{"_id":"6a2b1e049a9b46224d0c0ab7","slug":"anticipatory-bail-granted-to-accused-in-case-involving-circulation-of-ai-generated-obscene-photos-allahabad-news-c-3-ald1024-904796-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: एआई जनरेटेड अश्लील फोटो वायरल करने के मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: एआई जनरेटेड अश्लील फोटो वायरल करने के मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत
विज्ञापन
। जिला अदालत ने एआई जनरेटेड अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश राहुल सिंह ने दिया।
आरोपी अर्श श्रीवास्तव के खिलाफ कैंट थाने में वसूली, धमकी और आईटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है।पीड़ित ने आरोप लगाया था कि पारिवारिक विवाद से जुड़े प्रकरण में पैरवी करने के कारण उन्हें धमकाया गया। एआई तकनीक से उनकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल की गई। साथ ही 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का भी आरोप लगाया गया।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि अर्श श्रीवास्तव निर्दोष है। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। वहीं, अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर एआई जनरेटेड अश्लील सामग्री वायरल की और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर अपराध किए हैं।
विज्ञापन
अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर अग्रिम जमानत मंजूर कर दी। साथ ही आरोपी को विवेचना में सहयोग करने, गवाहों को प्रभावित न करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने और न्यायालय की अनुमति के बिना देश न छोड़ने की शर्तें लगाई गई हैं।
विज्ञापन
आरोपी अर्श श्रीवास्तव के खिलाफ कैंट थाने में वसूली, धमकी और आईटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है।पीड़ित ने आरोप लगाया था कि पारिवारिक विवाद से जुड़े प्रकरण में पैरवी करने के कारण उन्हें धमकाया गया। एआई तकनीक से उनकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल की गई। साथ ही 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का भी आरोप लगाया गया।
विज्ञापन
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि अर्श श्रीवास्तव निर्दोष है। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। वहीं, अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर एआई जनरेटेड अश्लील सामग्री वायरल की और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर अपराध किए हैं।
विज्ञापन
अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर अग्रिम जमानत मंजूर कर दी। साथ ही आरोपी को विवेचना में सहयोग करने, गवाहों को प्रभावित न करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने और न्यायालय की अनुमति के बिना देश न छोड़ने की शर्तें लगाई गई हैं।