठ्यक्रम च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) एवं सेमेस्टर प्रणाली आधारित होंगे।
वहीं, परास्नातक स्तर पर कुल 11 विषयों में सीबीसीएस प्रणाली लागू होगी। इसमें क्रेडिट एवं ग्रेडिंग प्रणाली के तहत मूल्यांकन होगा। राज्य विवि परिसर में प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व, राजनीति विज्ञान, रक्षा अध्ययन, वाणिज्य, भूगोल, समाजशास्त्र, समाजकार्य, हिंदी, व्यवहारिक अर्थशास्त्र, संस्कृत, दर्शनशास्त्र के परास्नातक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कोविड के कारण सत्र पहले से ही काफी पिछड़ चुक है। ऐसे में राज्य विवि प्रशासन ने इस माह के अंत में स्नातक एवं परास्नातक में प्रवेश के लिए ऑनलाइन मोड में आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है।
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स्नातक में पांच वर्षीय चार इंटीग्रेटेड (एकीकृत) पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। यानी बीए में प्रवेश लेने वाले छात्रों को एमए और बीकॉम में प्रवेश लेने वाले छात्रों को एमकॉम में प्रवेश लेने के लिए अलग से परीक्षा नहीं देनी होगी। बीए में पाठ्यक्रमों के तीन कॉम्बिनेशन उपलब्ध रहेंगे। बीए के तीनों कॉम्बिनेशन और बीकॉम में 60-60 सीटों यानी कुल 240 सीटों पर प्रवेश लिए जाएंगे। पाठ्यक्रम च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) एवं सेमेस्टर प्रणाली आधारित होंगे।
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वहीं, परास्नातक स्तर पर कुल 11 विषयों में सीबीसीएस प्रणाली लागू होगी। इसमें क्रेडिट एवं ग्रेडिंग प्रणाली के तहत मूल्यांकन होगा। राज्य विवि परिसर में प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व, राजनीति विज्ञान, रक्षा अध्ययन, वाणिज्य, भूगोल, समाजशास्त्र, समाजकार्य, हिंदी, व्यवहारिक अर्थशास्त्र, संस्कृत, दर्शनशास्त्र के परास्नातक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कोविड के कारण सत्र पहले से ही काफी पिछड़ चुक है। ऐसे में राज्य विवि प्रशासन ने इस माह के अंत में स्नातक एवं परास्नातक में प्रवेश के लिए ऑनलाइन मोड में आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है।
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