बात सिविल लाइंस थाने के बाहर चल रहे धरने की थी, लेकिन इसे खत्म कराने में इंस्पेक्टर इतना भावुक हो जाएंगे, किसी ने सोचा नहीं था। मानमनौव्वल करते-करते अचानक वह इतना दुखी हुए कि वर्दी उतारकर खुद धरने पर बैठने की बात कहने लगे। फूट-फूटकर रोने भी लगे। यह देख प्रदर्शनकारियों का भी दिल पसीज गया और उन्होंने झट से धरना खत्म कर दिया।
Prayagraj : पिटाई से आक्रोशित छात्र थाने पर धरने पर बैठे, छात्रों को मनाने में रो पड़े इंस्पेक्टर, वीडियो
दो दिन पहले हिंदू हॉस्टल के पास कार से बाइक टकरा जाने के बाद कार सवार लोगों ने बाइक सवार सत्यम कुशवाहा और आदर्श भदौरिया को जमकर पीट दिया था। घायल छात्रों का आरोप है कि आरोपियों ने तमंचे की बट से उनके सिर पर गंभीर प्रहार किया और दहशत पैदा करने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग भी की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या के प्रयास व लूट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी सिविल लाइंस पुलिस लीपापोती कर रही है। घटना में प्रयुक्त क्रेटा कार को अगले ही दिन बरामद करते हुए मालिक बेनीगंज निवासी शुभम पांडेय को हिरासत में ले लिया था।
उन्होेंने यह भी आरोप लगाया कि घटना में शुभम भी शामिल था। लेकिन तीन दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप लगाया कि पुलिस उसका शांतिभंग में चालान कर मामला रफा दफा करने की तैयारी में है। थाने के बाहर छात्रों के धरने पर बैठने की सूचना पर इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव पहुंचे और उन्हें हटाने की कोशिश की। लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। उनके साथ कई छात्र भी थे, ऐसे में एहतियातन शाहगंज व अतरसुइया थाने की फोर्स भी बुला ली गई।
इस दौरान बड़ी संख्या में वहां अधिवक्ता भी पहुंच गए और उन्होंने भी धरने पर बैठे दोनों छात्रों को समझाया। काफी मान-मनौव्वल पर करीब एक घंटे बाद दोनों छात्रों को उठाया जा सका।
इसके बाद उन्हें समझाकर भेज दिया गया। मामले में सिविल लाइंस थाने के प्रभारी एएसआई इंद्रदेव द्विवेदी ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक अवकाश पर चले गए हैं। शुभम पांडेय का शांतिभंग में चालान किया गया है।
छात्रों को मनाते फफक पड़े इंस्पेक्टर
थाने पर हंगामे के दौरान हुई एक घटना चर्चा का विषय बनी रही। दरअसल इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव धरने पर बैठे दोनों छात्रों को हटाने के लिए मानमनौव्वल कर रहे थे। काफी देर बाद भी छात्र नहीं हटे तो इंस्पेक्टर भावुक होकर फफक पड़े और अपनी वर्दी उतारने लगे। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र नहीं हटते हैं तो वह खुद धरने पर बैठेंगे। इस पर वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने समझाया तब जाकर छात्र धरने खत्म करने को राजी हुए।
यह था मामला
11 नवंबर की रात नाजरेथ अस्पताल के पास कार सवार युवकों का स्कूटी से जा रहे सत्यम व आदर्श से विवाद हो गया था। आरोप है कि इसके बाद कार सवारों ने दोनों को जमकर पीटा था। आरोप है कि पिस्टल सटाई गई और रुपये भी लूट लिए गए। पुलिस ने इस मामले में लूट, हत्या का प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
छात्रों ने विरोध में निकाला शांति मार्च
साथियों के समर्थन में बड़ी संख्या में जुटे छात्रों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन से बालसन चौराहे पर स्थित गांधी प्रतिमा तक शांति मार्च निकाला। साथ ही सिविल लाइंस पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाकर आक्रोश भी व्यक्त किया। भुक्तभोगी सत्यम ने कहा कि न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान नीरज प्रताप, राहुल पटेल, शिवशंकर, मुबाशिर हारून समेत अन्य मौजूद रहे।