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हाईकोर्ट : रिश्वत मांगने के आरोपी पूर्व वन राज्य मंत्री को अग्रिम जमानत, कोर्ट ने लगाई यह शर्त

Mon, 15 Apr 2024 12:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 15 Apr 2024 12:04 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री डॉ.रामआश्रय सिंह कुशवाहा की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। उक्त फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने मुकदमे के शीघ्र निपटान में सहयोग करने को भी कहा। यह भी कि जब तक अपरिहार्य न हो, प्रत्येक तारीख पर नियमित रूप से अदालत में उपस्थित होंगे।

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Anticipatory bail to former Minister of State for Forest accused of demanding bribe, court imposed this condit
जमानत अर्जी मंजूर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री डॉ.रामआश्रय सिंह कुशवाहा की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। उक्त फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने मुकदमे के शीघ्र निपटान में सहयोग करने को भी कहा। यह भी कि जब तक अपरिहार्य न हो, प्रत्येक तारीख पर नियमित रूप से अदालत में उपस्थित होंगे।

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साथ ही आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। सुबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। मुकदमे से जुड़े लोगों को धमकी या प्रलोभन आदि नहीं देंगे। इसका उल्लंघन करने पर ट्रायल कोर्ट जमानत रद्द करने के लिए स्वतंत्र है। बता दें कि बहराइच स्थित अवध वुड प्रोडक्ट्स एंड अवध फर्टिलाइजर्स कंपनी ने पूर्व वन राज्य मंत्री डॉ.रामआश्रय सिंह कुशवाहा और उनके पीआरओ पर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
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आरोप पर सात सितंबर 2000 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत थाना मोतीनगर, जिला बहराइच में मुकदमा दर्ज किया गया। आवेदक के वकील वीपी श्रीवास्तव ने कहा, आवेदक के खिलाफ रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है, लेकिन इस बारे में कोई विश्वसनीय सुबूत नहीं हैं।यह भी बताया कि आवेदक ने शीर्ष न्यायालय के 13 अगस्त 2020 के आदेश के साथ-साथ इस न्यायालय के 29 सितंबर 2020 के आदेश से मिली अंतरिम सुरक्षा की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया है। ऐसे में यदि अग्रिम जमानत दी जाती है, तो वह स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अग्रिम जमानत आवेदन स्वीकार कर लिया।

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