प्रयागराज : हिंदू राष्ट्र वाले बयान पर सीएम योगी के खिलाफ दाखिल अपील खारिज, कोर्ट ने कहा- याचिका पोषणीय नहीं
इलाहाबाद जिला न्यायालय ने हिंदू राष्ट्र वाले बयान पर सीएम योगी के खिलाफ दाखिल 156 (3) की अपील को पोषणीयता के आधार पर खारिज कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि प्रतिवादी सीएम योगी द्वारा दिया गया वक्तव्य उसके क्षेत्राधिकार से बाहर है।
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इलाहाबाद जिला न्यायालय ने हिंदू राष्ट्र वाले बयान पर सीएम योगी के खिलाफ दाखिल 156 (3) की अपील को पोषणीयता के आधार पर खारिज कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि प्रतिवादी सीएम योगी द्वारा दिया गया वक्तव्य उसके क्षेत्राधिकार से बाहर है। प्रतिवादी ने अपना वक्तव्य लखनऊ में दिया है। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 177 के प्रावधानों को दृष्टिगत रखते हुए प्रार्थनापत्र जिला न्यायालय के क्षेत्राधिकार से परे हैं। लिहाजा, अपील को खारिज किया जाता है।
यह आदेश प्रभारी जिला जज सिद्धार्थ कुमार ने आजम राईन की पुनर्निरीक्षण अर्जी पर दिया है। याची की ओर से आरोप लगाया गया कि सीएम योगी ने 16 फरवरी 2023 को वक्तव्य दिया कि भारत हिंदू राष्ट्र है और यहां का हर नागरिक हिंदू है। यह वक्तव्य भारत के संविधान की प्रस्तावना का उल्लंघन करता है। जबकि, सीएम योगी ने भारतीय संविधान का अनुपालन सत्यनिष्ठा से करने की शपथ ली है।
सीएम योगी ने इस तरह का वक्तव्य देकर उक्त शपथ का उल्लंघन करने के साथ ही संविधान में वर्णित धर्म निरपेक्षता का भी उल्लंघन किया है। याची मुस्लिम है और इस्लाम धर्म का अनुयायी है। प्रतिवादी को भारत के सभी नागरिकों को हिंदू घोषित करने का अधिकार नहीं है। उनके द्वारा दिया गया वक्तव्य विधि विरुद्ध व दंडनीय है। लिहाजा, सीएम योगी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाए।
जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि द्वारा पुनर्निरीक्षण अर्जी की पोषणीयता पर सवाल उठाया गया। कहा गया कि प्रतिवादी ने अपना वक्तव्य लखनऊ में दिया था, जो कि जिला न्यायालय इलाहाबाद के क्षेत्राधिकार के बाहर है। सीजीएम न्यायालय ने इसी आधार पर पहले ही अर्जी खारिज कर दी है। लिहाजा, इसे भी खारिज किया जाए। न्यायालय ने इसे आधार मानते हुए सीएम के खिलाफ पुनर्निनरीक्षण अर्जी को खारिज कर दिया।