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एक और ऑडियो वायरल, विवादों में वीसी

Tue, 18 Sep 2018 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 18 Sep 2018 01:38 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को एक कॉल रिकार्डिंग का ऑडियो जारी कर एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र ने सनसनी फैला दी। उनका आरोप है कि इस ऑडियो में महिला से बात करने वाले पुरुष इविवि के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू हैं। हालांकि, कुलपति ने इस बात से इनकार किया है कि रोहित की ओर से जारी ऑडियो में उनकी आवाज है।

कॉल रिकॉर्डिंग 33 मिनट 20 सेकेंड की है। रोहित का दावा है कि ऑडियो पूरी तरह से सही है। इस ऑडियो के आधार पर रोहित ने मांग की है कि इसकी जांच कराई जाए और कुलपति तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। उधर, इविवि के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू का कहना है कि इस ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है। तकनीकी के इस दौर में कोई भी ऐसा आसानी से कर सकता है। कुलपति ने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, इविवि के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) डॉ. चितरंजन कुमार सिंह ने रोहित मिश्र के आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि हमें इस पूरे षड्यंत्र को समझना होगा। इसमें वहीं लोग हैं, जो पिछले कई दिनों से विश्वविद्यालय के माहौल को अशांत करना चाहते हैं। पीआरओ का कहना है कि कुछ दिनों पहले इन्होंने कुलपति के नाम से फर्जी व्हाट्सएप चैट जारी किया था। ऐसे लोग विश्वविद्यालय के वातावरण का अशांत करना चाहते हैं और कुलपति को दबाव में लाना चाहते हैं।
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इविवि के पीआरओ ने ऑडियो पर जारी किया स्पष्टीकरण
- एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री रोहित मिश्र की ओर से जारी ऑडियो टेप को लेकर इविवि के पीआरओ डॉ. चितरंजन कुमार सिंह ने स्पष्टीकरण जारी किया है। डॉ. चितरंजन के मुताबिक जिस ऑडियो टेप को सनसनी बनाकर रोहित मिश्र ने मीडिया के सामने प्रस्तुत किया, उस ऑडियो टेप में सामान्य और दोस्ताना बातचीत के अलावा कुछ भी ऐसा अश्लील नहीं है, जिससे विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचे। हम इसमें कुलपति की आवाज की पुष्टि नहीं करते। हम इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं। वैसे भी इस बातचीत में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। इस बातचीत में दोनों की परस्पर सहमति दिख रही है। आखिर इस बातचीत में ऐसा क्या है, आप मीडिया के दोस्त जरा इसका क्रमवार विश्लेषण कीजिए:-
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बातचीत करने वाली महिला पुरुष से पूछ रही है कि आप कैसे हैं, क्या आप बैडमिंटन खेलते हैं, क्या आप चेस खेलते हैं। पुरुष स्वर ने महिला से यह पूछा कि दिल्ली में ठंड कितनी है। महिला ने तीन बार पुरुष से यह कहा कि मैं आपको अपना हीरो मानती हूं और आप पर मरती हूं। उसने अंग्रेजी में भी कहा ‘नेचुरली यू आर माई हीरो। यू आर डेफिनेटिली माई हीरो।’ बातचीत के कई हिस्से सामान्य और बहुत घरेलू हैं। इसमें महिला कह रही है कि मैंने आज रात को रोटी, दाल, सब्जी और रायता खाया। मैं अच्छा खाना बनाना जानती हूं और बहुत अच्छे तरीके से मैं दही जमा लेती हूं।

महिला बात करने वाले पुरुष से यह भी कह रही है कि नीलाभ के जाने के बाद मुझे जीवन में बहुत अकेलापन लग रहा था। कमी महसूस हो रही थी। मैं जीवन से निराश होकर मर जाना चाहती थी। अर्थात महिला आत्महत्या के कगार पर थी। पुरुष स्वर ने उससे कहा कि मरने वालों के साथ मरा नहीं जाता। बस अपने काम में लगे रहो। महिला यह भी कह रही है कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बहुत कुछ बदला है। महिला ने बात करने वाले व्यक्ति से कहा कि मुझे आपमें कोई जरूर बात लगती है। महिला ने तीन बार बात करने वाले व्यक्ति को यह कहा कि आप बहुत खूबसूरत हैं। यह बात उसने तीन बार कही।

कथित रूप से जिस आवाज को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति की आवाज बताया जा रहा है, हम उसकी जांच की मांग करते हैं। इस बात में पुरुष स्वर ने बस इतना ही कहा है कि मैं परसो दिल्ली आऊंगा। तुमसे मिलूंगा। किसी के घर जाकर मिलने में कुछ भी अश्लील या गोपनीय नहीं है । महिला उनकी अगवानी के लिए खुशी-खुशी तैयार है। वह साफ कहती है कि मैं आपके लिए गाड़ी भेज दूंगी। अगर आप आ जाएंगे तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा। वह बात कर रहे व्यक्ति से दो बार कहती है कि आप आ जाइए । फिर कहती है कि मेरे घर पर बहुत बड़े-बड़े लोग आए हैं जिसमें वह मुंबई की कुछ प्रसिद्ध हस्तियों के बारे में बताती है पर उनका नाम नहीं लेती है।

बातचीत में महिला कई बार हंसती है। अर्थात वह भय या किसी दबाव में नहीं है। वह कहती है कि मीरा स्मृति पुरस्कार लेने इलाहाबाद आई थी जहां मुझे आप मिल गए। उसने यह भी कहा कि आपके हाथ से पुरस्कार लेकर मैंने अपने आप को सम्मानित महसूस किया। अगर आप मेरे घर आएंगे तो मैं आपके लिए खाना बना दूंगी। महिला इस पूरी बातचीत में कई बार मृत्यु, अकेलेपन और निराशा की बात करती है। जिसपर बात कर रहे व्यक्ति ने कई बार कहा है अपने काम में लगे रहो मरना तो सबको एक दिन है।वह उसे पढ़ने और आगे बढ़ने की लिए कई बार कहते हैं।

रोहित ने पुलिस से मांगी सुरक्षा
- ऑडियो जारी करने वाले एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री रोहित कुमार मिश्र ने एसएसी को पत्र लिखकर इविवि के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू, उनके पूर्व ओएसडी अमित सिंह और चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे से खुद को जान का खतरा बताया है। साथ ही सुरक्षा की मांग की है। रोहित का कहना है कि उन्होंने कुलपति के खिलाफ ऑडियो जारी किया है। उनके पूर्व ओएसडी के खिलाफ कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज करा रखा है। रोहित का कहना है कि अगर उनके साथ कोई घटना होती है तो इसके लिए तीनों जिम्मेदार होंगे।


ऑटा अध्यक्ष ने की सीबीआई जांच की मांग
- इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) के अध्यक्ष एवं चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने ऑडियो वायरल किए जाने के मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। साथ ही कहा है कि जांच एक निर्धारित समय में हो और तब तक कुलपति को अपने पद पर नहीं रहना चाहिए।
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