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प्रयागराजः आरक्षित वर्ग के मेधावियों को जिला आवंटन का एक और मौका
Tue, 14 Jul 2020 10:31 PM IST
विनोद सिंह
news desk amarujala prayagraj
news desk amarujala prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 14 Jul 2020 10:31 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद को सहायक अध्यापक पद पर चयनित अभ्यर्थियों को जिला आवंटन के मामले में हाईकोर्ट के 29 अगस्त 2019 के आदेश का पालन करने का एक और मौका दिया है। कोर्ट ने कहा कि कोरोना संकट की वजह से प्रशासनिक कार्यों में अड़चन आई है।
ऐसे में अधिकारियों को कुछ छूट देनी होगी मगर किसी संविधानिक आदेश को सिर्फ इस महामारी की आड़ में लटकाया नहीं जा सकता है और कोर्ट के आदेश का अनुपालन करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। दीपक कुमार और 241 अन्य तथा सैकड़ों अन्य अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने दिया है।
याचीगण का कहना था कि आरक्षित वर्ग के मेधावी छात्रों को (एमआरसी) को हाईकोर्ट ने उनकी कैटेगरी के मुताबिक प्राथमिकता वाले जिलों का आवंटन करने पर निर्णय लेने का आदेश दिया था। आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया है। इसलिए अवमानना याचिका दाखिल की गई।
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सरकार के अधिवक्ता का कहना था कि कोरोना संकट की वजह से आदेश के अनुपालन में विलंब हुआ है। अनलॉक लागू होने के बाद सरकार का कामकाज अब सामान्य होता जा रहा है और जल्दी ही आदेश का पालन किया जाएगा। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को याचीगण के प्रत्यावेदन पर तीन माह में आदेश का पालन सुनिश्वित करने और इसकी सूचना याचीगण को देने का निर्देश दिया है।
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ऐसे में अधिकारियों को कुछ छूट देनी होगी मगर किसी संविधानिक आदेश को सिर्फ इस महामारी की आड़ में लटकाया नहीं जा सकता है और कोर्ट के आदेश का अनुपालन करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। दीपक कुमार और 241 अन्य तथा सैकड़ों अन्य अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने दिया है।
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याचीगण का कहना था कि आरक्षित वर्ग के मेधावी छात्रों को (एमआरसी) को हाईकोर्ट ने उनकी कैटेगरी के मुताबिक प्राथमिकता वाले जिलों का आवंटन करने पर निर्णय लेने का आदेश दिया था। आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया है। इसलिए अवमानना याचिका दाखिल की गई।
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सरकार के अधिवक्ता का कहना था कि कोरोना संकट की वजह से आदेश के अनुपालन में विलंब हुआ है। अनलॉक लागू होने के बाद सरकार का कामकाज अब सामान्य होता जा रहा है और जल्दी ही आदेश का पालन किया जाएगा। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को याचीगण के प्रत्यावेदन पर तीन माह में आदेश का पालन सुनिश्वित करने और इसकी सूचना याचीगण को देने का निर्देश दिया है।